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Almora News: बच्चों को शारीरिक-मानसिक रूप से मजबूत करने के लिए समर्पित हैं शिक्षिका यशोदा
Sat, 04 Mar 2023 09:40 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Sat, 04 Mar 2023 09:40 AM IST
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य, गुणात्मक सुधार और छात्र-छात्राओं के प्रति समर्पण भाव के कारण ताड़ीखेत विकासखंड के जूहा पौड़ा कोठार की शिक्षिका यशोदा कांडपाल को इस साल शैलेष मटियानी राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। उनका चयन होने पर क्षेत्रवासियों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। यह पुरस्कार उन्हें पांच सितंबर को दिया जाएगा। बता दें कि यशोदा कांडपाल विद्यालय में बच्चों को शारीरिक रूप से मजबूत करने के लिए योगा और खेलों का नियमित आयोजन भी करती है।
शिक्षिका यशोदा कांडपाल ने बताया कि विद्यालय में शारीरिक रूप से कमजोर और अक्सर बीमार रहने वाले बच्चों पर उन्होंने सबसे पहले फोकस किया। नियमित रूप से योगाभ्यास और खेलों के माध्यम से उनके शरीर में नई जान फूंकी। बालिका शिक्षा को आगे बढ़ाने का प्रयास किया। खेल के क्षेत्र में और पढ़ाई के क्षेत्र में उनके विद्यालय के बच्चे हमेशा अच्छा प्रदर्शन करते हैं। जरूरतमंदों बच्चों को पढ़ाई के लिए आर्थिक मदद भी समय-समय पर करती हैं। कंप्यूटर और बच्चों की आवश्यकता वाली कोई भी सामग्री वह निजी खर्चे से वहन करती हैं। उनका कहना है कि हर साल समर शिविर का आयोजन कराती हूं। इसके माध्यम से बच्चों को कुछ न कुछ सीखने का अवसर मिलता है।
उन्होंने कहा कि बालिकाओं को खेलों के प्रति जागरूक करने के लिए उन्होंने स्वयं खेलना शुरू किया और अब तक 15 बालिकाओं को वह राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग करा चुकी हैं। सुलेख, सांस्कृतिक और मानचित्र प्रतियोगिता में भी बच्चे राज्य स्तर पर प्रतिभाग कर चुके हैं। स्वयं के प्रयासों से उन्होंने विद्यालय में बच्चों के लिए स्वीमिंग पुल का भी निर्माण कराया है। शिक्षिका स्वयं भी एथलेटिक खेलों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में कई पदक जीत चुकी हैं।
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शिक्षिका यशोदा कांडपाल ने बताया कि विद्यालय में शारीरिक रूप से कमजोर और अक्सर बीमार रहने वाले बच्चों पर उन्होंने सबसे पहले फोकस किया। नियमित रूप से योगाभ्यास और खेलों के माध्यम से उनके शरीर में नई जान फूंकी। बालिका शिक्षा को आगे बढ़ाने का प्रयास किया। खेल के क्षेत्र में और पढ़ाई के क्षेत्र में उनके विद्यालय के बच्चे हमेशा अच्छा प्रदर्शन करते हैं। जरूरतमंदों बच्चों को पढ़ाई के लिए आर्थिक मदद भी समय-समय पर करती हैं। कंप्यूटर और बच्चों की आवश्यकता वाली कोई भी सामग्री वह निजी खर्चे से वहन करती हैं। उनका कहना है कि हर साल समर शिविर का आयोजन कराती हूं। इसके माध्यम से बच्चों को कुछ न कुछ सीखने का अवसर मिलता है।
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उन्होंने कहा कि बालिकाओं को खेलों के प्रति जागरूक करने के लिए उन्होंने स्वयं खेलना शुरू किया और अब तक 15 बालिकाओं को वह राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग करा चुकी हैं। सुलेख, सांस्कृतिक और मानचित्र प्रतियोगिता में भी बच्चे राज्य स्तर पर प्रतिभाग कर चुके हैं। स्वयं के प्रयासों से उन्होंने विद्यालय में बच्चों के लिए स्वीमिंग पुल का भी निर्माण कराया है। शिक्षिका स्वयं भी एथलेटिक खेलों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में कई पदक जीत चुकी हैं।
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