रानीखेत (अल्मोड़ा)। सल्ट में अनुसूचित जाति के दूल्हे को घोड़े से उतारने का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रानीखेत में मूल निवासी संघ ने घटना की निंदा की है। संघ ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेज आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी करने की मांग की, ऐसा नहीं होने पर राष्ट्रव्यापी आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
मंगलवार को सल्ट क्षेत्र में बरात के दौरान अनुसूचित जाति के दूल्हे को घोड़े से उतारने का मामला प्रकाश में आया था। घटना का चौतरफा विरोध शुरू हो गया है। रानीखेत में मूल निवासी संघ कि लोगों ने तहसील मुख्यालय पहुंच संयुक्त मजिस्ट्रेट जय किशन से मुलाकात की। राष्ट्रपति को ज्ञापन भेज कहा कि कुछ घृणित मानसिकता के सवर्ण जाति के लोगों ने अनुसूचित दूल्हे को घोड़े से उतारने तथा जान से मारने की धमकी दी। घटना ने सल्ट क्षेत्र में वर्षों पूर्व हुए कफल्टा कांड की याद ताजा कर दी है। उस वक्त भी कई बरातियों को मंदिर से आगे बरात ले जाने पर कमरे में बंद कर जिंदा जला दिया गया था। उन्होंने कहा कि दूल्हे के पिता दर्शन लाल ने घटना के अगले दिन ही केस दर्ज करा दिया था बावजूद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो रही है। आरोप लगाया कि दर्शन लाल पर ग्रामीण जबरन समझौते का दबाव बना रहे हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। ज्ञापन सौंपने वालों में संघ अध्यक्ष राजेश कुमार, किशन लाल, राजेंद्र कुमार, आरसी आर्या, प्रदीप कुमार, सज्जन कुमार, जानकी देवी, ललित मोहन आदि थे।