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Almora News: खुरपका-मुंहपका रोग की रोकथाम के लिए दो लाख पशुओं को लगेंगे टीके
Mon, 17 Jul 2023 12:54 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Mon, 17 Jul 2023 12:54 AM IST
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अल्मोड़ा। पशुपालन विभाग लंपी के बाद अब पशुओं की दूसरी खतरनाक बीमारी खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) की रोकथाम की तैयारियों में जुट गया है। खुरपका-मुंहपका रोग से पशुओं के बचाव के लिए पशुपालन विभाग दो लाख पशुओं का टीकाकरण करेगा।
पशुओं में बारिश के दिनों में होने वाले जानलेवा रोग एफएमडी की रोकथाम के लिए पशुपालन विभाग ने कमर कस ली है। जानवरों को इस रोग से मुक्ति दिलाने के लिए विभाग जिले भर में दो लाख पशुओं का टीकाकरण करेगा। 20 जुलाई से 23 अगस्त तक चलने वाले इस अभियान के तहत पालतू जानवरों को एफएमडी के साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए एलएसडी के टीके भी लगाए जाएंगे। इसके लिए जिले में पहुंची दो लाख एफएमडी टीकों की खेप सभी 37 पशु अस्पतालों में पहुंचाई जा चुकी है। संवाद
रोग के लक्षण
अल्मोड़ा। एफएमडी रोग से ग्रसित जानवरों को तेज बुखार आता है। मसूड़े, जीभ और होंठ के भीतरी भाग में छाले पड़ने से जानवरों के मुंह से लार गिरती है। इसके साथ ही खुरों के बीच घाव बन जाता है। समय पर उपचार नहीं होने पर घावों में कीड़े पैदा हो जाते हैं, इससे प्रभावित जानवर की जान भी चली जाती है। दुग्ध उत्पादन में कमी आने के साथ ही पशुओं के गर्भपात की संभावना बनी रहती है।
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किन जानवरों को रहता है खतरा
अल्मोड़ा। संक्रमित रोग एफएमडी की चपेट में गाय, भैंस, भेड़, बकरी, सुअर आदि पालतू जानवर आते हैं। इसके लिए टीकाकरण ही बचाव का प्रमुख उपाय है। इसके साथ ही बीमार पशु को इन दिनों पौष्टिक आहर देना जरूरी है।
पालतू जानवरों को संक्रमित रोग एफएमडी से बचाव के लिए दो लाख टीके लगाए जाएंगे। एक महीने तक चिकित्सकों की टीम टीकाकरण अभियान चलाएगी, इसकी शुरूआत 20 जुलाई से होगी।
- डॉ. डीके शर्मा, उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, अल्मोड़ा।
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पशुओं में बारिश के दिनों में होने वाले जानलेवा रोग एफएमडी की रोकथाम के लिए पशुपालन विभाग ने कमर कस ली है। जानवरों को इस रोग से मुक्ति दिलाने के लिए विभाग जिले भर में दो लाख पशुओं का टीकाकरण करेगा। 20 जुलाई से 23 अगस्त तक चलने वाले इस अभियान के तहत पालतू जानवरों को एफएमडी के साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए एलएसडी के टीके भी लगाए जाएंगे। इसके लिए जिले में पहुंची दो लाख एफएमडी टीकों की खेप सभी 37 पशु अस्पतालों में पहुंचाई जा चुकी है। संवाद
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रोग के लक्षण
अल्मोड़ा। एफएमडी रोग से ग्रसित जानवरों को तेज बुखार आता है। मसूड़े, जीभ और होंठ के भीतरी भाग में छाले पड़ने से जानवरों के मुंह से लार गिरती है। इसके साथ ही खुरों के बीच घाव बन जाता है। समय पर उपचार नहीं होने पर घावों में कीड़े पैदा हो जाते हैं, इससे प्रभावित जानवर की जान भी चली जाती है। दुग्ध उत्पादन में कमी आने के साथ ही पशुओं के गर्भपात की संभावना बनी रहती है।
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किन जानवरों को रहता है खतरा
अल्मोड़ा। संक्रमित रोग एफएमडी की चपेट में गाय, भैंस, भेड़, बकरी, सुअर आदि पालतू जानवर आते हैं। इसके लिए टीकाकरण ही बचाव का प्रमुख उपाय है। इसके साथ ही बीमार पशु को इन दिनों पौष्टिक आहर देना जरूरी है।
पालतू जानवरों को संक्रमित रोग एफएमडी से बचाव के लिए दो लाख टीके लगाए जाएंगे। एक महीने तक चिकित्सकों की टीम टीकाकरण अभियान चलाएगी, इसकी शुरूआत 20 जुलाई से होगी।
- डॉ. डीके शर्मा, उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, अल्मोड़ा।