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सेना भर्ती न होने से युवाओं का फूटा गुस्सा, हुंकार रैली निकाल किया प्रदर्शन
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अल्मोड़ा में हुंकार रैली निकालते युवा
- फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। दो साल से सेना की भर्ती और पूर्व में हुई भर्ती की लिखित परीक्षा नहीं होने से नाराज युवाओं का गुस्सा शनिवार को नगर की सड़कों पर फूट पड़ा। युवाओं ने नगर में हुंकार रैली निकालकर प्रदर्शन किया। रैली में शामिल युवा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चल रहे थे।
शनिवार को विभिन्न क्षेत्रों के युवा चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में एकत्र हुए और रैली निकाली। रैली माल रोड, एलआर साह रोड, मिलन चौक, लाला बाजार और कचहरी बाजार होते हुए चौघानपाटा में संपन्न हुई। रैली में शामिल युवा अभी नहीं तो कभी नहीं.., हर युवा का एक ही नारा कब होगा पेपर हमारा..., जागो सरकार जागो.. आदि नारे लगा रहे थे।
मौके पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 2021 में बीआरओ पिथौरागढ़ ने रानीखेत में भर्ती कराई थी। प्रतिभागियों के फिजिकल और मेडिकल हो गए थे लेकिन लिखित परीक्षा आज तक नहीं हुई। उन्होंने कहा कि युवा बेरोजगारी की मार से त्रस्त हैं पर सरकार उनकी कोई सुध नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि कई युवा सेना भर्ती के लिए निर्धारित आयु सीमा पार करने के कगार पर हैं। रैली में मनीष रावत, कमल कांडपाल, सूरज चौहान, जीतेंद्र सिंह, अनुराग, लक्ष्मण और दीपक आदि थे।
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रैली में दिखी युवाओं की एकजुटता
अल्मोड़ा। रैली में अल्मोड़ा के साथ ही पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत, नैनीताल जिलों से भी युवा पहुंचे थे। युवाओं ने व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर हुंकार रैली की जानकारी एक दूसरे तक पहुंचाई। देखते ही देखते रैली में भीड़ जमा हो गई। कुछ युवा हाथों में तिरंगा तो कुछ बैनर लेकर रैली में शामिल हुए। रैली के दौरान पुलिस फोर्स भी रैली के साथ मौजूद रहा।
किसी पर ईजा-बाबू की जिम्मेदारी किसी को बहन की शादी की चिंता
अल्मोड़ा। रैली में शामिल होने आए युवाओं ने कहा कि लंबे समय से भर्ती न होने से वे काफी परेशान हैं। उनके कंधों पर अब परिवार की जिम्मेदारी आ गई है। घर में बूढ़े मां-बाप हैं, बहनों की शादी करनी है। ईजा-बाबू इस आशा में हैं कि बेटा सेना में चला जाए तो फिर कुछ बात बने, कई युवा अल्मोड़ा में किराये के कमरे में रहकर सेना भर्ती की तैयारी कर रहे हैं। महीने में ही उनके 10 हजार से अधिक खर्च हो जाते हैं। माता-पिता हाड़तोड़ मेहनत कर उन्हें भर्ती की तैयारी के लिए घर से पैसे भेजते हैं। भर्ती के लिए युवा कड़ा परिश्रम कर रहे हैं। सुबह दौड़ लगाने के लिए अन्य अभ्यास करते हैं पर सेना भर्ती न होने से अपने अरमानों पर पानी फिर रहा है। उन्होंने कहा कि अब हमारी उम्मीद सीएम साहब पर ही टिकी है। संवाद
केस नंबर-01
रैली में पहुंचे कठपुड़िया निवासी मनीष जोशी तीन साल से सेना भर्ती की तैयारी कर रहे हैं। वह बीसीए छठे सेमेस्टर के छात्र हैं। उन्होंने बताया कि भर्ती की तैयारी में ही प्रतिमाह 3000 से अधिक खर्च हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि भर्ती जल्द शुरू की जानी चाहिए ताकि युवाओं को रोजगार मिल सके।
