फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   people protest against doctors

तीमारदार के साथ डाक्टर के कथित अभद्रता के मामले ने पकड़ा तूल, अस्पताल में बवाल

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 05 Oct 2021 12:06 AM IST
विज्ञापन
people protest against doctors
अस्पताल परिसर में धरने पर बैठे कांग्रेस कार्यकर्ता। - फोटो : RANIKHET
रानीखेत (अल्मोड़ा)। रानीखेत के सरकारी अस्पताल में तीमारदार के साथ डॉक्टर की कथित अभद्रता से गुस्साए कांग्रेसियों ने ब्लॉक प्रमुख हीरा रावत के नेतृत्व में अस्पताल में धरना दिया। देखते ही देखते आक्रोश बवाल में तब्दील हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस के साथ धरना दे रहे लोगों की धक्कामुक्की हो गई।
विज्ञापन

प्रदर्शनकारियों ने सीएमएस और उनकी डॉक्टर पत्नी का तबादला करने की मांग उठाई। पुलिस, सीएमएस और डॉक्टर ने मिलकर प्रदर्शनकारियों से वार्ता की लेकिन नतीजा सिफर रहा। मंगलवार को अस्पताल में जांच के लिए सीएमओ आएंगी और उसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। इधर, आंदोलनकारियों ने संयुक्त मजिस्ट्रेट जयकिशन को ज्ञापन सौंप डॉक्टरों के तबादले की मांग की है। बवाल के चलते अस्पताल पहुंचे मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन

सरना गांव निवासी भावना तिवारी पत्नी कैलाश तिवारी का दो अक्तूबर को ताड़ीखेत अस्पताल में सामान्य प्रसव से बेटा हुआ। कैलाश तिवारी का कहना है कि डॉक्टरों ने रविवार को मां और बच्चे का ब्लड ग्रुप अलग-अलग होने की बात कही और उनकी पत्नी और नवजात को रानीखेत अस्पताल भेज दिया। यहां शिशु को एक इंजेक्शन लगाने के बाद वार्मर मशीन में रखा गया। शिशु की सेहत बिगड़ने पर उन्होंने बच्चे को हायर सेंटर रेफर करने का आग्रह किया। तिवारी का आरोप है कि इस पर वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. कांता किरन पांडे ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। अपने पति के सीएमएस होने के बात कही और कहा कि राजनीति मत करो, कुछ नहीं कर सकते हो। आरोप है कि डॉक्टर ने शिशु को रेफर करने के साथ उनकी पत्नी को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया। इधर, घटना की जानकारी के बाद ब्लॉक प्रमुख हीरा रावत ने रविवार रात ही सीएमएस डॉ. केके पांडे से फोन पर वार्ता की, आरोप है कि सीएमएस ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इसके बाद सोमवार को गुस्साए कांग्रेसियों ने ब्लॉक प्रमुख के नेतृत्व में अस्पताल में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की सूचना पर पहुंची पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों की धक्का मुक्की भी हुई। हंगामे के चलते मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन

गरीब मरीजों, उनके तीमारदारों के साथ डॉक्टरों का व्यवहार ठीक नहीं है। हमारे प्रदर्शन से मरीजों को बेशक जो भी परेशानी हुई होगी, उसके लिए खेद है। लेकिन सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों की मनमानी के खिलाफ एक ना एक दिन तो बोलना ही पड़ेगा। अस्पताल में आए दिन डाक्टर अभद्रता करते हैं। -हीरा रावत, ब्लॉक प्रमुख ताड़ीखेत।
-बच्चा स्वस्थ्य था, पिता बार-बार उसे रेफर करने का दबाव बना रहे थे। उनकी सहमति से शिशु को हायर सेंटर रेफर करने का निर्णय लिया गया। अभद्रता जैसी कोई बात नहीं हुई। निराधार आरोपों से डॉक्टरों का मनोबल गिरता है। -डॉ. कांता किरन पांडे, वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ।
-बच्चे के पिता ने ब्लॉक प्रमुख हीरा रावत को सही बात बताई नहीं, उन्हें गलत बातें बताकर गुमराह किया गया, जिस कारण बेवजह विवाद बढ़ गया। बच्चे को उचित इलाज दिया गया है, चिकित्सालय में शिशु पूरी तरह स्वस्थ है। इस तरह की अराजकता से डॉक्टरों का मनोबल गिरता है। -डॉ. केके पांडेय, सीएमएस राजकीय अस्पताल रानीखेत।

आज दो घंटे ओपीडी का बहिष्कार करेंगे डॉक्टर
रानीखेत (अल्मोड़ा)। अस्पताल में हुए बवाल के बाद प्रोविंशियल मेडिकल हेल्थ सर्विस एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि अस्पताल में आए दिन अराजकता होती है। परिसर में हुए उपद्रव और वरिष्ठ महिला रोग विशेषज्ञ से अभद्रता की हम निंदा करते हैं। घटना के विरोध में पांच अक्तूबर को सुबह आठ से 10 बजे तक सभी डॉक्टर काले फीते बांधकर कार्य बहिष्कार करेंगे। हालांकि आकस्मिक सेवाएं चलती रहेंगी। अध्यक्ष डॉ. संदीप दीक्षित ने अस्पताल परिसर में पुलिस तैनात करने की मांग उठाई है। संवाद

प्रदर्शनकारियों को समझाती पुलिस।

प्रदर्शनकारियों को समझाती पुलिस। - फोटो : RANIKHET

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed