{"_id":"5dd6c1318ebc3e54921f5312","slug":"sanjay-mishra-arrived-yogta-ashram-ranikhet-news-hld3649227124","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्यूशन लेने का दबाव बनाने पर 11वीं की छात्रा ने लगा ली फांसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ट्यूशन लेने का दबाव बनाने पर 11वीं की छात्रा ने लगा ली फांसी
विज्ञापन
डॉ. नेहा शर्मा।
- फोटो : KASHIPUR
काशीपुर। गणित विषय की कोचिंग के लिए दबाव डालने से तनाव में आई एक छात्रा ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्रा की मां कंडे बनाकर घर लौटी तो बेटी को फंदे पर लटका देखा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। बेटी की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
खड़कपुर देवीपुरा निवासी पीआरडी कर्मी नंदाराम की ड्यूटी तहसील कार्यालय में हैं। उसकी सबसे छोटी बेटी प्रीती (16) तारावती सरोजनी देवी सरस्वती इंटर कॉलेज में कक्षा 11 की छात्रा थी। वह भौतिक और रसायन विज्ञान का ट्यूशन ले रही थी। परिजन उससे गणित विषय का ट्यूशन ज्वाइन करने को भी कह रहे थे।
सोमवार सुबह उसके पिता ड्यूटी पर चले गए। भाई आनंद अपनी आटा चक्की पर चला गया। दोनों बड़ी बहनें रूबी और स्वाति कोचिंग के लिए चली गईं जबकि मां कमलेश रेलवे पटरी के किनारे कंडे पाथने के लिए चली गई। घर में प्रीती अकेली थी। सुबह करीब 8:30 बजे प्रीती ने अपने कमरे में छत पर लगे कुंडे पर फंदा लगाकर फांसी लगा ली।
विज्ञापन
एक घंटे बाद उसकी मां कमलेश घर लौटी तो बेटी को फंदे पर लटका देख उनकी चीख निकल गई। कमलेश के रोने चिल्लाने की आवाज सुनकर वहां पहुंचे कॉलोनी के लोगों ने प्रीती के शव को नीचे उतारा। सूचना पर पहुंचे आईटीआई थाने के दरोगा ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतका की सबसे बड़ी बहन रोमा की शादी हो चुकी है। इस घटना से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
गणित में मजबूत पकड़ थी प्रीती की
काशीपुर। ट्यूशन को लेकर दबाव के चलते आत्महत्या करने वाली छात्रा प्रीती मेधावी थी। हाईस्कूल की परीक्षा उसने 82 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की थी। जिस गणित विषय का ट्यूशन पढ़ने से वह इनकार कर रही थी, उस विषय पर उसकी मजबूत पकड़ थी। हाईस्कूल में गणित की परीक्षा में उसके 98 प्रतिशत अंक थे। प्रीती का परिवार आर्थिक रूप से समृद्ध नहीं है।
पिता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ने के कारण भी वह तीसरा ट्यूशन नहीं लेने की बात कहती थी। प्रीती की एक बहन की शादी हो चुकी है। उसके अलावा उसकी दो और बहनें भी पढ़ाई कर रही हैं। ऐसे में तीन-तीन बच्चों की पढ़ाई के खर्च को लेकर भी वह चिंतित रहती थी लेकिन पिता तीनों बेटियों को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए हरसंभव कोशिश में लगे थे।
भावनात्मक असंतुलन के कारण होती है घटनाएं
काशीपुर। मनोचिकित्सक डॉ. नेहा शर्मा का कहना है कि संवेगात्मक और भावनात्मक असंतुलन के कारण आक्रोश में बच्चे इस तरह के आत्मघाती कदम उठाते हैं। ऐसी घटनाएं बच्चों में जिद के चलते मूड डिसऑर्डर के कारण होती है।
