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डीडीए के खिलाफ फिर गांधी पार्क में फिर धरना शुरू
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डीडीए को खत्म करने की मागं को लेकर अल्मोड़ा के गांधी पार्क में नारेबाजी कर प्रदर्शन करते सर्वदली?
- फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। जिला विकास प्राधिकरण समाप्त करने की मांग को लेकर सर्वदलीय संघर्ष समिति मंगलवार से फिर से आंदोलन शुरू कर दिया है। समिति के बैनर तले विभिन्न संगठनों के लोग दोपहर बारह बजे से दोपहर दो बजे तक गांधी पार्क में धरने पर बैठे। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर कोरी घोषणा करने का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी भी की।
धरना स्थल पर हुई सभा में समिति के संयोजक पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी ने कहा कि सरकार ने तुगलकी फरमान जारी कर नवंबर 2017 में जिला विकास प्राधिकरण को लागू कर दिया। प्राधिकरण के जटिल नियमों के चलते लोगों कोे भवन निर्माण में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लंबे समय से लोग डीडीए के खिलाफ लामबंद हैं, लेकिन सरकार कोई स्पष्ट निर्णय नहीं ले रही है और न ही डीडीए समाप्त कर रही है। प्रदेश सरकार के प्राधिकरण स्थगित करने की घोषणा से जनता में भ्रम की स्थिति है। उन्होंने कहा कि पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत अपने बयानों में कह चुके हैं कि डीडीए भ्रष्टाचार के अड्डे बन चुके हैं लेकिन सरकार ने प्राधिकरण को समाप्त करने के बजाए मात्र स्थगित कर रखा है।
पूर्व विधायक मनोज तिवारी ने इस काले कानून को अविलंब वापस लेने और मानचित्र स्वीकृति की अधिकार पूर्व की तरह निकायों को सौंपने की मांग की। उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार मात्र झूठे वायदे कर जनता को बरगला रही है।
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वहां समिति के प्रवक्ता राजीव कर्नाटक, व्यापार मंडल नगर अध्यक्ष सुशील साह, पूरन रौतेला, वैभव पांडे, आनंदी वर्मा, किशन लाल, प्रताप सत्याल, चंद्रमणि भट्ट आदि मौजूद थे।
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धरना स्थल पर हुई सभा में समिति के संयोजक पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी ने कहा कि सरकार ने तुगलकी फरमान जारी कर नवंबर 2017 में जिला विकास प्राधिकरण को लागू कर दिया। प्राधिकरण के जटिल नियमों के चलते लोगों कोे भवन निर्माण में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लंबे समय से लोग डीडीए के खिलाफ लामबंद हैं, लेकिन सरकार कोई स्पष्ट निर्णय नहीं ले रही है और न ही डीडीए समाप्त कर रही है। प्रदेश सरकार के प्राधिकरण स्थगित करने की घोषणा से जनता में भ्रम की स्थिति है। उन्होंने कहा कि पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत अपने बयानों में कह चुके हैं कि डीडीए भ्रष्टाचार के अड्डे बन चुके हैं लेकिन सरकार ने प्राधिकरण को समाप्त करने के बजाए मात्र स्थगित कर रखा है।
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पूर्व विधायक मनोज तिवारी ने इस काले कानून को अविलंब वापस लेने और मानचित्र स्वीकृति की अधिकार पूर्व की तरह निकायों को सौंपने की मांग की। उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार मात्र झूठे वायदे कर जनता को बरगला रही है।
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वहां समिति के प्रवक्ता राजीव कर्नाटक, व्यापार मंडल नगर अध्यक्ष सुशील साह, पूरन रौतेला, वैभव पांडे, आनंदी वर्मा, किशन लाल, प्रताप सत्याल, चंद्रमणि भट्ट आदि मौजूद थे।