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बजट का अभाव झेल रही छावनी परिषद को आपदा दे गई चार करोड़ के जख्म
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आपदा में ध्वस्त आशियाना पार्क की सुरक्षा दीवार। संवाद
- फोटो : RANIKHET
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। पहले से ही बजट का अभाव झेल रही छावनी परिषद के सामने आपदा ने चुनौती पैदा कर दी है। तीन दिन में छावनी को लगभग चार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। पार्क भी भूस्खलन के चलते खतरे की जद में आ गया है। बाजार क्षेत्र में भी कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ है, जिस कारण मकान और दुकानें खतरे में हैं। आपदा से पहले बदहाल आंतरिक सड़कें लंबे समय से सुधारीकरण की बाट जोह रही है। हालांकि नुकसान का आकलन तैयार किया जा रहा है। इससे पहले 2010 में आई आपदा में भी छावनी क्षेत्र में व्यापक नुकसान हुआ था।
रानीखेत का अधिकांश हिस्सा छावनी परिषद के अधीन है। परिषद वर्तमान में बजट का संकट झेल रही है। नगर के आंतरिक मोटर मार्ग लंबे समय से बदहाली का दंश झेल रहे हैं। जरूरी बाजार, स्टेट बैंक सहित तमाम सड़कें मरम्मत के अभाव में तलैया बने हुए हैं। इन्हें ठीक कराने की चुनौती पहले से ही थी, रही सही कसर अब रविवार की शाम शुरू हुई अतिवृष्टि ने पूरी कर दी है। आपदा से आशियाना पार्क खतरे की जद में आ गया है। पार्क के लिए बनी सुरक्षा दीवार का आधा हिस्सा ढह गया है। द्यूलीखेत, लालकुर्ती, कुुपुर लालकुर्ती, छावनी परिषद की डिस्पेंसरी के दीवारें ढह गई हैं। बीडी कांप्लैक्स को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग भी मलबे में तब्दील हो चुका है। बंसल बिल्डिंग के पीछे भारी संख्या में भूस्खलन होने के कारण दुकान और मकान खतरे की जद में हैं। अब इन्हें ठीक कराने की चुनौती छावनी परिषद के सामने आ गई है। बजट के अभाव में पहले ही कार्य लंबित पड़े हैं। अब आपदा के कारण और भी दिक्कतें बढ़ गई हैं।
-इस बार की आपदा में छावनी परिषद को चार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। कई स्थानों पर दीवारें ढह गई हैं। पार्क की सुरक्षा दीवार, बंसल बिल्डिंग के पीछे का पूरा हिस्सा धंस चुका है। हालांकि नुकसान का प्रस्ताव बनाया जा रहा है। बजट उपलब्ध होने के बाद ही सुधारीकरण का कार्य शुरू हो सकेगा।
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-राजेंद्र पंत, राजस्व अधीक्षक छावनी परिषद रानीखेत
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रानीखेत का अधिकांश हिस्सा छावनी परिषद के अधीन है। परिषद वर्तमान में बजट का संकट झेल रही है। नगर के आंतरिक मोटर मार्ग लंबे समय से बदहाली का दंश झेल रहे हैं। जरूरी बाजार, स्टेट बैंक सहित तमाम सड़कें मरम्मत के अभाव में तलैया बने हुए हैं। इन्हें ठीक कराने की चुनौती पहले से ही थी, रही सही कसर अब रविवार की शाम शुरू हुई अतिवृष्टि ने पूरी कर दी है। आपदा से आशियाना पार्क खतरे की जद में आ गया है। पार्क के लिए बनी सुरक्षा दीवार का आधा हिस्सा ढह गया है। द्यूलीखेत, लालकुर्ती, कुुपुर लालकुर्ती, छावनी परिषद की डिस्पेंसरी के दीवारें ढह गई हैं। बीडी कांप्लैक्स को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग भी मलबे में तब्दील हो चुका है। बंसल बिल्डिंग के पीछे भारी संख्या में भूस्खलन होने के कारण दुकान और मकान खतरे की जद में हैं। अब इन्हें ठीक कराने की चुनौती छावनी परिषद के सामने आ गई है। बजट के अभाव में पहले ही कार्य लंबित पड़े हैं। अब आपदा के कारण और भी दिक्कतें बढ़ गई हैं।
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-इस बार की आपदा में छावनी परिषद को चार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। कई स्थानों पर दीवारें ढह गई हैं। पार्क की सुरक्षा दीवार, बंसल बिल्डिंग के पीछे का पूरा हिस्सा धंस चुका है। हालांकि नुकसान का प्रस्ताव बनाया जा रहा है। बजट उपलब्ध होने के बाद ही सुधारीकरण का कार्य शुरू हो सकेगा।
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-राजेंद्र पंत, राजस्व अधीक्षक छावनी परिषद रानीखेत