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Almora News: सड़ गई पेयजल लाइन, जुगाड़ से भी नहीं मिल रहा पानी
Wed, 17 Jan 2024 01:10 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Wed, 17 Jan 2024 01:10 AM IST
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अल्मोड़ा। जल जीवन मिशन योजना संचालित कर हर घर नल से जल पहुंचाने के दावे हो रहे हैं। भैंसियाछाना विकासखंड के दशौं गांव में यह योजना फेल साबित हो रही है। यहां योजना के तहत लगे कनेक्शन में जल नहीं टपक रहा। वर्ष 1980 की क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन से नए कनेक्शन जोड़े गए हैं। जगह-जगह लाइन क्षतिग्रस्त होने से नलों में पानी नहीं आ रहा। प्लास्टिक के पाइप से क्षतिग्रस्त लाइन को ठीक करने का जुगाड़ कर योजना की सफलता के दावे हो रहे हैं।
भैंसियाछाना के दशौं गांव की 250 से अधिक की आबादी की प्यास बुझाने के लिए वर्ष 1980 में लाइन बिछाई गई थी जो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। जगह-जगह टूटी लाइन से पानी लीकेज हो रहा है और नल सूखे हैं। गांव में जल जीवन मिशन योजना के तहत कनेक्शन तो लगा दिए गए लेकिन क्षतिग्रस्त लाइन के चलते इनमें पानी नहीं आ रहा है। जल संस्थान ने नई लाइन बिछाने के बजाय प्लास्टिक के पाइप से लीकेज बंद करने का जुगाड़ बनाया है जो कारगर साबित नहीं हो रहा। ऐसे में नलों में पानी न आने से लोग परेशान हैं और कड़ाके की ठंड के बीच प्राकृतिक जल स्रोतों की दौड़ लगा रहे हैं। संवाद
मार्च 2023 में नई लाइन बिछाने का मिला था आश्वासन
अल्मोड़ा। दशौं गांव के परेशान ग्रामीणों ने मंगलवार को कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को आपबीती सुनाई। उन्होंने कहा कि वह सालों से पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। हर घर नल से जल पहुंचाने के दावे हो रहे हैं लेकिन उनके घरों में सूखे कनेक्शन लगाकर औपचारिकता निभा दी गई है। कहा कि जल संस्थान के अधिकारियों ने बीते वर्ष फरवरी माह में योजना का निरीक्षण कर एक माह बाद नई लाइन बिछाने का आश्वासन दिया था जो अब तक पूरा नहीं हो सका है।
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सीएम हेल्पलाइन में भी लगा चुके हैं गुहार
अल्मोड़ा। दशौं गांव के प्रताप सिंह, दीपक सिंह, हेमा देवी, पूरन सिंह, मदन सिंह, नंदन सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि वह पानी की समस्या के समाधान के लिए सीएम हेल्पलाइन में भी गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक नतीजा शून्य है। कहा कि कब तक वे प्राकृतिक जल स्रोतों की दौड़ लगाते रहेंगे और कब उनकी समस्या का समाधान होगा, कोई यह बताने के लिए तैयार नहीं है।
दशौं गांव में कनेक्शन लगाने के बाद दूसरे फेज में लाइन बिछाने का काम चल रहा है। इसके बाद ग्रामीणों की पेयजल समस्या का समाधान हो जाएगा।
पवन कुमार जोशी, एई, जल संस्थान, अल्मोड़ा
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भैंसियाछाना के दशौं गांव की 250 से अधिक की आबादी की प्यास बुझाने के लिए वर्ष 1980 में लाइन बिछाई गई थी जो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। जगह-जगह टूटी लाइन से पानी लीकेज हो रहा है और नल सूखे हैं। गांव में जल जीवन मिशन योजना के तहत कनेक्शन तो लगा दिए गए लेकिन क्षतिग्रस्त लाइन के चलते इनमें पानी नहीं आ रहा है। जल संस्थान ने नई लाइन बिछाने के बजाय प्लास्टिक के पाइप से लीकेज बंद करने का जुगाड़ बनाया है जो कारगर साबित नहीं हो रहा। ऐसे में नलों में पानी न आने से लोग परेशान हैं और कड़ाके की ठंड के बीच प्राकृतिक जल स्रोतों की दौड़ लगा रहे हैं। संवाद
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मार्च 2023 में नई लाइन बिछाने का मिला था आश्वासन
अल्मोड़ा। दशौं गांव के परेशान ग्रामीणों ने मंगलवार को कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को आपबीती सुनाई। उन्होंने कहा कि वह सालों से पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। हर घर नल से जल पहुंचाने के दावे हो रहे हैं लेकिन उनके घरों में सूखे कनेक्शन लगाकर औपचारिकता निभा दी गई है। कहा कि जल संस्थान के अधिकारियों ने बीते वर्ष फरवरी माह में योजना का निरीक्षण कर एक माह बाद नई लाइन बिछाने का आश्वासन दिया था जो अब तक पूरा नहीं हो सका है।
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सीएम हेल्पलाइन में भी लगा चुके हैं गुहार
अल्मोड़ा। दशौं गांव के प्रताप सिंह, दीपक सिंह, हेमा देवी, पूरन सिंह, मदन सिंह, नंदन सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि वह पानी की समस्या के समाधान के लिए सीएम हेल्पलाइन में भी गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक नतीजा शून्य है। कहा कि कब तक वे प्राकृतिक जल स्रोतों की दौड़ लगाते रहेंगे और कब उनकी समस्या का समाधान होगा, कोई यह बताने के लिए तैयार नहीं है।
दशौं गांव में कनेक्शन लगाने के बाद दूसरे फेज में लाइन बिछाने का काम चल रहा है। इसके बाद ग्रामीणों की पेयजल समस्या का समाधान हो जाएगा।
पवन कुमार जोशी, एई, जल संस्थान, अल्मोड़ा