प्रारंभिक किशोरावस्था में बच्चों में मानसिक और हार्मोनिक बदलाव होता है। ऐसे में बच्चों को सही ढंग से समझाकर अपनी बातें मनवा सकते हैं। किशोर अपनी मनोदशा के चलते कल्पना में ज्यादा रहते हैं। ऐसे में बच्चों को ठीक तरीके से हैंडल किए जाने की आवश्यकता होती है।
विज्ञापन
खड़कपुर देवीपुरा निवासी पीआरडी कर्मी नंदाराम की ड्यूटी तहसील कार्यालय में हैं। उसकी सबसे छोटी बेटी प्रीती (16) तारावती सरोजनी देवी सरस्वती इंटर कॉलेज में कक्षा 11 की छात्रा थी। वह भौतिक और रसायन विज्ञान का ट्यूशन ले रही थी। परिजन उससे गणित विषय का ट्यूशन ज्वाइन करने को भी कह रहे थे।
विज्ञापन
सोमवार सुबह उसके पिता ड्यूटी पर चले गए। भाई आनंद अपनी आटा चक्की पर चला गया। दोनों बड़ी बहनें रूबी और स्वाति कोचिंग के लिए चली गईं जबकि मां कमलेश रेलवे पटरी के किनारे कंडे पाथने के लिए चली गई। घर में प्रीती अकेली थी। सुबह करीब 8:30 बजे प्रीती ने अपने कमरे में छत पर लगे कुंडे पर फंदा लगाकर फांसी लगा ली।
विज्ञापन
एक घंटे बाद उसकी मां कमलेश घर लौटी तो बेटी को फंदे पर लटका देख उनकी चीख निकल गई। कमलेश के रोने चिल्लाने की आवाज सुनकर वहां पहुंचे कॉलोनी के लोगों ने प्रीती के शव को नीचे उतारा। सूचना पर पहुंचे आईटीआई थाने के दरोगा ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतका की सबसे बड़ी बहन रोमा की शादी हो चुकी है। इस घटना से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
गणित में मजबूत पकड़ थी प्रीती की
काशीपुर। ट्यूशन को लेकर दबाव के चलते आत्महत्या करने वाली छात्रा प्रीती मेधावी थी। हाईस्कूल की परीक्षा उसने 82 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की थी। जिस गणित विषय का ट्यूशन पढ़ने से वह इनकार कर रही थी, उस विषय पर उसकी मजबूत पकड़ थी। हाईस्कूल में गणित की परीक्षा में उसके 98 प्रतिशत अंक थे। प्रीती का परिवार आर्थिक रूप से समृद्ध नहीं है।
पिता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ने के कारण भी वह तीसरा ट्यूशन नहीं लेने की बात कहती थी। प्रीती की एक बहन की शादी हो चुकी है। उसके अलावा उसकी दो और बहनें भी पढ़ाई कर रही हैं। ऐसे में तीन-तीन बच्चों की पढ़ाई के खर्च को लेकर भी वह चिंतित रहती थी लेकिन पिता तीनों बेटियों को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए हरसंभव कोशिश में लगे थे।
भावनात्मक असंतुलन के कारण होती है घटनाएं
काशीपुर। मनोचिकित्सक डॉ. नेहा शर्मा का कहना है कि संवेगात्मक और भावनात्मक असंतुलन के कारण आक्रोश में बच्चे इस तरह के आत्मघाती कदम उठाते हैं। ऐसी घटनाएं बच्चों में जिद के चलते मूड डिसऑर्डर के कारण होती है।
प्रारंभिक किशोरावस्था में बच्चों में मानसिक और हार्मोनिक बदलाव होता है। ऐसे में बच्चों को सही ढंग से समझाकर अपनी बातें मनवा सकते हैं। किशोर अपनी मनोदशा के चलते कल्पना में ज्यादा रहते हैं। ऐसे में बच्चों को ठीक तरीके से हैंडल किए जाने की आवश्यकता होती है।

प्रीति का फाइल फोटो।- फोटो : KASHIPUR