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कहा, प्रस्ताव भेजो, भेजा तो चुप बैठ गए
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
Updated Mon, 05 Feb 2018 10:21 PM IST
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राजकीय संग्रहालय अल्मोड़ा।
- फोटो : अमर उजाला
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पिछले वर्ष गर्मियों में प्रदेश के पर्यटन मंत्री ने अल्मोड़ा में बैठक कर राजकीय संग्रहालय को नया बनाने की कवायद शुरू करने के तहत नया संग्रहालय भवन बनाने के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजने के निर्देश दिए थे। संस्कृति निदेशालय स्तर पर प्रस्ताव बनाकर भेजे आठ माह बीत गए पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।
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17 नवंबर 1979 में मालरोड में पंडित गोविंद बल्लभ पंत राजकीय संग्रहालय की स्थापना की गई थी। करीब 39 साल बाद पिछले वर्ष संग्रहालय के लिए नया भवन बनाने पर विचार किया गया। संग्रहालय अधिकारियों के अनुसार वर्तमान भवन राजकीय संग्रहालय के अनुरूप नहीं है।
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जिस पर अधिकारियों ने संस्कृति विभाग से इसके लिए नया भवन बनाने का प्रस्ताव भेजा था। मालूम हो कि संग्रहालय स्थापित होने के बाद यहां दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व से 18वीं शताब्दी तक की बहुमूल्य पांडुलिपियां, तामपत्र, प्राचीन मूर्तियों के अलावा लोककला ऐपण, वाद्ययंत्र, पुराने जेवरात, सिक्के, किताबें, पर्वतीय क्षेत्रों में किसानों द्वारा प्रयोग की जाने वाली चीजों के अलावा पंडित गोविंद वल्लभ पंत से संबंधित महत्वपूर्ण सामग्री रखी हुई है, लेकिन बहुमूल्य वस्तुओं के संग्रहण के लिए भवन काफी पुराना होने के कारण इसको बदलने के लिए कई बार मांग उठने के बाद यह मामला बीते वर्ष जुलाई-अगस्त में अल्मोड़ा पहुंचे पर्यटन मंत्री के सामने भी आया।
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तब उन्होंने संग्रहालय भवन बनाने के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद पुराने हो चुके संग्रहालय को तोड़कर यहां नया भवन बनाने की कार्य योजना पर काम शुरू करते हुए विभाग ने शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया।
उसके बाद यह उम्मीद जगी थी कि शासन से स्वीकृति मिलने के बाद संग्रहालय को तोड़कर उसी स्थान पर नया संग्रहालय भवन तैयार हो जाएगा, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इधर राजकीय संग्रहालय प्रभारी ज्ञानेंद्र तिवारी ने बताया कि नया भवन बनाने के लिए संस्कृति निदेशालय को पिछले साल जुलाई में ही प्रस्ताव बनाकर भेज दिया गया था।