केस नंबर-02
दन्या से रैली में पहुंचे देवकी नंदन जोशी डेढ़ साल से भर्ती की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे सेना भर्ती की निर्धारित आयु सीमा पार करने जा रहे हैं। जल्द भर्ती न हुई तो सेना में जाने के अरमान चकनाचूर हो जाएंगे। भर्ती तैयारी आदि में उनके प्रतिमाह करीब छह से आठ हजार रुपये खर्च हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि परिवार की भी उनसे काफी उम्मीदें है।
केस नंबर- 03
ताकुला से पहुंचे देवेश मेहता दो साल से सेना भर्ती की तैयारी कर रहे हैं। एसएसजे विवि से बीएससी (गणित) की पढ़ाई के लिए उन्हें ताकुला से रोज अल्मोड़ा आना पड़ता है। आने जाने में ही उनके रोजाना 200 रुपये खर्च हो जाते हैं। उनके पिता किसान हैं।
केस नंबर- 04
पिथौरागढ़ जिले के नामिक से पवन सिंह भी रैली में पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि वह सेना भर्ती की आयु सीमा पार करने के कगार पर हैं। यदि जल्द भर्ती न हुई तो उनका सपना पूरा होने से रह जाएगा। लंबे समय से वह भर्ती की तैयारी कर रहे हैं। भर्ती न होने से भारी दिक्कतें हो रहीं हैं। तैयारी आदि में काफी पैसा खर्च हो रहा है।
केस नंबर- 05
कठपुड़िया से पहुंचे रोहित जोशी ने बताया कि सेना भर्ती की अच्छी तैयारी की है पर भर्ती न होने से उनकी आशा निराशा में बदल रही है। सरकार युवाओं की धैर्य की परीक्षा न ले, आखिर हम कब तक बेरोजगारी की पीड़ा झेलेंगे। भर्ती न होने से भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सीएम साहब से गुजारिश है कि भर्ती जल्द कराएं।
अभी कोरोना का खतरा पूरी तरह से टला नहीं है, सेना की भर्ती प्रक्रिया भी इसी कारण विचाराधीन है। हम हमारे युवाओं की मांगों को प्राथमिकता के साथ पूरा करेंगे। -अजय भट्ट, रक्षा राज्य मंत्री
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शनिवार को विभिन्न क्षेत्रों के युवा चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में एकत्र हुए और रैली निकाली। रैली माल रोड, एलआर साह रोड, मिलन चौक, लाला बाजार और कचहरी बाजार होते हुए चौघानपाटा में संपन्न हुई। रैली में शामिल युवा अभी नहीं तो कभी नहीं.., हर युवा का एक ही नारा कब होगा पेपर हमारा..., जागो सरकार जागो.. आदि नारे लगा रहे थे।
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मौके पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 2021 में बीआरओ पिथौरागढ़ ने रानीखेत में भर्ती कराई थी। प्रतिभागियों के फिजिकल और मेडिकल हो गए थे लेकिन लिखित परीक्षा आज तक नहीं हुई। उन्होंने कहा कि युवा बेरोजगारी की मार से त्रस्त हैं पर सरकार उनकी कोई सुध नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि कई युवा सेना भर्ती के लिए निर्धारित आयु सीमा पार करने के कगार पर हैं। रैली में मनीष रावत, कमल कांडपाल, सूरज चौहान, जीतेंद्र सिंह, अनुराग, लक्ष्मण और दीपक आदि थे।
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रैली में दिखी युवाओं की एकजुटता
अल्मोड़ा। रैली में अल्मोड़ा के साथ ही पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत, नैनीताल जिलों से भी युवा पहुंचे थे। युवाओं ने व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर हुंकार रैली की जानकारी एक दूसरे तक पहुंचाई। देखते ही देखते रैली में भीड़ जमा हो गई। कुछ युवा हाथों में तिरंगा तो कुछ बैनर लेकर रैली में शामिल हुए। रैली के दौरान पुलिस फोर्स भी रैली के साथ मौजूद रहा।
