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Almora News: बेस में एक सप्ताह ठप रहेंगे अल्ट्रासाउंड
Wed, 03 Jan 2024 11:29 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Wed, 03 Jan 2024 11:29 PM IST
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अल्मोड़ा। मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर नहीं हो पा रही हैं। संचालन के दो साल बाद भी रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हो सकी है जिससे मरीजों और गर्भवतियों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज के अधीन बेस अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग से उधारी में मिले रेडियोलॉजिस्ट के अवकाश पर जाने से अल्ट्रासाउंड ठप हो गए हैं। अल्ट्रासाउंड ठप होने से मरीज और गर्भवतियां को अन्य अस्पतालों की दौड़ लगानी पड़ी। यहां अगले एक सप्ताह तक अल्ट्रासाउंड नहीं होंगे।
मेडिकल कॉलेज के अधीन बेस अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हो सकी है। स्वास्थ्य विभाग से उधारी में मिले रेडियोलॉजिस्ट के भरोसे अल्ट्रासाउंड हो रहे हैं। बुधवार को उनके भी अवकाश पर जाने से बेस अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच पर ब्रेक लग गया है। यहां हर रोज 60 से अधिक मरीज और गर्भवतियां अल्ट्रासाउंड जांच के लिए पहुंचती हैं। सुबह से ही इनका पहुंचना शुरू हो गया और सभी अल्ट्रासाउंड कक्ष के ताले खुलने का इंतजार करते रहे। रेडियोलॉजिस्ट के अवकाश पर जाने से अल्ट्रासाउंड कक्ष के ताले नहीं खुले। मरीजों और गर्भवतियों को सात किमी दूर जिला मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ी। कई ने निजी अस्पतालों का रुख किया तो कई जिला और महिला अस्पताल में जांच के लिए पहुंचे। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक रेडियोलॉजिस्ट 10 जनवरी तक अवकाश में हैं।
जिला और महिला अस्पताल में लगी लाइन
अल्मोड़ा। बेस अस्पताल में अल्ट्रासाउंड ठप होने से मरीजों और गर्भवतियों ने जिला और महिला अस्पताल की दौड़ लगाई। ऐसे में इन दोनों अस्पतालों में भी दबाव बढ़ गया। पहले से यहां मरीजों और गर्भवतियों की भीड़ जुटने से अल्ट्रसाउंड कक्ष के बाहर लंबी कतार लगी रही और सभी को जांच के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा। अल्ट्रासाउंड के लिए मरीजों, गर्भवतियों के साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मरीजों और गर्भवतियों को अल्ट्रासाउंड के लिए अगली तारीख देनी पड़ी।
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रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती चुनौती
अल्मोड़ा। मेडिकल कॉलेज में रेडियोलॉजिस्ट की व्यवस्था करना चुनौती बन गया है। मेडिकल कॉलेज को संचालन के दो साल बाद भी रेडियोलॉजिस्ट नहीं मिल सका है। स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल कॉलेज को उधारी में रेडियोलॉजिस्ट दिया है। करोड़ों से खोले गए मेडिकल कॉलेज में रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं होना स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतरी के दावे को फेल साबित कर रहा है।
केस - एक
-हवालबाग से अल्ट्रासाउंड के लिए बेस अस्पताल पहुंची हेमा बिष्ट ने बताया कि रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने से यहां आए दिन अल्ट्रासाउंड ठप रहते हैं। उन्हें महिला अस्पताल का रुख करना पड़ा।
केस-दो
बागेश्वर से पेट दर्द से जूझते हुए बेस अस्पताल पहुंचे कोमल सिंह ने बताया कि जांच के बाद उन्हें अल्ट्रासाउंड की सलाह दी गई। यहां अल्ट्रासाउंड ठप होने से उन्हें जिला अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ रही है और फिर से इलाज के लिए सात किमी दूर बेस अस्पताल पहुंचना होगा।
कोट- रेडियोलॉजिस्ट के अवकाश पर जाने से अल्ट्रासाउंड नहीं हुए। वह अगले कुछ दिनों तक अवकाश में रहेंगे। उनके लौटते ही जांच शुरू होगी।
प्रो. सीपी भैंसोड़ा, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज, अल्मोड़ा।
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मेडिकल कॉलेज के अधीन बेस अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हो सकी है। स्वास्थ्य विभाग से उधारी में मिले रेडियोलॉजिस्ट के भरोसे अल्ट्रासाउंड हो रहे हैं। बुधवार को उनके भी अवकाश पर जाने से बेस अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच पर ब्रेक लग गया है। यहां हर रोज 60 से अधिक मरीज और गर्भवतियां अल्ट्रासाउंड जांच के लिए पहुंचती हैं। सुबह से ही इनका पहुंचना शुरू हो गया और सभी अल्ट्रासाउंड कक्ष के ताले खुलने का इंतजार करते रहे। रेडियोलॉजिस्ट के अवकाश पर जाने से अल्ट्रासाउंड कक्ष के ताले नहीं खुले। मरीजों और गर्भवतियों को सात किमी दूर जिला मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ी। कई ने निजी अस्पतालों का रुख किया तो कई जिला और महिला अस्पताल में जांच के लिए पहुंचे। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक रेडियोलॉजिस्ट 10 जनवरी तक अवकाश में हैं।
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जिला और महिला अस्पताल में लगी लाइन
अल्मोड़ा। बेस अस्पताल में अल्ट्रासाउंड ठप होने से मरीजों और गर्भवतियों ने जिला और महिला अस्पताल की दौड़ लगाई। ऐसे में इन दोनों अस्पतालों में भी दबाव बढ़ गया। पहले से यहां मरीजों और गर्भवतियों की भीड़ जुटने से अल्ट्रसाउंड कक्ष के बाहर लंबी कतार लगी रही और सभी को जांच के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा। अल्ट्रासाउंड के लिए मरीजों, गर्भवतियों के साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मरीजों और गर्भवतियों को अल्ट्रासाउंड के लिए अगली तारीख देनी पड़ी।
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रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती चुनौती
अल्मोड़ा। मेडिकल कॉलेज में रेडियोलॉजिस्ट की व्यवस्था करना चुनौती बन गया है। मेडिकल कॉलेज को संचालन के दो साल बाद भी रेडियोलॉजिस्ट नहीं मिल सका है। स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल कॉलेज को उधारी में रेडियोलॉजिस्ट दिया है। करोड़ों से खोले गए मेडिकल कॉलेज में रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं होना स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतरी के दावे को फेल साबित कर रहा है।
केस - एक
-हवालबाग से अल्ट्रासाउंड के लिए बेस अस्पताल पहुंची हेमा बिष्ट ने बताया कि रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने से यहां आए दिन अल्ट्रासाउंड ठप रहते हैं। उन्हें महिला अस्पताल का रुख करना पड़ा।
केस-दो
बागेश्वर से पेट दर्द से जूझते हुए बेस अस्पताल पहुंचे कोमल सिंह ने बताया कि जांच के बाद उन्हें अल्ट्रासाउंड की सलाह दी गई। यहां अल्ट्रासाउंड ठप होने से उन्हें जिला अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ रही है और फिर से इलाज के लिए सात किमी दूर बेस अस्पताल पहुंचना होगा।
कोट- रेडियोलॉजिस्ट के अवकाश पर जाने से अल्ट्रासाउंड नहीं हुए। वह अगले कुछ दिनों तक अवकाश में रहेंगे। उनके लौटते ही जांच शुरू होगी।
प्रो. सीपी भैंसोड़ा, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज, अल्मोड़ा।