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Almora News: कराह रहीं स्वास्थ्य सुविधाएं...हड्डी के डॉक्टर छुट्टी में, ऑपरेशन लटके झटके में
Wed, 27 Dec 2023 11:27 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Wed, 27 Dec 2023 11:27 PM IST
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। रानीखेत उप जिला चिकित्सालय में एकमात्र हड्डी रोग विशेषज्ञ के अवकाश पर जाने से यहां हड्डी रोग का इलाज ठप हो गया है। 12 से अधिक ऑपरेशन लटक गए हैं और मरीजों को इसके लिए हायर सेंटर की दौड़ लगानी पड़ रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के दावों के बीच जिले के सरकारी अस्पताल मरीजों को राहत देने में नाकाम साबित हो रहे हैं। रानीखेत उप जिला चिकित्सालय में तैनात हड्डी रोग विशेषज्ञ 22 दिसंबर को अवकाश पर चले गए तब से हड्डी रोग का इलाज ठप है। यहां हर रोज सल्ट, ताड़ीखेत, स्याल्दे, द्वाराहाट, चौखुटिया विकासखंड के 80 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं।
अस्पताल में हर रोज तीन से चार हड्डी के ऑपरेशन होते हैं। डॉक्टर के अवकाश पर जाने से उनके कक्ष में ताला लटक गया है और ऑपरेशन रोकने पड़े हैं। मरीजों को हल्द्वानी, बरेली की दौड़ लगानी पड़ रही है। हर रोज मरीज बेहतर इलाज मिलने और ऑपरेशन की उम्मीद में यहां पहुंच रहे हैं लेकिन उन्हें मायूस लौटना पड़ रहा है। संवाद
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हड्डी रोग विशेषज्ञ के दो पद स्वीकृत, एक की तैनाती
रानीखेत। रानीखेत उप जिला चिकित्सालय में हड्डी रोग विशेषज्ञ के दो पद स्वीकृत हैं लेकिन सिर्फ एक डॉक्टर की तैनाती हुई है। उनके भी अवकाश पर जाने से दिक्कत बढ़ गई है। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक डॉक्टर नए साल में लौटेंगे। मरीजों को लंबा इंतजार करना होगा।
एक्सरे तो हो रहे, रिपोर्ट देखने वाला कोई नहीं
रानीखेत। मरीजों को इमरजेंसी में देखा जा रहा है और ईएमओ की सलाह पर एक्सरे भी करवाए जा रहे हैं। एक्सरे रिपोर्ट देखने वाला कोई नहीं है। मरीजों को अन्य अस्पतालों की दौड़ लगा रहे हैं।
लोगों की पीड़ा
रिश्तेदार के पैर में चोट आ गई और उन्हें लेकर अस्पताल पहुंचा। इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर ने एक्सरे की सलाह दी लेकिन रिपोर्ट देखने वाला कोई नहीं मिला। हायर सेंटर की दौड़ लगानी पड़ रही है। -योगेश कुमार, रानीखेत।
बच्चे को दिखाने अस्पताल पहुंची और एक्सरे किया। हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं होने से निजी अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ी।-भावना बजेठा, द्वाराहाट।
कोट -
हड्डी रोग विशेषज्ञ अवकाश में हैं। नए साल में वह अवकाश से लौटेंगे। हड्डी रोग विशेषज्ञ के रिक्त पद की सूचना निदेशालय को दी गई है।
-डॉ. संदीप दिक्षित, चिकित्सा अधीक्षक, उप जिला चिकित्सालय, रानीखेत।
अल्मोड़ा के जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड ठप
अल्मोड़ा। जिले में रेडियोलॉजिस्ट की कमी मरीजों को परेशान कर रही है। जिला अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट को महिला अस्पताल भेजने से अल्ट्रासाउंड ठप रहे जिससे मरीजों को दिक्कत झेलनी पड़ी। अल्ट्रासाउंड कक्ष में ताले लटकने से मरीजों को जांच के लिए अन्य अस्पतालों को जाना पड़ा।
