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भाजपा ने रेखा पर विश्वास कर दोहराई सोमेश्वर सीट पर जीत
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अल्मोड़ा में समर्थकों संग जश्न मनाती सोमेश्वर सीट से भाजपा प्रत्याशी रेखा आर्या।
- फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। सोमेश्वर सीट पर फिर एक बार भाजपा प्रत्याशी रेखा आर्या ने जीत दर्ज की है। 2017 के चुनाव में भी भाजपा की रेखा आर्या ने जीत दर्ज कर यह सीट भाजपा की झोली में डाली थी। इस बार भी भाजपा ने रेखा आर्या पर विश्वास किया था।
2017 के विधानसभा चुनाव में रेखा आर्या ने कांग्रेस के राजेंद्र बाराकोटी को 710 वोट से हराया था। इस बार राजेंद्र को 4940 वोट से हार का सामना करना पड़ा। रेखा आर्या को 25260 और कांग्रेस के राजेंद्र बाराकोटी को 20320 मत मिले।
सोमेश्वर सीट अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित सीट है। राज्य गठन के बाद पहली बार साल 2002 में कांग्रेस के प्रदीप टम्टा ने चुनाव जीता था। 2027 और 2012 में इस सीट से भाजपा के अजय टम्टा विधायक बने थे। 2014 के उपचुनाव में रेखा आर्या यहां से कांग्रेस के टिकट पर विधायक बनीं। 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले रेखा भाजपा में शामिल हुई। भाजपा ने रेखा को टिकट दिया और रेखा ने कांग्रेस के राजेंद्र बाराकोटी को 710 मतों से हराया।
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मायके वालों ने बेटा और बेटी में फर्क नहीं किया: रेखा
अल्मोड़ा। भाजपा प्रत्याशी रेखा आर्या का ससुराल बरेली यूपी में होने के कारण इस चुनाव में कांग्रेस ने ‘जा चेली सौरास’ का नारा दिया था। इसी नारे के बदले रेखा ने कहा था कि वह सोमेश्वर की बेटी है और पिछले पांच साल में उन्होंने मायके के लोगों की सेवा की है। अपनी कई जनसभाओं में रेखा आर्या ने खुद को सोमेश्वर की जनता की बुआ और सीएम पुष्कर सिंह धामी को मामा कहा था। चुनाव जीतने के बाद भी रेखा ने कहा कि उनके मायके वालों ने बेटा और बेटी में फर्क न करते हुए उन्हेंजिताया है। वह पूरी लगन और निष्ठा के साथ अपने क्षेत्र की जनता की सेवा करेंगी।
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2017 के विधानसभा चुनाव में रेखा आर्या ने कांग्रेस के राजेंद्र बाराकोटी को 710 वोट से हराया था। इस बार राजेंद्र को 4940 वोट से हार का सामना करना पड़ा। रेखा आर्या को 25260 और कांग्रेस के राजेंद्र बाराकोटी को 20320 मत मिले।
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सोमेश्वर सीट अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित सीट है। राज्य गठन के बाद पहली बार साल 2002 में कांग्रेस के प्रदीप टम्टा ने चुनाव जीता था। 2027 और 2012 में इस सीट से भाजपा के अजय टम्टा विधायक बने थे। 2014 के उपचुनाव में रेखा आर्या यहां से कांग्रेस के टिकट पर विधायक बनीं। 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले रेखा भाजपा में शामिल हुई। भाजपा ने रेखा को टिकट दिया और रेखा ने कांग्रेस के राजेंद्र बाराकोटी को 710 मतों से हराया।
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मायके वालों ने बेटा और बेटी में फर्क नहीं किया: रेखा
अल्मोड़ा। भाजपा प्रत्याशी रेखा आर्या का ससुराल बरेली यूपी में होने के कारण इस चुनाव में कांग्रेस ने ‘जा चेली सौरास’ का नारा दिया था। इसी नारे के बदले रेखा ने कहा था कि वह सोमेश्वर की बेटी है और पिछले पांच साल में उन्होंने मायके के लोगों की सेवा की है। अपनी कई जनसभाओं में रेखा आर्या ने खुद को सोमेश्वर की जनता की बुआ और सीएम पुष्कर सिंह धामी को मामा कहा था। चुनाव जीतने के बाद भी रेखा ने कहा कि उनके मायके वालों ने बेटा और बेटी में फर्क न करते हुए उन्हेंजिताया है। वह पूरी लगन और निष्ठा के साथ अपने क्षेत्र की जनता की सेवा करेंगी।