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Almora News: सड़क निर्माण का मलबा उड़ेलने से नदी में गिरा ट्रांसफार्मर
Thu, 29 May 2025 11:43 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Thu, 29 May 2025 11:43 PM IST
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कोसी नदी में गिरा ट्रांसफार्मर। संवाद
रानीखेत (अल्मोड़ा)। तहसील अंतर्गत ईड़ा-जौरासी मोटरमार्ग के विस्तारीकरण कार्य में गंभीर लापरवाही बृहस्पतिवार को भारी पड़ गई। भारी बोल्डरों और मलबे की चपेट में आने से जनता और बहरों गांवों की लिफ्ट सिंचाई योजना का 250 केवीए ट्रांसफार्मर गिरकर नीचे कोसी नदी में जा गिरा। योजना की बिजली लाइनें तहस-नहस हो गईं और ग्रामीणों की सिंचाई व्यवस्था ध्वस्त हो गई है।
ईड़ा-जौरासी मोटरमार्ग के विस्तारीकरण कार्य के चलते ठेकेदार की लापरवाही से रोड कटिंग का मलबा सीधे कोसी नदी की ओर गिराया जा रहा है। बृहस्पतिवार को गिराए गए मलबे से जनता, बहरों गांवों की लिफ्ट सिंचाई योजना का 250 केवीए ट्रांसफार्मर और बिजली की लाइनें ध्वस्त हो गईं और ट्रांसफार्मर गिरकर कोसी नदी में जा पहुंचा। इससे ऊर्जा निगम को करीब 10 से 12 लाख रुपये की क्षति पहुंची है। विद्युत खंड रानीखेत के अधिकारी इसके लिए ठेकेदार की लापरवाही को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन होता तो यह घटना नहीं होती।
सूचना मिलने के बाद ऊर्जा निगम ने मामले की जांच शुरू कर दी है और क्षति की भरपाई की कार्रवाई के लिए रिपोर्ट तैयार की जा रही है। दूसरी तरफ लोक निर्माण विभाग ने पहले ही स्पष्ट किया है कि यदि मलबा गिराने से कोई क्षति होती है तो उसकी जिम्मेदारी ठेकेदार की होगी और क्षति की भरपाई ठेकेदार से करवाई जाएगी। इस घटना से प्रभावित जनता और बहुरों गांव और आसपास के किसानों में गुस्सा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह लिफ्ट सिंचाई योजना उनकी खेती के लिए बेहद जरूरी है और सिंचाई के अभाव में उनकी खेती सूखे की चपेट में आ जाएगी। उन्होंने कहा कि ट्रांसफार्मर की मरम्मत जल्द कर बिजली बहाल की जाए ताकि सिंचाई योजना कारगर हो सके।
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अब किसान हुए चिंतित
रानीखेत। जनता और बहुरों गांव के किसान मुख्य रूप से गोभी, शिमला मिर्च, टमाटर, मूली जैसी सब्जियों की खेती करते हैं। यहां इन सब्जियों की अच्छी पैदावार होती है। कई परिवारों की आजीविका का साधन यही सब्जियां हैं। सिंचाई व्यवस्था ध्वस्त होने से करीब 23 परिवार प्रभावित हुए हैं। अब उन्हें चिंता इस बात की है कि जल्द सिंचाई इंतजाम ठीक नहीं हुआ तो उन्हें नुकसान झेलना पड़ेगा।
घटना से लापरवाही उजागर
रानीखेत। घटना से लापरवाही उजागर हो गई है। लोक निर्माण विभाग की निगरानी एवं मॉनिटरिंग पर प्रश्नचिह्न लगा है। अब लोगों का कहना है कि यदि अभी भी सड़क का मलबा कोसी नदी में उढ़ेला गया तो इससे नदी के प्रवाह में बाधा खड़ी हो सकती है।
ठेकेदार की लापरवाही के कारण 250 केवीए ट्रांसफार्मर और बिजली लाइन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। विभाग को करीब 10 से 12 लाख रुपये की क्षति पहुंची है। क्षति की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इसके बाद क्षतिपूर्ति के लिए आगे की कार्रवाई की जाएगी।
— आयुष चौहान, एसडीओ विद्युत विभाग रानीखेत
सड़क कटान के दौरान लिफ्ट सिंचाई योजना का ट्रांसफार्मर नदी में गिरा है और लोक निर्माण विभाग को इसके लिए पहले ही आगाह किया था। योजना की पाइप लाइन भी क्षतिग्रस्त होने की भी जांच की जाएगी। अगर लाइन क्षतिग्रस्त पाई गई तो नुकसान की भरपाई के लिए आगणन तैयार कर लोनिवि को भेजा जाएगा। योजना से कुल 23 किसान जुड़े हैं।