महिला अस्पताल में स्थायी रेडियोलॉजिस्ट तैनात नहीं है। ऐसे में गर्भवती और अन्य महिलाओं को राहत देने के लिए हर बुधवार को जिला अस्पताल से रेडियोलॉजिस्ट भेजे जाते हैं। रेडियोलॉजिस्ट को महिला अस्पताल भेजने से जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड ठप रहे। यहां पहुंचे 30 से अधिक मरीजों को जांच के बाद अल्ट्रासाउंड की सलाह दी गई। रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने से उन्हें जांच के लिए भटकना पड़ा। कई मरीजों ने बगैर जांच के ही घरों का रुख किया तो कई मरीजों को निजी अस्पताल जाना पड़ा। महिला अस्पताल में सप्ताह में एक दिन अल्ट्रासाउंड होने से बड़ी संख्या में गर्भवती और अन्य महिलाएं पहुंचीं। भीड़ अधिक होने से गर्भवतियों को अल्ट्रासाउंड जांच के लिए उन्हें अपनी बारी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। संवाद
जिला अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट को महिला अस्पताल भेजा गया जिससे दिक्कत आई। सभी मरीजों के साथ ही गर्भवतियों को राहत पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
-डॉ. आरसी पंत, सीएमओ, अल्मोड़ा।
बागेश्वर में आईसीयू यूनिट में निश्चेतक, फिजिशियन के पद रिक्त
बागेश्वर। जिला अस्पताल के आईसीयू यूनिट में चिकित्सा अधिकारियों के दो पद रिक्त हैं। निश्चेतक, फिजिशियन/चेस्ट फिजिशियन के पद भी रिक्त हैं। सीएमओ कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार आईसीयू यूनिट में दो चिकित्साधिकारियों के साथ निश्चेतक और फिजिशियन/चेस्ट फिजिशियन का एक-एक पद सृजित है। तैनाती एक पद पर भी नहीं है। आईसीयू यूनिट में चिकित्सकों की कमी से यूनिट का सफलता पूर्वक संचालन करने में दिक्कत आ रही है। आईसीयू का संचालन जिला अस्पताल के अन्य चिकित्सकों को करना पड़ता है। रिक्त पदों पर तैनाती की ओर सरकार और स्वास्थ्य महकमा ध्यान नहीं दे रहा है। जनप्रतिनिधियों को भी समस्या से सरोकार नहीं है। सीएमओ डॉ. डीपी जोशी ने कहा कि कि रिक्तियों की सूचना लगातार स्वास्थ्य महानिदेशालय को भेजी जाती है। रिक्त पदों पर तैनाती का प्रयास किया जा रहा है। संवाद
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स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के दावों के बीच जिले के सरकारी अस्पताल मरीजों को राहत देने में नाकाम साबित हो रहे हैं। रानीखेत उप जिला चिकित्सालय में तैनात हड्डी रोग विशेषज्ञ 22 दिसंबर को अवकाश पर चले गए तब से हड्डी रोग का इलाज ठप है। यहां हर रोज सल्ट, ताड़ीखेत, स्याल्दे, द्वाराहाट, चौखुटिया विकासखंड के 80 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं।
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अस्पताल में हर रोज तीन से चार हड्डी के ऑपरेशन होते हैं। डॉक्टर के अवकाश पर जाने से उनके कक्ष में ताला लटक गया है और ऑपरेशन रोकने पड़े हैं। मरीजों को हल्द्वानी, बरेली की दौड़ लगानी पड़ रही है। हर रोज मरीज बेहतर इलाज मिलने और ऑपरेशन की उम्मीद में यहां पहुंच रहे हैं लेकिन उन्हें मायूस लौटना पड़ रहा है। संवाद
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हड्डी रोग विशेषज्ञ के दो पद स्वीकृत, एक की तैनाती
रानीखेत। रानीखेत उप जिला चिकित्सालय में हड्डी रोग विशेषज्ञ के दो पद स्वीकृत हैं लेकिन सिर्फ एक डॉक्टर की तैनाती हुई है। उनके भी अवकाश पर जाने से दिक्कत बढ़ गई है। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक डॉक्टर नए साल में लौटेंगे। मरीजों को लंबा इंतजार करना होगा।
एक्सरे तो हो रहे, रिपोर्ट देखने वाला कोई नहीं
