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बैंक नहीं होने से लोगों का पारा चढ़ा, नारेबाजी की
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
Updated Thu, 05 Apr 2018 10:51 PM IST
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बैंक नहीं पर रोष जताते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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नागचूलाखाल में बैंक नहीं होने से आम लोगों के साथ ही स्कूली छात्रों को भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है छात्रों को खाते खुलवाने के लिए मैहलचौरी या फिर स्याल्दे जाना पड़ रहा है। जिसमें काफी दिक्कतें हो रही हैं। इसी से आक्रोशित लोगों ने बैंक शाखा शीघ्र खोलने की मांग को लेकर नारेबाजी की। लोगों ने मांग पूरी न होने पर आंदोलन की बात कही है।
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कुमाऊं और गढ़वाल की सीमाओं के मध्य स्थित नागचूलाखाल कस्बे के ग्रामीण स्वास्थ्य जैसी मूलभूत जरूरतों के साथ ही बैंकिंग सुविधा न होने से परेशान हैं। सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र सिंह का कहना है कि स्कूलों में पढ़ने वाले कतिपय छात्रों को छात्रवृत्ति आदि के लिए खाते खुलवाने के लिए कहा गया है, लेकिन स्थानीय स्तर पर बैंक सुविधा न होने से छात्रों को मैहलचौरी या फिर स्याल्दे जाना पड़ रहा है। जिसमें कई तरह की परेशानियां हो रही हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि एसबीआई के अधिकारियों द्वारा बैंक की शाखा की स्वीकृति की बात कही गई है, लेकिन शाखा कब से कार्य शुरू करेगी यह बताने को कोई भी तैयार नहीं है। जिससे क्षेत्रवासी खासे परेशान हैं। ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को एक बैठक कर समस्या का शीघ्र निदान न होने पर आंदोलन करने की बात कही। इस दौरान लोगों ने बैंक खोलने की मांग को लेकर नारेबाजी की। नारेबाजी और बैठक में नरेंद्र सिंह, सुरेंद्र साह, खीमसिंह बेलवाल, प्रकाश काला, मेहरबान सिंह व भवानसिंह आदि शामिल थे।
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