रानीखेत (अल्मोड़ा)। भ्रष्टाचार मिटाओ, उद्यान बचाओ और चौबटिया उद्यान निदेशालय में नियमित निदेशक बैठाओ यात्रा शुरू हो गई है। यात्रा चौबटिया उद्यान निदेशालय से गैरसैंण के लिए रवाना हुई। समाजसेवी दीपक करगेती के नेतृत्व में कई काश्तकारों ने रैली में शिरकत की।
वक्ताओं ने कहा कि पहाड़ के औद्यानिकी विकास की अवधारणा के लिए स्थापित उद्यान से अब पहाड़ के किसान लाभान्वित नहीं हो रहे हैं। नियमित निदेशक नहीं बैठते, वैज्ञानिक गांव तक नहीं पहुंचते। ऐसे में औद्यानिकी विकास की अवधारणा कैसे पूरी होगी। वक्ताओं ने कहा कि निदेशालय में भ्रष्टाचार चरम पर है। लोगों को अदरक और आलू के बीज तक उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। निदेशक नियमित रूप से देहरादून में बैठ रहे हैं, जिस कारण पर्वतीय किसानों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। सुबह उद्यान निदेशालय में प्रदर्शन के बाद काश्तकारों ने दोपहिया वाहनों पर सवार होकर यात्रा शुरू की। गांधी चौक पर हुई सभा में निदेशालय की उपेक्षा पर कड़ा आक्रोश जताया गया। यात्रा के दौरान जगह-जगह बागवानों, काश्तकारों से मुलाकात की जाएगी। उपेक्षा के खिलाफ वृहद आंदोलन की रूपरेखा भी तय होगी। उन्होंने कहा कि पहाड़ में उद्यान निदेशालय होने के बावजूद उसका लाभ काश्तकारों को नहीं मिल पाना दुर्भाग्यपूर्ण है। यात्रा में बलवंत सिंह, नारायण दत्त जोशी, बीडीसी सदस्य राजेंद्र जोशी, किशोर बेलवाल, प्रेम, रोहित, रमेश लाला, कैलाश असवाल, नवीन असवाल, कैलाश आदि शामिल रहे।