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रिस्कन घाटी के ग्रामीणों का अनशन शुरू
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, द्वाराहाट (अल्मोड़ा)।
Updated Tue, 24 Mar 2015 12:24 AM IST
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जन समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर रिस्कन घाटी संघर्ष समिति के बैनर तले यहां ग्रामीणों ने क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। पहले दिन जिला पंचायत सदस्य सहित तीन लोग अनशन पर बैठे। ग्रामीणों ने मांगें पूरी होने के बाद ही संघर्ष खत्म करने का ऐलान किया। इधर दूर दराज के ग्रामीणों ने मौके पर आकर आंदोलन को अपना समर्थन जताया।
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ग्रामीण स्वीकृत रिस्कना पुल से खलना, पैठानी, नैणी, सिमलगांव मोटर मार्ग निर्माण, कांडे-सुरईखेत-द्वाराहाट-ईड़ा मार्ग में डामरीकरण हॉटमिक्स करने, बयेला-नाड़-फल्द्वाड़ी मोटर मार्ग का निर्माण, खलना-सुंआली, बेढुली पेयजल योजनाओं का पुनर्गठन, सिमलगांव में पशु चिकित्सक की नियुक्ति, बिमांडेश्वर बैराज का तत्काल निर्माण कार्य पूरा करने, एकल अध्यापक वाले विद्यालयों में अध्यापकों की नियुक्ति, बिमांडेश्वर शमशान स्थल पर विश्राम की व्यवस्था करने, रिस्कन नदी में जल संवर्धन के लिए चेकडैम का निर्माण, सुअरों, बंदरों, और तेंदुए से हो रहे नुकसान का मुआवजा सहित तमाम मांग कर रहे हैं।
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पूर्व में शासन, प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासन पूरे नहीं होने के कारण ग्रामीणों को आंदोलन करना पड़ा। पहले दिनजिला पंचायत सदस्य नीरज कुमार, लाली राम, हरीश सिंह जलाल क्रमिक अनशन पर बैठे, संघर्ष समिति के अध्यक्ष हरवंश बिष्ट, उपाध्यक्ष जीवन सिंह, रमेश पुजारी, नवीन कांडपाल, शेर सिंह, विपिन पंत, मधुबाला कांडपाल, हरी सिंह जलाल ने विचार रखे।
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