किसी पर ईजा-बाबू की जिम्मेदारी किसी को बहन की शादी की चिंता
अल्मोड़ा। रैली में शामिल होने आए युवाओं ने कहा कि लंबे समय से भर्ती न होने से वे काफी परेशान हैं। उनके कंधों पर अब परिवार की जिम्मेदारी आ गई है। घर में बूढ़े मां-बाप हैं, बहनों की शादी करनी है। ईजा-बाबू इस आशा में हैं कि बेटा सेना में चला जाए तो फिर कुछ बात बने, कई युवा अल्मोड़ा में किराये के कमरे में रहकर सेना भर्ती की तैयारी कर रहे हैं। महीने में ही उनके 10 हजार से अधिक खर्च हो जाते हैं। माता-पिता हाड़तोड़ मेहनत कर उन्हें भर्ती की तैयारी के लिए घर से पैसे भेजते हैं। भर्ती के लिए युवा कड़ा परिश्रम कर रहे हैं। सुबह दौड़ लगाने के लिए अन्य अभ्यास करते हैं पर सेना भर्ती न होने से अपने अरमानों पर पानी फिर रहा है। उन्होंने कहा कि अब हमारी उम्मीद सीएम साहब पर ही टिकी है। संवाद
केस नंबर-01
रैली में पहुंचे कठपुड़िया निवासी मनीष जोशी तीन साल से सेना भर्ती की तैयारी कर रहे हैं। वह बीसीए छठे सेमेस्टर के छात्र हैं। उन्होंने बताया कि भर्ती की तैयारी में ही प्रतिमाह 3000 से अधिक खर्च हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि भर्ती जल्द शुरू की जानी चाहिए ताकि युवाओं को रोजगार मिल सके।
केस नंबर-02
दन्या से रैली में पहुंचे देवकी नंदन जोशी डेढ़ साल से भर्ती की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे सेना भर्ती की निर्धारित आयु सीमा पार करने जा रहे हैं। जल्द भर्ती न हुई तो सेना में जाने के अरमान चकनाचूर हो जाएंगे। भर्ती तैयारी आदि में उनके प्रतिमाह करीब छह से आठ हजार रुपये खर्च हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि परिवार की भी उनसे काफी उम्मीदें है।
केस नंबर- 03
ताकुला से पहुंचे देवेश मेहता दो साल से सेना भर्ती की तैयारी कर रहे हैं। एसएसजे विवि से बीएससी (गणित) की पढ़ाई के लिए उन्हें ताकुला से रोज अल्मोड़ा आना पड़ता है। आने जाने में ही उनके रोजाना 200 रुपये खर्च हो जाते हैं। उनके पिता किसान हैं।
केस नंबर- 04
पिथौरागढ़ जिले के नामिक से पवन सिंह भी रैली में पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि वह सेना भर्ती की आयु सीमा पार करने के कगार पर हैं। यदि जल्द भर्ती न हुई तो उनका सपना पूरा होने से रह जाएगा। लंबे समय से वह भर्ती की तैयारी कर रहे हैं। भर्ती न होने से भारी दिक्कतें हो रहीं हैं। तैयारी आदि में काफी पैसा खर्च हो रहा है।
केस नंबर- 05
कठपुड़िया से पहुंचे रोहित जोशी ने बताया कि सेना भर्ती की अच्छी तैयारी की है पर भर्ती न होने से उनकी आशा निराशा में बदल रही है। सरकार युवाओं की धैर्य की परीक्षा न ले, आखिर हम कब तक बेरोजगारी की पीड़ा झेलेंगे। भर्ती न होने से भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सीएम साहब से गुजारिश है कि भर्ती जल्द कराएं।
अभी कोरोना का खतरा पूरी तरह से टला नहीं है, सेना की भर्ती प्रक्रिया भी इसी कारण विचाराधीन है। हम हमारे युवाओं की मांगों को प्राथमिकता के साथ पूरा करेंगे। -अजय भट्ट, रक्षा राज्य मंत्री

अल्मोड़ा गाँधी पार्क में नारेबाजी करते युवा- फोटो : ALMORA