- रितिका पाल, अधिशासी अभियंता, लघु डाल, अल्मोड़ा
संबंधित ठेकेदार को पहले ही लिखित रूप से निर्देश दिए गए थे कि मलबा गिराने से किसी भी प्रकार की क्षति होती है तो ये उसकी जिम्मेदारी होगी। मलबा गिरने से हुई क्षति का भुगतान ठेकेदार को करना होगा।
अजय टम्टा, एई प्रांतीय खंड लोनिवि रानीखेत
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ईड़ा-जौरासी मोटरमार्ग के विस्तारीकरण कार्य के चलते ठेकेदार की लापरवाही से रोड कटिंग का मलबा सीधे कोसी नदी की ओर गिराया जा रहा है। बृहस्पतिवार को गिराए गए मलबे से जनता, बहरों गांवों की लिफ्ट सिंचाई योजना का 250 केवीए ट्रांसफार्मर और बिजली की लाइनें ध्वस्त हो गईं और ट्रांसफार्मर गिरकर कोसी नदी में जा पहुंचा। इससे ऊर्जा निगम को करीब 10 से 12 लाख रुपये की क्षति पहुंची है। विद्युत खंड रानीखेत के अधिकारी इसके लिए ठेकेदार की लापरवाही को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन होता तो यह घटना नहीं होती।
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सूचना मिलने के बाद ऊर्जा निगम ने मामले की जांच शुरू कर दी है और क्षति की भरपाई की कार्रवाई के लिए रिपोर्ट तैयार की जा रही है। दूसरी तरफ लोक निर्माण विभाग ने पहले ही स्पष्ट किया है कि यदि मलबा गिराने से कोई क्षति होती है तो उसकी जिम्मेदारी ठेकेदार की होगी और क्षति की भरपाई ठेकेदार से करवाई जाएगी। इस घटना से प्रभावित जनता और बहुरों गांव और आसपास के किसानों में गुस्सा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह लिफ्ट सिंचाई योजना उनकी खेती के लिए बेहद जरूरी है और सिंचाई के अभाव में उनकी खेती सूखे की चपेट में आ जाएगी। उन्होंने कहा कि ट्रांसफार्मर की मरम्मत जल्द कर बिजली बहाल की जाए ताकि सिंचाई योजना कारगर हो सके।
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अब किसान हुए चिंतित
रानीखेत। जनता और बहुरों गांव के किसान मुख्य रूप से गोभी, शिमला मिर्च, टमाटर, मूली जैसी सब्जियों की खेती करते हैं। यहां इन सब्जियों की अच्छी पैदावार होती है। कई परिवारों की आजीविका का साधन यही सब्जियां हैं। सिंचाई व्यवस्था ध्वस्त होने से करीब 23 परिवार प्रभावित हुए हैं। अब उन्हें चिंता इस बात की है कि जल्द सिंचाई इंतजाम ठीक नहीं हुआ तो उन्हें नुकसान झेलना पड़ेगा।
घटना से लापरवाही उजागर
रानीखेत। घटना से लापरवाही उजागर हो गई है। लोक निर्माण विभाग की निगरानी एवं मॉनिटरिंग पर प्रश्नचिह्न लगा है। अब लोगों का कहना है कि यदि अभी भी सड़क का मलबा कोसी नदी में उढ़ेला गया तो इससे नदी के प्रवाह में बाधा खड़ी हो सकती है।
ठेकेदार की लापरवाही के कारण 250 केवीए ट्रांसफार्मर और बिजली लाइन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। विभाग को करीब 10 से 12 लाख रुपये की क्षति पहुंची है। क्षति की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इसके बाद क्षतिपूर्ति के लिए आगे की कार्रवाई की जाएगी।
— आयुष चौहान, एसडीओ विद्युत विभाग रानीखेत
सड़क कटान के दौरान लिफ्ट सिंचाई योजना का ट्रांसफार्मर नदी में गिरा है और लोक निर्माण विभाग को इसके लिए पहले ही आगाह किया था। योजना की पाइप लाइन भी क्षतिग्रस्त होने की भी जांच की जाएगी। अगर लाइन क्षतिग्रस्त पाई गई तो नुकसान की भरपाई के लिए आगणन तैयार कर लोनिवि को भेजा जाएगा। योजना से कुल 23 किसान जुड़े हैं।
- रितिका पाल, अधिशासी अभियंता, लघु डाल, अल्मोड़ा
संबंधित ठेकेदार को पहले ही लिखित रूप से निर्देश दिए गए थे कि मलबा गिराने से किसी भी प्रकार की क्षति होती है तो ये उसकी जिम्मेदारी होगी। मलबा गिरने से हुई क्षति का भुगतान ठेकेदार को करना होगा।
अजय टम्टा, एई प्रांतीय खंड लोनिवि रानीखेत