रानीखेत। मरीजों को इमरजेंसी में देखा जा रहा है और ईएमओ की सलाह पर एक्सरे भी करवाए जा रहे हैं। एक्सरे रिपोर्ट देखने वाला कोई नहीं है। मरीजों को अन्य अस्पतालों की दौड़ लगा रहे हैं।
लोगों की पीड़ा
रिश्तेदार के पैर में चोट आ गई और उन्हें लेकर अस्पताल पहुंचा। इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर ने एक्सरे की सलाह दी लेकिन रिपोर्ट देखने वाला कोई नहीं मिला। हायर सेंटर की दौड़ लगानी पड़ रही है। -योगेश कुमार, रानीखेत।
बच्चे को दिखाने अस्पताल पहुंची और एक्सरे किया। हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं होने से निजी अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ी।-भावना बजेठा, द्वाराहाट।
कोट -
हड्डी रोग विशेषज्ञ अवकाश में हैं। नए साल में वह अवकाश से लौटेंगे। हड्डी रोग विशेषज्ञ के रिक्त पद की सूचना निदेशालय को दी गई है।
-डॉ. संदीप दिक्षित, चिकित्सा अधीक्षक, उप जिला चिकित्सालय, रानीखेत।
अल्मोड़ा के जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड ठप
अल्मोड़ा। जिले में रेडियोलॉजिस्ट की कमी मरीजों को परेशान कर रही है। जिला अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट को महिला अस्पताल भेजने से अल्ट्रासाउंड ठप रहे जिससे मरीजों को दिक्कत झेलनी पड़ी। अल्ट्रासाउंड कक्ष में ताले लटकने से मरीजों को जांच के लिए अन्य अस्पतालों को जाना पड़ा।
महिला अस्पताल में स्थायी रेडियोलॉजिस्ट तैनात नहीं है। ऐसे में गर्भवती और अन्य महिलाओं को राहत देने के लिए हर बुधवार को जिला अस्पताल से रेडियोलॉजिस्ट भेजे जाते हैं। रेडियोलॉजिस्ट को महिला अस्पताल भेजने से जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड ठप रहे। यहां पहुंचे 30 से अधिक मरीजों को जांच के बाद अल्ट्रासाउंड की सलाह दी गई। रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने से उन्हें जांच के लिए भटकना पड़ा। कई मरीजों ने बगैर जांच के ही घरों का रुख किया तो कई मरीजों को निजी अस्पताल जाना पड़ा। महिला अस्पताल में सप्ताह में एक दिन अल्ट्रासाउंड होने से बड़ी संख्या में गर्भवती और अन्य महिलाएं पहुंचीं। भीड़ अधिक होने से गर्भवतियों को अल्ट्रासाउंड जांच के लिए उन्हें अपनी बारी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। संवाद
जिला अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट को महिला अस्पताल भेजा गया जिससे दिक्कत आई। सभी मरीजों के साथ ही गर्भवतियों को राहत पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
-डॉ. आरसी पंत, सीएमओ, अल्मोड़ा।
बागेश्वर में आईसीयू यूनिट में निश्चेतक, फिजिशियन के पद रिक्त
बागेश्वर। जिला अस्पताल के आईसीयू यूनिट में चिकित्सा अधिकारियों के दो पद रिक्त हैं। निश्चेतक, फिजिशियन/चेस्ट फिजिशियन के पद भी रिक्त हैं। सीएमओ कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार आईसीयू यूनिट में दो चिकित्साधिकारियों के साथ निश्चेतक और फिजिशियन/चेस्ट फिजिशियन का एक-एक पद सृजित है। तैनाती एक पद पर भी नहीं है। आईसीयू यूनिट में चिकित्सकों की कमी से यूनिट का सफलता पूर्वक संचालन करने में दिक्कत आ रही है। आईसीयू का संचालन जिला अस्पताल के अन्य चिकित्सकों को करना पड़ता है। रिक्त पदों पर तैनाती की ओर सरकार और स्वास्थ्य महकमा ध्यान नहीं दे रहा है। जनप्रतिनिधियों को भी समस्या से सरोकार नहीं है। सीएमओ डॉ. डीपी जोशी ने कहा कि कि रिक्तियों की सूचना लगातार स्वास्थ्य महानिदेशालय को भेजी जाती है। रिक्त पदों पर तैनाती का प्रयास किया जा रहा है। संवाद