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महिलाओं ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस का पुतला फूंका, नारेबाजी की
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अल्मोड़ा के बद्रेश्वर में केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ़ नारेबाजी करती अखिल भारतीय जनव?
- फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। दिल्ली के छावला इलाके में 2012 में उत्तराखंड निवासी 19 वर्षीय युवती का अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में सजा पाए तीनों आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट के दोषमुक्त करने के फैसले के खिलाफ महिलाओं में गुस्सा है। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति अल्मोड़ा इकाई ने बुधवार को बद्रेश्वर में प्रदर्शन किया। उन्होंने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस का पुतला फूंककर नारेबाजी की।
प्रदर्शन के बाद हुई सभा में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस ने मामले को कमजोर किया। उन्होंने कहा कि न्याय की निष्पक्षता पर अतिक्रमण तेजी से हो रहा है। इसके चलते महिला कानूनों को कमतर और हल्का किया जा रहा है। न्याय और कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है।
उन्होंने कहा कि बिल्किस बानो मामले के दोषियों की रिहाई भी एक गंभीर सवाल छोड़ती है। उत्तराखंड में अंकिता भंडारी, पिंकी, ममता न जाने कितनी महिलाओं के मामले न्याय की बाट जोह रहे हैं। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति अल्मोड़ा इकाई ने मांग की है कि उच्चतम न्यायालय छावला कांड में अपने फैसले पर पुनर्विचार करे। मामले में कार्यवाही न होने पर महिलाएं आंदोलन के लिए मजबूर होंगी। वहां पर संगठन की जिला सचिव पूनम तिवारी, कोषाध्यक्ष राधा नेगी, कार्यकारिणी सदस्य भानु पांडे, सरस्वती, कांता नेगी, पार्वती रावत, तारा, जया आदि थीं।
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प्रदर्शन के बाद हुई सभा में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस ने मामले को कमजोर किया। उन्होंने कहा कि न्याय की निष्पक्षता पर अतिक्रमण तेजी से हो रहा है। इसके चलते महिला कानूनों को कमतर और हल्का किया जा रहा है। न्याय और कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है।
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उन्होंने कहा कि बिल्किस बानो मामले के दोषियों की रिहाई भी एक गंभीर सवाल छोड़ती है। उत्तराखंड में अंकिता भंडारी, पिंकी, ममता न जाने कितनी महिलाओं के मामले न्याय की बाट जोह रहे हैं। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति अल्मोड़ा इकाई ने मांग की है कि उच्चतम न्यायालय छावला कांड में अपने फैसले पर पुनर्विचार करे। मामले में कार्यवाही न होने पर महिलाएं आंदोलन के लिए मजबूर होंगी। वहां पर संगठन की जिला सचिव पूनम तिवारी, कोषाध्यक्ष राधा नेगी, कार्यकारिणी सदस्य भानु पांडे, सरस्वती, कांता नेगी, पार्वती रावत, तारा, जया आदि थीं।
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