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Almora News: जंगलों में धधकती आग को पेयजल लाइनें करेंगी काबू
Tue, 07 Jan 2025 11:30 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Tue, 07 Jan 2025 11:30 PM IST
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अल्मोड़ा। जंगलों के बीच से होकर गुजर रहीं जल संस्थान की पाइप लाइनें अब वनाग्नि से जंगलों की सुरक्षा करेंगी। योजना के तहत वन विभाग संवेदनशील वन क्षेत्रों को चिह्नित करेगा तो जलसंस्थान जंगलों में फैली पेयजल लाइनों की मैपिंग करेगा। इस अनूठी पहले से जंगलों की आग पर समय रहते काबू पाया जा सकेगा और वन संपदा को भी बचाया जा सकेगा।
15 फरवरी से शुरू होने वाले फायर सीजन को ध्यान में रखते डीएम आलोक कुमार पांडेय की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में वनाग्नि रोकथाम के लिए बैठक हुई। डीएम ने कहा कि जंगल हैं तो हम हैं। उन्होंने कहा कि इस फायर सीजन से पहले जंगलों के किसी एक संवेदनशील क्षेत्र का चयन कर वहां प्रयोगात्मक मॉडल तैयार किया जाएगा। इसके साथ संवेदनशील वन क्षेत्रों से होकर जा रही पेजयल लाइनों में वाॅल्व लगाए जाएंगे। वनाग्नि के दौरान समय रहते वॉल्व की मदद से आग पर काबू पाया जा सकेगा। योजना के सफल होने पर दूसरे संवेदनशील क्षेत्रों में भी यह प्रयोग किया जाएगा। उन्होंने वन विभाग और जलसंस्थान के अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों की सूची तैयार करने और पेयजल लाइनों की मैपिंग करने के निर्देश दिए। वहां सीडीओ दिवेश शाशनी, प्रभागीय वनाधिकारी सिविल सोयम प्रदीप कुमार, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल, अधिशाषी अभियंता सिंचाई खंड मोहन सिंह रावत आदि मौजूद रहे।
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15 फरवरी से शुरू होने वाले फायर सीजन को ध्यान में रखते डीएम आलोक कुमार पांडेय की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में वनाग्नि रोकथाम के लिए बैठक हुई। डीएम ने कहा कि जंगल हैं तो हम हैं। उन्होंने कहा कि इस फायर सीजन से पहले जंगलों के किसी एक संवेदनशील क्षेत्र का चयन कर वहां प्रयोगात्मक मॉडल तैयार किया जाएगा। इसके साथ संवेदनशील वन क्षेत्रों से होकर जा रही पेजयल लाइनों में वाॅल्व लगाए जाएंगे। वनाग्नि के दौरान समय रहते वॉल्व की मदद से आग पर काबू पाया जा सकेगा। योजना के सफल होने पर दूसरे संवेदनशील क्षेत्रों में भी यह प्रयोग किया जाएगा। उन्होंने वन विभाग और जलसंस्थान के अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों की सूची तैयार करने और पेयजल लाइनों की मैपिंग करने के निर्देश दिए। वहां सीडीओ दिवेश शाशनी, प्रभागीय वनाधिकारी सिविल सोयम प्रदीप कुमार, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल, अधिशाषी अभियंता सिंचाई खंड मोहन सिंह रावत आदि मौजूद रहे।
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