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प्राकृतिक चिकित्सा के जरिये समाज को मिल सकता है नया जीवन
Sat, 20 Apr 2019 11:49 PM IST
दीपक नेगी
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
Published by: दीपक नेगी
Updated Sat, 20 Apr 2019 11:49 PM IST
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अल्मोड़ा में आयोजित कार्यशाला में जानकारी देते डा. नवदीप जोशी।
- फोटो : amar ujala
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एसएसजे परिसर अल्मोड़ा के योग शिक्षा विभाग की ओर से योग विभाग में वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों का चिकित्सकीय अनुप्रयोग विषय पर आयोजित दस दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में सातवें दिन प्राकृतिक चिकित्सक तथा नवयोग इंस्टीट्यूट आफ नई दिल्ली के योग एंड नैचरोपैथी साइंस के निदेशक डॉ. नवदीप जोशी ने प्राकृतिक चिकित्सा के तरीके बताए।
उन्होंने नादयोग के ध्यान विधि से कई रोगों के निवारण के लिए प्राकृतिक चिकित्सा के सिद्धांतों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यदि हम आहार विहार ठीक रखे तो किसी भी प्रकार की औषधि तथा चिकित्सा की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। मौसम तथा दिनचर्या के अनुसार ही हमारा आहार होना आवश्यक है। जिससे हम अपने वातृ, पित्त, कफ संबंधी सभी दोषों से दूर रह सकते हैं। योग विभागाध्यक्ष तथा कार्यशाला संयोजक डा. नवीन चंद्र भट्ट ने बताया कि प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से समाज को एक नया जीवन दे सकते हैं।
नवयोग हिलिंग विधि से कमर दर्द, सिर दर्द, तनाव, डिप्रेशन आदि रोगों की चिकित्सा दूर की जा सकती है। उन्होंने बताया कि 21 अप्रैल को विभिन्न महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं की राष्ट्रीय प्रतियोगिता होगी। कार्यशाला के समापन पर प्रतियोगिता में अव्वल रहे प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा। इस मौके पर डॉ. प्रेम प्रकाश पांडेय, डॉ. लल्लन कुमार सिंह, हेमलता अवस्थी, डॉ. प्रेम प्रकाश पांडेय आदि मौजूद थे।
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उन्होंने नादयोग के ध्यान विधि से कई रोगों के निवारण के लिए प्राकृतिक चिकित्सा के सिद्धांतों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यदि हम आहार विहार ठीक रखे तो किसी भी प्रकार की औषधि तथा चिकित्सा की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। मौसम तथा दिनचर्या के अनुसार ही हमारा आहार होना आवश्यक है। जिससे हम अपने वातृ, पित्त, कफ संबंधी सभी दोषों से दूर रह सकते हैं। योग विभागाध्यक्ष तथा कार्यशाला संयोजक डा. नवीन चंद्र भट्ट ने बताया कि प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से समाज को एक नया जीवन दे सकते हैं।
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नवयोग हिलिंग विधि से कमर दर्द, सिर दर्द, तनाव, डिप्रेशन आदि रोगों की चिकित्सा दूर की जा सकती है। उन्होंने बताया कि 21 अप्रैल को विभिन्न महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं की राष्ट्रीय प्रतियोगिता होगी। कार्यशाला के समापन पर प्रतियोगिता में अव्वल रहे प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा। इस मौके पर डॉ. प्रेम प्रकाश पांडेय, डॉ. लल्लन कुमार सिंह, हेमलता अवस्थी, डॉ. प्रेम प्रकाश पांडेय आदि मौजूद थे।
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