जगदीश हत्याकांड: सड़कों पर दिखा लोगों का आक्रोश, मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में करने की उठी मांग
सवर्ण जाति की गीता से विवाह करने पर पिछले पनुवाद्योखन गांव निवासी जगदीश चंद्र को युवती के परिजनों ने बेरहमी से पीट दिया था। इससे जगदीश की मौत हो गई थी। इस हत्याकांड के बाद से लोगों का आक्रोश सड़कों पर दिखाई दे रहा है।
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तहसील भिकियासैंण के सेलापानी में उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के नेता जगदीश चंद्र की हत्या के विरोध में रविवार को विभिन्न संगठनों और ग्रामीणों ने भिकियासैंण बाजार में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। लोगों ने मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में करने की मांग की।
एक सितंबर को तहसील भिकियासैंण के सेलापानी में उपपा नेता जगदीश चंद्र की हत्या कर दी गई थी। हत्या के विरोध में रविवार को भीम आर्मी, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी, शिल्पकार सेवा समिति, उत्तराखंड छात्र संगठन, परिवर्तनकारी छात्र संगठन, प्रगतिशील एकता मंच सहित रामनगर, अल्मोड़ा, बेतालघाट, रानीखेत, द्वाराहाट, सल्ट, स्याल्दे, ताड़ीखेत, भिकियासैंण क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने नगर के गगास पुल से बाजार तक तीन किलोमीटर में जुलूस निकाला।
रैली में महिलाओं और युवाओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की। इस मौके पर हुई सभा में वक्ताओं ने जगदीश के हत्यारों को फांसी की सजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जगदीश हत्याकांड का मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलना चाहिए ताकि दोषियों को जल्द सजा मिल सके। जुलूस में उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी, भीम आर्मी के कुमाऊं संयोजक गोविंद बौद्ध, शिल्पकार सेवा समिति अध्यक्ष धनी राम टम्टा, अमित पुरवानी, विजय कुमार, प्रभात ध्यानी, भोले शंकर, रमेश चौधरी, वंशीधर, बसंत चौधरी, देवेंद्र कुमार, आंनन्दी वर्मा, भारती पांडे,माया चिलवाल, डॉ. उमा भट्ट, बसंती पाठक, प्रदीप पांडेय आदि शामिल रहे।a
भीम आर्मी ने तहसील में दिया धरना, नारेबाजी की
जगदीश हत्याकांड के दोषियों को सख्त सजा देने, जगदीश की सुरक्षा में चूक के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर भीम आर्मी कुमाऊं मंडल के कार्यकर्ताओं ने भिकियासैंण तहसील परिसर में धरना दिया। उन्होंने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। रविवार को भीम आर्मी ने जगदीश हत्याकांड के विरोध में तहसील में धरना दिया। धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने राजनीतिक दलों को आड़े हाथों लेते हुए कहा अनुसूचित जाति के लोगों को वोट बैंक के नाम पर इस्तेमाल किया जा रहा है। दो बार सल्ट से विधायक का चुनाव लड़ चुके अनुसूचित जाति के नेता जगदीश को सरकार और पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा नहीं दिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
कुमाऊं मंडल संयोजक गोविंद बौद्ध ने कहा भीम आर्मी मजबूती से इस लड़ाई को लड़ेगी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाकर ही दम लेगी। एसडीएम गौरव पांडे के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। उन्होंने मृतक के परिवार को एक करोड़ आर्थिक मदद देने, दो परिजनों को सरकारी नौकरी देने, दोषियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से तीन माह में सजा देने की मांग की। धरने में कुमाऊं मंडल संयोजक गोविंद बौद्ध, कुमाऊं मंडल सह संयोजक अमित पुरवानी, प्रवीण कुमार, मनोज, सूरज कोहली, विजय कुमार, नंद किशोर, मनोज टम्टा आदि बैठे।
न्याय के लिए दिल्ली तक लड़ाई लड़ेंगे: तिवारी
उपपा नेता जगदीश हत्याकांड के विरोध में नगर के बडियाली चौराहे पर उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी की हुई सभा में पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा है इसी माह अल्मोड़ा में विशाल रैली निकाल कर डीएम कार्यालय में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए धरना प्रदर्शन किया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि सरकार घोटालों में फंसी है। भाजपा के जनप्रतिनिधियों सहित मुख्यमंत्री तक हत्याकांड के संबंध में एक शब्द भी नहीं बोलकर मौन बने हुए हैं। मौजूदा सरकार को संवेदनहीन बताते हुए न्याय की लड़ाई लड़ने के लिए आम लोगों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस न्याय की लड़ाई को जरुरत पड़ने पर देहरादून और दिल्ली तक भी लड़ा जाएगा। इस दौरान मृतक परिवार को तीन माह में न्याय देने, दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। संचालन उपपा नेता प्रभात ध्यानी ने किया। यहां प्रभात ध्यानी, जीवन चंद्र, तुलसी छिमवाल, मुनीब कुमार, आनंदी वर्मा, भारती पांडे, माया चिलवाल, डॉ.उमा भट्ट, बसंती पाठक, प्रदीप पांडेय, भारती जोशी आदि मौजूद रहे।
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छावनी बना रहा भिकियासैंण
भिकियासैंण। जगदीश हत्याकांड विरोध में रविवार को विभिन्न संगठनों द्वारा धरना प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन अलर्ट रहा। शांति व्यवस्था के लिए एसडीएम गौरव पांडे, तहसीलदार निशा रानी, थानाध्यक्ष भतरौजखान संजय पाठक, थानाध्यक्ष सल्ट अजेंदर, थानाध्यक्ष द्वाराहाट राजेंद्र बिष्ट, थानाध्यक्ष चौखुटिया दिनेश नाथ महंत सहित पुलिस और पीएसी के जवान मुस्तैद रहे। संवाद