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सड़क निर्माण को जा रही जेसीबी सैन्य बैरियर पर रोकने से बवाल 18-00-53
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झूलादेवी बैरियर पर प्रदर्शन करते ग्रामीण। अमर उजाला
- फोटो : RANIKHET
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। झूलादेवी बैरियर पर सड़क निर्माण के लिए ले जाई जा रही जेसीबी मशीन को सैन्य बैरियर पर रोक दिए जाने से बवाल खड़ा हो गया। दरअसल, लंबी औपचारिकताओं के बाद चौबटिया-नागपानी-देहोली मोटर मार्ग को स्वीकृति मिली थी, शनिवार से कार्य शुरू होना था, लेकिन सेना ने बैरियर पर जेसीबी को किसी भी कीमत पर आगे नहीं बढ़ने दिया, आक्रोशित ग्रामीणों ने वहां पहुंचकर हंगामा काटा। बाद में संयुक्त मजिस्ट्रेट ने उच्चाधिकारियों से वार्ता करने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण माने।
बता दें कि सड़क नहीं होने के कारण चौबटिया के निचले क्षेत्र के ग्रामीणों को सड़क मार्ग तक पहुंचने के लिए छह से नौ किमी की पैदल दूरी तय करनी पड़ती है। ग्रामीण लंबे समय से चौबटिया-नागपानी-देहोली मोटर मार्ग निर्माण की मांग कर रहे थे।
2014-15 में तत्कालीन विधायक अजय टम्टा सहित तमाम जनप्रतिनिधियों के सहयोग से इस सड़क को मंजूरी मिली। इसके बाद वन विभाग की औपचारिकताएं भी पूरी हो गईं। अब मोटर मार्ग का निर्माण कार्य शुरू होना है। शनिवार को जैसे ही वहां जेसीबी मशीन ले जाई जा रही थी तो सैन्य बैरियर पर लगे सेना के लोगों ने जेसीबी को आगे जाने से मना कर दिया।
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बताया कि किसी भी तरह की मशीनरी ले जाने के आदेश नहीं हैं। सूचना मिलते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों का कहना था कि लंबे समय बाद सड़क को मंजूरी मिली है। ऐसे में सेना बार-बार ग्रामीणों के हितों के साथ खिलवाड़ कर रही है।
दो माह पूर्व सेना ने इस मार्ग को आम वाहनों की आवाजाही के लिए रोक दिया था। पूर्व प्रधान पीडी सती ने बताया कि पूर्व में सेना ने सड़क के लिए एनओसी भी दे दी थी। लेकिन बाद में उसे अचानक रद्द कर दिया। बैरियर पर ड्यूटी दे रहे सैन्य कर्मी कह रहे हैं कि मशीनों को आगे ले जाने की इजाजत नहीं है। इसके लिए यूबी एरिया से परमिशन लेनी होगी।
इधर छावनी के पूर्व सभासद उमेश पाठक सहित तमाम लोग बाद में संयुक्त मजिस्ट्रेट से मिले। संयुक्त मजिस्ट्रेट ने सैन्य उच्चाधिकारियों से वार्ता करने का आश्वासन दिया। यहां प्रदर्शन करने वालों में कालनू के प्रधान मोहन राम, पूर्व बीडीसी सदस्य कुंदन सिंह फर्त्याल, जीवन सिंह फर्त्याल, पूर्व प्रधान पीसी सती, कैलाश सती, पूरन सिंह, हेम सती सहित तमाम लोग शामिल थे।
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बता दें कि सड़क नहीं होने के कारण चौबटिया के निचले क्षेत्र के ग्रामीणों को सड़क मार्ग तक पहुंचने के लिए छह से नौ किमी की पैदल दूरी तय करनी पड़ती है। ग्रामीण लंबे समय से चौबटिया-नागपानी-देहोली मोटर मार्ग निर्माण की मांग कर रहे थे।
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2014-15 में तत्कालीन विधायक अजय टम्टा सहित तमाम जनप्रतिनिधियों के सहयोग से इस सड़क को मंजूरी मिली। इसके बाद वन विभाग की औपचारिकताएं भी पूरी हो गईं। अब मोटर मार्ग का निर्माण कार्य शुरू होना है। शनिवार को जैसे ही वहां जेसीबी मशीन ले जाई जा रही थी तो सैन्य बैरियर पर लगे सेना के लोगों ने जेसीबी को आगे जाने से मना कर दिया।
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बताया कि किसी भी तरह की मशीनरी ले जाने के आदेश नहीं हैं। सूचना मिलते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों का कहना था कि लंबे समय बाद सड़क को मंजूरी मिली है। ऐसे में सेना बार-बार ग्रामीणों के हितों के साथ खिलवाड़ कर रही है।
दो माह पूर्व सेना ने इस मार्ग को आम वाहनों की आवाजाही के लिए रोक दिया था। पूर्व प्रधान पीडी सती ने बताया कि पूर्व में सेना ने सड़क के लिए एनओसी भी दे दी थी। लेकिन बाद में उसे अचानक रद्द कर दिया। बैरियर पर ड्यूटी दे रहे सैन्य कर्मी कह रहे हैं कि मशीनों को आगे ले जाने की इजाजत नहीं है। इसके लिए यूबी एरिया से परमिशन लेनी होगी।
इधर छावनी के पूर्व सभासद उमेश पाठक सहित तमाम लोग बाद में संयुक्त मजिस्ट्रेट से मिले। संयुक्त मजिस्ट्रेट ने सैन्य उच्चाधिकारियों से वार्ता करने का आश्वासन दिया। यहां प्रदर्शन करने वालों में कालनू के प्रधान मोहन राम, पूर्व बीडीसी सदस्य कुंदन सिंह फर्त्याल, जीवन सिंह फर्त्याल, पूर्व प्रधान पीसी सती, कैलाश सती, पूरन सिंह, हेम सती सहित तमाम लोग शामिल थे।