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प्रधानाध्यापिका दीपा का शैलेश मटियानी पुरस्कार के लिए चयन
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अल्मोड़ा। प्राथमिक विद्यालय लमगड़ा की प्रधानाध्यापिका दीपा आर्य का शैलेश मटियानी पुरस्कार केे लिए चयन हुआ है। वह बच्चों को नवाचार गतिविधि आधारित शिक्षण कराती हैं। उन्हें 2018 में राज्यपाल शिक्षक पुरस्कार और 2019 में अनमोल शिक्षक रत्न पुरस्कार भी मिल चुका है।
दीपा आर्य ने 25 सितंबर 1997 से धौलादेवी ब्लॉक के प्राथमिक स्कूल तड़कोट से शिक्षण कार्य शुरू किया। इसके बाद वह लमगड़ा ब्लॉक के प्राथमिक स्कूल कपकोट, संकुल संसाधन केंद्र फूटा में कार्यरत रहीं। मई 2006 से वह प्राथमिक स्कूल लमगड़ा में तैनात हैं। वह स्कूल में नवाचार गतिविधियों से बच्चों को पढ़ातीं हैं। साथ ही नाटक, कविता, लेखन, शैक्षिक भ्रमण के माध्यम से बच्चों को शिक्षित कर रही हैं।
दुगालखोला निवासी दीपा की इंटर तक की शिक्षा भनोली में हुई । उनका ससुराल मोतियापथर और मायका भनोली में है। पति सुंदर लाल आर्य जीआईसी गोविंदपुर में एलटी संवर्ग में अंग्रेजी शिक्षक हैं। उनकी बड़ी पुत्री दीयाश्री बारहवीं और छोटी पुत्री नव्याश्री कक्षा सात में अध्ययनरत हैं। उनका कहना है कि वह अपने कार्य को पूजा और बच्चों को बालदेव मानकर उनकी रुचि को ध्यान में रखकर शिक्षण कराती हैं। उसकी का परिणाम है कि उन्हें आज यह पुरस्कार मिला है।
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दीपा आर्य ने 25 सितंबर 1997 से धौलादेवी ब्लॉक के प्राथमिक स्कूल तड़कोट से शिक्षण कार्य शुरू किया। इसके बाद वह लमगड़ा ब्लॉक के प्राथमिक स्कूल कपकोट, संकुल संसाधन केंद्र फूटा में कार्यरत रहीं। मई 2006 से वह प्राथमिक स्कूल लमगड़ा में तैनात हैं। वह स्कूल में नवाचार गतिविधियों से बच्चों को पढ़ातीं हैं। साथ ही नाटक, कविता, लेखन, शैक्षिक भ्रमण के माध्यम से बच्चों को शिक्षित कर रही हैं।
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दुगालखोला निवासी दीपा की इंटर तक की शिक्षा भनोली में हुई । उनका ससुराल मोतियापथर और मायका भनोली में है। पति सुंदर लाल आर्य जीआईसी गोविंदपुर में एलटी संवर्ग में अंग्रेजी शिक्षक हैं। उनकी बड़ी पुत्री दीयाश्री बारहवीं और छोटी पुत्री नव्याश्री कक्षा सात में अध्ययनरत हैं। उनका कहना है कि वह अपने कार्य को पूजा और बच्चों को बालदेव मानकर उनकी रुचि को ध्यान में रखकर शिक्षण कराती हैं। उसकी का परिणाम है कि उन्हें आज यह पुरस्कार मिला है।
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