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Almora News: रानीखेत में पहली बार कैमरे में कैद हुआ दुर्लभ अटलस मॉथ

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jul 2026 10:43 PM IST
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Rare Atlas moth captured on camera for the first time in Ranikhet
रानीखेत (अल्मोड़ा)। कुमाऊं क्षेत्र के रानीखेत में पहली बार दुनिया के सबसे बड़े पतंगों में शामिल दुर्लभ प्रजाति अटलस मॉथ का दस्तावेजीकरण हुआ है। नेचर एवं बर्ड फोटोग्राफर कमल गोस्वामी ने इस विशालकाय पतंग को दीवान सिंह हॉल के पास जंगल में अपने कैमरे में कैद किया है। प्रकृति विशेषज्ञ इसे रानीखेत के समृद्ध वन क्षेत्र और बेहतर पारिस्थितिकी तंत्र का एक बेहद सकारात्मक संकेत मान रहे हैं।
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यह मॉथ अपने विशाल पंखों, आकर्षक रंगों और पंखों के सिरों पर बने सांप के सिर जैसे आकार के कारण दुनियाभर में जाना जाता है। इसके पंखों का फैलाव 25 से 30 सेंटीमीटर तक होता है जो इसे विश्व के सबसे बड़े मॉथों में से एक बनाता है। इसकी सबसे अनोखी विशेषता यह है कि वयस्क अवस्था में यह भोजन नहीं करता और अपने लार्वा चरण के दौरान संचित की गई ऊर्जा के सहारे ही कुछ दिनों तक जीवित रहकर केवल प्रजनन करता है। संवाद
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नर और मादा अटलस मॉथ में अंतर
विशेषता मादा अटलस मॉथ नर अटलस मॉथ
आकार व वजन आकार में बड़ी और भारी होती है। आकार में अपेक्षाकृत छोटा होता है।
पंख इसके पंख अधिक चौड़े होते हैं। पंख थोड़े छोटे होते हैं।
एंटीना सामान्य होते हैं। एंटीना अधिक बड़े और पंखनुमा होते हैं।
विशेष क्षमता बड़ी संख्या में अंडे देने की क्षमता रखती है। कई किमी दूर से भी मादा की गंध पहचान लेता है।

अटलस मॉथ की मुख्य बातें
विशाल आकार : दुनिया के सबसे बड़े मॉथों में शामिल, पंखों का फैलाव 25-30 सेमी तक।
प्राकृतिक सुरक्षा कवच : पंखों के सिरे सांप के सिर जैसे दिखते हैं, जो शिकारियों को भ्रमित कर अपनी जान बचाने में मदद करते हैं।
अनोखा जीवन चक्र : वयस्क अवस्था में यह कुछ भी नहीं खाता।
सीमित जीवनकाल : इसका जीवनकाल केवल एक से दो सप्ताह का होता है और इसी दौरान यह प्रजनन करता है।

नैनीताल में भी देखा गया
- पहला दस्तावेजीकरण : रानीखेत में पहली बार फोटो के साथ इस प्रजाति का आधिकारिक दस्तावेजीकरण हुआ है। इससे पहले जुलाई 2010 में इसे नैनीताल स्थित बॉटनिकल गार्डन में देखा गया था।
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- स्वस्थ पर्यावरण का प्रतीक : इसकी मौजूदगी स्पष्ट करती है कि कुमाऊं के पर्वतीय वन आज भी इस दुर्लभ प्रजाति के लिए अनुकूल प्राकृतिक आवास उपलब्ध करा रहे हैं।
- शोध के नए अवसर : इस खोज से क्षेत्र में दुर्लभ कीट-पतंगों पर अध्ययन और रिसर्च की संभावनाएं काफी बढ़ गई हैं।
कोट
- रानीखेत में अटलस मॉथ का कैमरे में कैद होना मेरे लिए बेहद खास क्षण है। यह केवल एक दुर्लभ प्रजाति का रिकॉर्ड नहीं, बल्कि इस बात का प्रमाण भी है कि यहां के जंगल अब भी जैव विविधता से समृद्ध हैं। यदि प्राकृतिक आवास सुरक्षित रहे तो भविष्य में और भी दुर्लभ प्रजातियां यहां देखने को मिल सकती हैं। - कमल गोस्वामी, नेचर फोटोग्राफर

- अटलस मॉथ जैसे संवेदनशील कीट केवल ऐसे क्षेत्रों में पाए जाते हैं जहां वनस्पति विविधता और प्राकृतिक आवास बेहतर स्थिति में हों। रानीखेत में इसका दिखाई देना स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र के स्वस्थ होने का संकेत है। ऐसी प्रजातियों के संरक्षण के लिए जंगलों को सुरक्षित रखना आवश्यक है। - अरविंद कुमार, फॉरेस्ट बीट अफसर, वनस्पति उद्यान (नैनीताल)

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