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Almora News: गगास नदी में खनन पट्टा आवंटन की सुगबुगाहट से ग्रामीणों में आक्रोश
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द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। तिपौला क्षेत्र की गगास नदी पर खनन पट्टा आवंटन की सुगबुगाहट से स्थानीय जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों में आक्रोश है। जनप्रतिनिधियों ने सोमवार को तहसील पहुंचकर एसडीएम सुनील कुमार राज के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई।
एसडीएम द्वाराहाट को संबोधित ज्ञापन में क्षेत्रवासियों ने आरोप लगाया है कि न्याय पंचायत पैठानी के ग्राम तिपौला में गगास नदी पर खनन पट्टा आवंटित किए जाने की सूचना है। बिना ग्राम सभा की सहमति के खनन पट्टा आवंटित किए जाने से क्षेत्रवासियों में रोष है। ज्ञापन में कहा गया है कि ग्रामीण किसानों की अर्थव्यवस्था का एकमात्र साधन कृषि है। संबंधित स्थान पर ग्रामीणों की कृषि भूमि है जिससे उनकी आजीविका जुड़ी हुई है। नदी का भू-कटाव साल दर साल बढ़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि यहां खनन कार्य शुरू होता है तो इससे खेती-किसानी को नुकसान पहुंचेगा और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। साथ ही इससे क्षेत्र में स्थित पुलों की सुरक्षा पर भी खतरा उत्पन्न हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि उक्त खनन पट्टे निरस्त किए जाएं और जनहित को ध्यान में रखते हुए किसी भी प्रकार की कार्रवाई से पहले ग्रामसभा की अनुमति अनिवार्य ली जाए। ज्ञापन में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
ज्ञापन में तिपौला प्रधान इंद्र सिंह रौतेला, पापडा प्रधान नीरज खाती, खडकेत प्रधान महेंद्र सिंह, कुन्स्यारी क्षेत्र पंचायत सदस्य सुंदर सिंह कुवार्बी, पापडा क्षेत्र पंचायत प्रभात नेगी, महिला मंगल दल अध्यक्ष उषा रौतेला, उषा देवी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।
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एसडीएम द्वाराहाट को संबोधित ज्ञापन में क्षेत्रवासियों ने आरोप लगाया है कि न्याय पंचायत पैठानी के ग्राम तिपौला में गगास नदी पर खनन पट्टा आवंटित किए जाने की सूचना है। बिना ग्राम सभा की सहमति के खनन पट्टा आवंटित किए जाने से क्षेत्रवासियों में रोष है। ज्ञापन में कहा गया है कि ग्रामीण किसानों की अर्थव्यवस्था का एकमात्र साधन कृषि है। संबंधित स्थान पर ग्रामीणों की कृषि भूमि है जिससे उनकी आजीविका जुड़ी हुई है। नदी का भू-कटाव साल दर साल बढ़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि यहां खनन कार्य शुरू होता है तो इससे खेती-किसानी को नुकसान पहुंचेगा और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। साथ ही इससे क्षेत्र में स्थित पुलों की सुरक्षा पर भी खतरा उत्पन्न हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि उक्त खनन पट्टे निरस्त किए जाएं और जनहित को ध्यान में रखते हुए किसी भी प्रकार की कार्रवाई से पहले ग्रामसभा की अनुमति अनिवार्य ली जाए। ज्ञापन में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
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ज्ञापन में तिपौला प्रधान इंद्र सिंह रौतेला, पापडा प्रधान नीरज खाती, खडकेत प्रधान महेंद्र सिंह, कुन्स्यारी क्षेत्र पंचायत सदस्य सुंदर सिंह कुवार्बी, पापडा क्षेत्र पंचायत प्रभात नेगी, महिला मंगल दल अध्यक्ष उषा रौतेला, उषा देवी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।
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