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Almora News: कोई महाविद्यालय पशुपालन विभाग तो कोई जीआईसी के भवन में हो रहा संचालित

Thu, 05 Oct 2023 11:38 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा Updated Thu, 05 Oct 2023 11:38 PM IST
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People face problems.
अल्मोड़ा। जिले के विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा देने के लिए खोले गए महाविद्यालयों को किराए के भवनों से मुक्ति नहीं मिल रही है। जिले में चार महाविद्यालय ऐसे हैं जो पशुपालन विभाग या फिर जीआईसी और किराए के भवन में संचालित किए जा रहे हैं। अपना भवन न होने से इन महाविद्यालयों में नए संकायों के संचालन को स्वीकृति नहीं मिल रही और विद्यार्थी अन्य महाविद्यालयों की दौड़ लगाने के लिए मजबूर हैं।
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अल्मोड़ा में स्थानीय स्तर पर विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा दिलाने के लिए एसएसजे परिसर के अधीन 10 महाविद्यालय खोले गए हैं। इनमें से चार महाविद्यालयों को आठ से 23 वर्ष बाद भी अपनी छत नसीब नहीं हो सकी है। लमगड़ा, भतरौंजखान, मासी में वर्ष 2014 में महाविद्यालय का संचालन शुरू किया गया। आठ साल का लंबा समय बीतने के बाद भी इनका अपना भवन नहीं बन सका है। लमगड़ा में पशुपालान विभाग के भवन, भजरौंजखान, मासी में जीआईसी के भवन में महाविद्यालय का संचालन हो रहा है। वर्ष 2020 से दन्या महाविद्यालय किराए के भवन में संचालित किया जा रहा है। इन महाविद्यालयों का अपना भवन न बनने से इनमें पढ़ने वाले 926 विद्यार्थियों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मानकों के अनुसार पर्याप्त स्थान और संसाधन न होने से नए संकायों के संचालन की स्वीकृति नहीं मिल रही। ऐसे में विद्यार्थियों को मनमाफिक पढ़ाई के लिए अन्य महाविद्यालयों का रुख करना पड़ रहा है। संवाद
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चौखुटिया को नहीं मिल पाया पीजी का दर्जा



अल्मोड़ा। वर्ष 2001 में खुले राजकीय महाविद्यालय चौखुटिया को 22 साल बाद भी पीजी का दर्जा नहीं मिल सका है। इधर वर्ष 2006 में खुले डिग्री कॉलेज सोमेश्वर में एमकॉम, एमएससी पाठ्यक्रम न होने से क्षेत्र के युवाओं को उच्च शिक्षा का पूरा लाभ नहीं मिल रहा है।
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-भतरौंजखान महाविद्यालय का अपना भवन न होने से बीएससी, बीकॉम, एमए, एमकॉम, एमएससी पाठ्यक्रम को स्वीकृति नहीं मिल रही है।



-दन्या महाविद्यालय में एमएससी, एमए, एमकॉम पाठ्यक्रम संचालित न होने से विद्यार्थियों को इन विषयों की पढ़ाई के लिए अल्मोड़ा या हल्द्वानी जाना पड़ रहा है।


-लमगड़ा महाविद्यालय में बीकॉम, बीएससी, एमए, एमकॉम, एमएससी पाठ्यक्रम स्वीकृत नहीं हो रहे हैं।



- मासी महाविद्यालय में सिर्फ बीए की कक्षाएं संचालित हो रही हैं और विद्यार्थियों को यहां विज्ञान संकाय संचालित होने का इंतजार है।






महाविद्यालय के भवन निर्माण के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया चल रही है। भूमि चयन होने पर प्रस्ताव तैयार कर उच्च शिक्षा निदेशालय को भेजा जाएगा।

प्रो. एपी सिंह, प्राचार्य, डिग्री काॅलेज, मासी।







-महाविद्यालय के लिए भवन निर्माण के प्रयास किए जा रहे हैं। इसका प्रस्ताव एसएसजे विवि को भेजा गया है। स्वीकृति के बाद ही यह संभव है।



प्रो. सीमा श्रीवास्तव, प्राचार्य डिग्री कॉलेज, भतरौंजखान।






बागेश्वर के सभी डिग्री कॉलेजों के पास अपने भवन



बागेश्वर। बागेश्वर का कोई भी डिग्री कॉलेज किराये के भवन में संचालित नहीं हो रहा है।



बागेश्वर कैंपस के साथ ही कपकोट, कांडा, गरुड़ महाविद्यालय के पास अपने भवन हैं। एक साल पहले स्थापित बागेश्वर कैंपस का अपना नया भवन अभी नहीं बना है। पीजी कॉलेज के ढांचे में ही कैंपस संचालित हो रहा है। पीजी काॅलेज में स्थान की कोई समस्या नहीं है। दुगनाकुरी डिग्री काॅलेज का अपना भवन बन रहा है। स्थापना के बाद से दुगनाकुरी डिग्री कॉलेज के लिए बनाए गए अस्थायी भवनों में संचालित हो रहा है। दुगनाकुरी डिग्री कॉलेज का भवन अस्तित्व में आने के बाद भवन संबंधी दिक्कत वहां भी दूर हो जाएगी। संवाद
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