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Almora News: रिजॉर्ट स्वामी ने रास्ते पर अतिक्रमण किया
Sun, 27 Aug 2023 12:51 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Sun, 27 Aug 2023 12:51 AM IST
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बरसात नाले में अतिक्रण कर इस तरह बनाई है सड़क। संवाद
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मौलेखाल (अल्मोड़ा)। सल्ट तहसील के मरचूला क्षेत्र स्थित एक रिजॉर्ट स्वामी ने जिला परिषद के वर्षो पुराने पैदल मार्ग पर कब्जा कर पार्किंग और रास्ता बना दिया। साथ ही एक बरसाती नाले पर भी अतिक्रमण कर बंद कर दिया। तहलील प्रशासन ने रिजॉर्ट स्वामी पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
मरचूला क्षेत्र में काफी संख्या में रिजॉर्ट बनाए जा रहे हैं। बाहरी लोग यहां जमीन की खरीद फरोख्त कर धड़ल्ले से रिजॉर्ट बना रहे हैं। कुछ साल पहले एक बाहरी व्यक्ति ने मरचूला क्षेत्र में ग्रामीणों से जमीन खरीदी। इस जमीन के बीचो-बीच जिला परिषद का एक पैदल रास्ता भी था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ''''ला टिगरे'''' रिजॉर्ट स्वामी ने रास्ते पर कब्जा कर वहां गेट लगा दिया जिससे रास्ता बंद हो गया है।
इसके चलते ग्रामीणों और उनके पशुओं को आवाजाही में भारी दिक्कतें हो रही हैं। रास्ता बंद होने से ग्रामीणों को मरचूला पहुंचने के लिए सड़क से लंबी दूरी तय कर आवाजाही करनी पड़ रही है जिससे वह परेशान हैं। लोगों की शिकायत पर तहसील प्रशासन और राजस्व विभाग हरकत में आया।
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राजस्व विभाग ने पैदल मार्ग की नक्शे के आधार पर नापजोख की जिसमें रिजॉर्ट स्वामी के कब्जा कर उसे बंद करने का मामला सही निकला। रास्ते के अलावा एक बरसाती गधेरे (नाले) को भी बंद कर दिया गया है। अतिक्रमण करने पर रिजॉर्ट स्वामी पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
अतिक्रमणकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए
मौलेखाल। ब्रिटिश हुकूमत के दौर में पर्वतीय क्षेत्रों में पैदल रास्तों का उपयोग किया जाता था। उस दौर में गांव में सड़क नहीं पहुंची थी। तब से इन रास्तों की देखरेख जिला परिषद करती आ रही है। इन रास्तों की जानकारी राजस्व विभाग के नक्शे में आज भी दर्ज है। इन पैदल रास्तों का आज भी महत्व है। लोगों का कहना है कि यदि गांव के रास्तों में ही अतिक्रमण हो जाएगा तो फिर ग्रामीण आवाजाही कैसे कर पाएंगे। लोगों ने अतिक्रमणकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
राजस्व उपनिरीक्षक चमन सिंह का कहना है कि ग्रामीणों ने शिकायत की कि ''ला टिगरे'' रिजॉर्ट के स्वामी ने राजस्व विभाग के मार्ग पर कब्जा कर लिया है। अब वह उसे निजी रास्ते के रूप में प्रयोग कर रहा है। इसके बाद राजस्व टीम ने मौके पर पहुंचकर नापजोख की तो पाया कि मार्ग पर रिजॉर्ट स्वामी ने कब्जा किया है। रिजॉर्ट स्वामी ने एक बरसाती गधेरे (रौली) को भी बंद कर दिया है। इस मामले में रिजॉर्ट स्वामी पर पच्चीस लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वाद उप जिलाधिकारी न्यायालय सल्ट में विचाराधीन है।
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मरचूला क्षेत्र में काफी संख्या में रिजॉर्ट बनाए जा रहे हैं। बाहरी लोग यहां जमीन की खरीद फरोख्त कर धड़ल्ले से रिजॉर्ट बना रहे हैं। कुछ साल पहले एक बाहरी व्यक्ति ने मरचूला क्षेत्र में ग्रामीणों से जमीन खरीदी। इस जमीन के बीचो-बीच जिला परिषद का एक पैदल रास्ता भी था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ''''ला टिगरे'''' रिजॉर्ट स्वामी ने रास्ते पर कब्जा कर वहां गेट लगा दिया जिससे रास्ता बंद हो गया है।
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इसके चलते ग्रामीणों और उनके पशुओं को आवाजाही में भारी दिक्कतें हो रही हैं। रास्ता बंद होने से ग्रामीणों को मरचूला पहुंचने के लिए सड़क से लंबी दूरी तय कर आवाजाही करनी पड़ रही है जिससे वह परेशान हैं। लोगों की शिकायत पर तहसील प्रशासन और राजस्व विभाग हरकत में आया।
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राजस्व विभाग ने पैदल मार्ग की नक्शे के आधार पर नापजोख की जिसमें रिजॉर्ट स्वामी के कब्जा कर उसे बंद करने का मामला सही निकला। रास्ते के अलावा एक बरसाती गधेरे (नाले) को भी बंद कर दिया गया है। अतिक्रमण करने पर रिजॉर्ट स्वामी पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
अतिक्रमणकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए
मौलेखाल। ब्रिटिश हुकूमत के दौर में पर्वतीय क्षेत्रों में पैदल रास्तों का उपयोग किया जाता था। उस दौर में गांव में सड़क नहीं पहुंची थी। तब से इन रास्तों की देखरेख जिला परिषद करती आ रही है। इन रास्तों की जानकारी राजस्व विभाग के नक्शे में आज भी दर्ज है। इन पैदल रास्तों का आज भी महत्व है। लोगों का कहना है कि यदि गांव के रास्तों में ही अतिक्रमण हो जाएगा तो फिर ग्रामीण आवाजाही कैसे कर पाएंगे। लोगों ने अतिक्रमणकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
राजस्व उपनिरीक्षक चमन सिंह का कहना है कि ग्रामीणों ने शिकायत की कि ''ला टिगरे'' रिजॉर्ट के स्वामी ने राजस्व विभाग के मार्ग पर कब्जा कर लिया है। अब वह उसे निजी रास्ते के रूप में प्रयोग कर रहा है। इसके बाद राजस्व टीम ने मौके पर पहुंचकर नापजोख की तो पाया कि मार्ग पर रिजॉर्ट स्वामी ने कब्जा किया है। रिजॉर्ट स्वामी ने एक बरसाती गधेरे (रौली) को भी बंद कर दिया है। इस मामले में रिजॉर्ट स्वामी पर पच्चीस लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वाद उप जिलाधिकारी न्यायालय सल्ट में विचाराधीन है।