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Almora News: रानीखेत डिपो हटाने के विरोध में कर्मचारियों ने किया कार्य बहिष्कार
Sat, 12 Jul 2025 11:51 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Sat, 12 Jul 2025 11:51 PM IST
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कर्मचारियों को समर्थन देने पहुंचे प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा।
- फोटो : samvad
रानीखेत (अल्मोड़ा)। रानीखेत डिपो को अस्थायी रूप से अल्मोड़ा स्थानांतरित किए जाने के विरोध में शनिवार को कर्मचारियों ने संयुक्त मोर्चा के बैनर तले प्रदर्शन किया।
डिपो परिसर में हुए इस दो घंटे के कार्य बहिष्कार में कर्मचारियों ने सरकार, प्रबंधन और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और स्थानांतरण को हर हाल में रोकने की मांग की। धरने के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा भी मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों का समर्थन करते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कर्मचारियों की बात पूरी तरह जायज है और जब तक डिपो का पुनर्निर्माण नहीं हो जाता तब तक अस्थायी व्यवस्था रानीखेत में ही की जानी चाहिए। कर्मचारियों ने कहा कि रानीखेत डिपो केवल बसों का ठिकाना नहीं बल्कि क्षेत्र की पहचान, रोजगार और जनता की सुविधा से जुड़ा केंद्र है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक मांगें नहीं मानी जातीं तब तक चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा।
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उन्होंने कर्मचारियों से बात करते हुए आश्वासन दिया कि डिपो को शिफ्ट नहीं किया जाएगा और रानीखेत में ही वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। इसके बाद कर्मचारियों ने धरना समाप्त किया। वहां पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख हीरा रावत, कमलेश बोरा आदि थे।
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डिपो परिसर में हुए इस दो घंटे के कार्य बहिष्कार में कर्मचारियों ने सरकार, प्रबंधन और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और स्थानांतरण को हर हाल में रोकने की मांग की। धरने के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा भी मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों का समर्थन करते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की।
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कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कर्मचारियों की बात पूरी तरह जायज है और जब तक डिपो का पुनर्निर्माण नहीं हो जाता तब तक अस्थायी व्यवस्था रानीखेत में ही की जानी चाहिए। कर्मचारियों ने कहा कि रानीखेत डिपो केवल बसों का ठिकाना नहीं बल्कि क्षेत्र की पहचान, रोजगार और जनता की सुविधा से जुड़ा केंद्र है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक मांगें नहीं मानी जातीं तब तक चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा।
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उन्होंने कर्मचारियों से बात करते हुए आश्वासन दिया कि डिपो को शिफ्ट नहीं किया जाएगा और रानीखेत में ही वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। इसके बाद कर्मचारियों ने धरना समाप्त किया। वहां पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख हीरा रावत, कमलेश बोरा आदि थे।