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Almora News: हाइकोर्ट में याचिका दायर होने पर हरकत में आए विभाग

Sat, 04 Mar 2023 11:08 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा Updated Sat, 04 Mar 2023 11:08 PM IST
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People reached to highcourt for problem solution.
द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। प्लास्टिक यूज और उसके निस्तारण संबंधी नियमों का पालन नहीं होने पर हवालबाग निवासी जीतेंद्र यादव की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दर्ज करने के बाद विभिन्न विभागों की टीमों ने ग्राम पंचायतों की जांच शुरू कर दी है। टीम ने मेल्टा और पनेरगांव का भ्रमण किया और जनजागरूकता अभियान भी चलाया। पूरे दिन विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव रवि मिश्रा, डीपीआरओ गोपाल सिंह, एडीओ पंचायत कुंदन पुरी, बीडीओ संतोष जेठी, तहसीलदार लीना धामी, पंचायत सचिव मनोज जोशी, राजस्व निरीक्षक शिवनाथ आदि ने गांव में जांच कर जानकारी प्राप्त की।
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अल्मोड़ा के द्वाराहाट ब्लॉक के तीन ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों ने पत्र लिखकर शिकायत की थी कि जो शपथपत्र उनसे जमा कराए जा रहे हैं उनमें उनके हस्ताक्षर जबरदस्ती कराए गए हैं। जो कूड़ा निस्तारण की फोटो शपथपत्र में लगाई जा रही है वह उनके ग्राम सभा की नहीं है। ये फोटो किसी अन्य बैठकों की हैं। जो कूड़ेदान दिखाए जा रहे हैं वे अधिकारियों ने खुद खरीदकर बांटे हैं। इन कूड़ेदानों को प्रधानों को बांटते हुए फोटो भी खींचे गए हैं। प्रधानों को एक्ट की जानकारी तक नहीं दी गई है।
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शपथपत्र नहीं देने पर पंचायत सचिवों ने प्रधानों से कहा कि अगर हस्ताक्षर नहीं करोगे तो भारी जुर्माना लगेगा। ग्राम प्रधानों का कहना था कि जुर्माने के डर से उन्होंने शपथ पत्र में हस्ताक्षर नहीं किए और न ही शपथपत्र हाइकोर्ट में जमा किए। इस संबंध में ग्राम पंचायत मेल्टा, धन्यारी, पनेरगांव के ग्राम प्रधानों ने शिकायत की। जमा शपथपत्रों में कहा गया कि उनके पास कूड़ा निस्तारण के साधन नहीं हैं। बजट भी नहीं है। न सरकार ने इस संबंध में कोई जागरूकता अभियान चलाया और न ही आज तक उनकी कोई बैठक बुलाई। हर ग्राम सभा की अलग-अलग समस्या है। अल्मोड़ा के हवालबाग निवासी जितेंद्र यादव ने नैनीताल हाइकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी जिसमें उन्होंने कहा था कि राज्य सरकार ने वर्ष 2013 में प्लास्टिक यूज और उसके निस्तारण के लिए नियमावली बनाई थी लेकिन इन नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। मामले में हाइकोर्ट ने सेक्रेटरी अर्बन डेवलपमेंट, सेक्रेटरी पंचायती राज, सेक्रेटरी फारेस्ट और पर्यावरण एवं निदेशक अर्बन डेवलपमेंट को 20 मार्च को कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होने के आदेश दिए हैं।
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