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Almora News: जीआईसी जीनापानी में पांच साल से नहीं है प्रधानाचार्य, शिक्षकों के पांच पद रिक्त
Wed, 22 Jan 2025 11:40 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Wed, 22 Jan 2025 11:40 PM IST
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अल्मोड़ा। जीआईसी जीनापानी में शिक्षकों के पांच पद खाली हैं। इसके अलावा पांच साल से भी अधिक समय से प्रधानाचार्य का पद रिक्त है। एक शिक्षिका को प्रधानाचार्य का अतिरिक्त प्रभार देने से पढ़ाई पर असर पड़ रहा है।
स्कूल में प्रधानाचार्य के रिक्त पद पर तैनाती नहीं होने से विभाग की ओर से एक शिक्षिका को प्रधानाचार्य का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। शिक्षिका के पास कार्यालय संबंधी काम अधिक रहता है। इस कारण कई बार कक्षाओं में समय दे पाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। इसके अलावा राजनीतिविज्ञान, हिंदी, अंग्रेजी, भौतिक विज्ञान, गणित विषय के प्रवक्ता नहीं हैं। नियमित शिक्षक न होने से इन विषयों में अतिथि शिक्षक तैनात कर काम चलाया जा रहा है। स्कूल की चहारदीवारी भी नहीं बनी है। छुट्टी के बाद लावारिस पशु विद्यालय परिसर में घुस जाते हैं। स्कूल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के साथ ही शौच कर गंदगी फैलाते हैं।
बारिश में छत से टपकता है पानी
अल्मोड़ा। स्कूल भवन की छत भी जर्जर है। बारिश होने पर छत से पानी टपक कर कक्षा-कक्षों में टपकता है। इस कारण पढ़ाई बाधित होती है। इससे छात्र-छात्राओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इधर प्रभारी सीईओ अत्रेश सयाना ने बताया कि पठन पाठन व्यवस्था बनाए रखने के लिए शिक्षकों के रिक्त पदों के सापेक्ष अतिथि शिक्षक तैनात किए गए हैं।
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स्कूल में प्रधानाचार्य के रिक्त पद पर तैनाती नहीं होने से विभाग की ओर से एक शिक्षिका को प्रधानाचार्य का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। शिक्षिका के पास कार्यालय संबंधी काम अधिक रहता है। इस कारण कई बार कक्षाओं में समय दे पाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। इसके अलावा राजनीतिविज्ञान, हिंदी, अंग्रेजी, भौतिक विज्ञान, गणित विषय के प्रवक्ता नहीं हैं। नियमित शिक्षक न होने से इन विषयों में अतिथि शिक्षक तैनात कर काम चलाया जा रहा है। स्कूल की चहारदीवारी भी नहीं बनी है। छुट्टी के बाद लावारिस पशु विद्यालय परिसर में घुस जाते हैं। स्कूल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के साथ ही शौच कर गंदगी फैलाते हैं।
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बारिश में छत से टपकता है पानी
अल्मोड़ा। स्कूल भवन की छत भी जर्जर है। बारिश होने पर छत से पानी टपक कर कक्षा-कक्षों में टपकता है। इस कारण पढ़ाई बाधित होती है। इससे छात्र-छात्राओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इधर प्रभारी सीईओ अत्रेश सयाना ने बताया कि पठन पाठन व्यवस्था बनाए रखने के लिए शिक्षकों के रिक्त पदों के सापेक्ष अतिथि शिक्षक तैनात किए गए हैं।
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