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Almora News: दुग्ध व्यवसाय से आत्मनिर्भर बनीं सुनीता
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स्याल्दे के उदयपुर गांव में गौशाला में देखरेख करतीं सुनीता देवी। जागरूक पाठक
स्याल्दे (अल्मोड़ा)। स्याल्दे ब्लॉक के उदयपुर गांव की सुनीता देवी ने कोरोनाकाल में अपने बंद हुए रेस्टोरेंट के बाद हार नहीं मानी। दुग्ध व्यवसाय के माध्यम से आत्मनिर्भर बनकर वह सालाना एक लाख रुपये से अधिक की आमदनी कर रही हैं।
सुनीता पहले गांव में एक छोटा रेस्टोरेंट चलाती थीं लेकिन कोरोना के दौरान उसे बंद करना पड़ा। इस कठिन समय में गांव की महिलाओं ने उन्हें राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन में गठित क्रांति स्वयं सहायता समूह से जोड़ा। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने अपनी आजीविका फिर से शुरू करने के लिए दुग्ध व्यवसाय को चुना। एनआरएलएम की सहायता से सुनीता ने सहकारी बैंक से बिना ब्याज के पांच लाख रुपये का ऋण लिया। इस पूंजी से उन्होंने एक गोशाला का निर्माण कराया और छह गायें खरीदीं। धीरे-धीरे उन्होंने दूध का व्यवसाय शुरू किया।
अब वह घर पर ही घी और पनीर भी तैयार रही हैं। सुनीता का यह प्रयास गांव की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन चुका है। सुनीता बताती हैं कि समूह से जुड़ने के बाद नई दिशा मिली। मेरी कोशिश है कि गांव की अन्य महिलाएं भी अपने पैरों पर खड़ी हों।
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सुनीता पहले गांव में एक छोटा रेस्टोरेंट चलाती थीं लेकिन कोरोना के दौरान उसे बंद करना पड़ा। इस कठिन समय में गांव की महिलाओं ने उन्हें राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन में गठित क्रांति स्वयं सहायता समूह से जोड़ा। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने अपनी आजीविका फिर से शुरू करने के लिए दुग्ध व्यवसाय को चुना। एनआरएलएम की सहायता से सुनीता ने सहकारी बैंक से बिना ब्याज के पांच लाख रुपये का ऋण लिया। इस पूंजी से उन्होंने एक गोशाला का निर्माण कराया और छह गायें खरीदीं। धीरे-धीरे उन्होंने दूध का व्यवसाय शुरू किया।
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अब वह घर पर ही घी और पनीर भी तैयार रही हैं। सुनीता का यह प्रयास गांव की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन चुका है। सुनीता बताती हैं कि समूह से जुड़ने के बाद नई दिशा मिली। मेरी कोशिश है कि गांव की अन्य महिलाएं भी अपने पैरों पर खड़ी हों।
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