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जयश्री पैरामेडिकल कॉलेज में बंद होंगे पैरामेडिकल कोर्स
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एसएसपी प्रदीप कुमार राय
- फोटो : ALMORA
अल्मोड़ा। फर्जीवाड़े की शिकायत जांच में सही होने पर जयश्री पैरामेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा में संचालित पैरामेडिकल के कोर्स बंद करने के आदेश जिला प्रशासन ने दिए हैं। इस संबंध में जिला प्रशासन ने पुलिस विभाग को भी पत्र भेजा है।
जयश्री पैरामेडिकल कॉलेज में पैरामेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्रों ने कुछ समय पूर्व आरोप लगाया था कि उनके द्वारा कॉलेज से तीन साल का पैरामेडिकल कोर्स करने के बाद भी उन्हें डिग्री नहीं दी गई। जब उन्हें डिग्री दी गई तो वह हिमालयन गढ़वाल यूनिवर्सिटी की थी। छात्रों का यह भी आरोप था कि न ही जयश्री कॉलेज का पंजीकरण था और न ही हिमालयन गढ़वाल यूनिवर्सिटी को ऑफ कैंपस या स्टडी सेंटर खोलने की अनुमति थी। यूनिवर्सिटी पैरामेडिकल काउंसलिंग और उत्तराखंड में पंजीकृत नहीं थी। पूूरा मामला प्रकाश में आने के बाद डीएम अल्मोड़ा ने महानिदेशालय को पत्र लिखा। इस आधार पर महानिदेशालय ने अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा और सीएमओ डॉ. आरसी पंत को जांच अधिकारी बनाते हुए कॉलेज की जांच कराई। जांच अधिकारियों को कॉलेज का पंजीकरण नहीं मिला और छात्रों द्वारा की गई शिकायतों की भी पुष्टि हुई। इस आधार पर अब कॉलेज में संचालित पैरामेडिकल कोर्स को बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं।
आदेश में किया गया संशोधन
अल्मोड़ा। जयश्री पैरामेडिकल कॉलेज की जांच में फर्जीवाड़े की पुष्टि होने के बाद कॉलेज को बंद करने के आदेश दिए गए थे। पर कॉलेज में पैरामेडिकल के साथ ही कुछ दूसरे कोर्स भी चलते हैं। इस संबंध में कॉलेज संचालक ने डीएम से कहा कि पूरा कॉलेज बंद होने से दूसरे कोर्स कर रहे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होगी। इसके बाद आदेश में संशोधन कर कॉलेज में चल रहे पैरामेडिकल का कोर्स बंद करने का आदेश दिया गया। इसके लिए तहसीलदार अल्मोड़ा कुलदीप पांडे को नामित किया गया है।
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एक सोसायटी के तहत की गई थी जयश्री कॉलेज की स्थापना
अल्मोड़ा। जयश्री कॉलेज की स्थापना 2010 में एक सोसायटी के तहत की गई थी। तब यह कॉलेज हिमालयन यूनिवर्सिटी ईटानगर (अरुणाचल प्रदेश) का हिस्सा था लेकिन बाद में इसे अन्य यूनिवर्सिटी में स्थानांतरित कर दिया गया। तब यहां पढ़ रहे छात्रों का कोर्स हिमालयन यूनिवर्सिटी ईटानगर के तहत पूरा हुआ था लेकिन अब तक उन छात्रों को डिग्री नहीं मिल पाई है।
कई बार बदली जयश्री कॉलेज ने यूनिवर्सिटी
अल्मोड़ा। बताते हैं कि 2017 में जयश्री कॉलेज उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से संबद्ध था। 2017 में ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद से यूओयू ने अपने सभी ऑफ कैंपस बंद कर दिए। तब जयश्री कॉलेज प्रशासन ने सिंघानिया यूनिवर्सिटी (राजस्थान) से कॉलेज को संबद्ध करने की बात अपने छात्रों से कही। इसी दौरान सिंघानिया यूनिवर्सिटी फर्जीवाड़े के विवादों से घिर गई। जयश्री कॉलेज ने एक बार फिर यूनिवर्सिटी बदली और कॉलेज को हिमालयन गढ़वाल यूनिवर्सिटी से संबद्ध कर दिया।
यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर मार्कशीट दिखती है, डिग्री नहीं
अल्मोड़ा। वर्ष 2016 में हाईकोर्ट के एक आदेश के बाद उत्तराखंड में पैरामेडिकल के किसी भी डिप्लोमा कोर्स का पंजीकरण नहीं किया जाता। इसके बाद भी यूनिवर्सिटी और कॉलेज राज्य में इन डिप्लोमा कोर्स को संचालित कर रहे हैं। जयश्री कॉलेज ने भी इसी तरह का फर्जीवाड़ा कर अपने छात्रों से मोटी फीस वसूल कर उन्हें गुमराह किया। हिमालयन गढ़वाल यूनिवर्सिटी की वेबसाइट खोलने पर उसमें भी सिर्फ मार्कशीट दिखाई देती है। डिग्री नजर नहीं आती।
अल्मोड़ा के जयश्री कॉलेज का चिकित्सा परिषद में पंजीकरण नहीं पाया गया। पंजीकरण न होने के कारण जयश्री कॉलेज के मेडिकल शिक्षा संबंधी अनुभाग को बंद करने के आदेश दिए गए हैं। पूरा कॉलेज बंद नहीं किया जाएगा।
- वंदना, डीएम अल्मोड़ा
जयश्री कॉलेज के पैरामेडिकल विभाग को बंद कराने संबंधी एक आदेश पत्र जिला प्रशासन की तरफ से मिला था। इसमें हमने एक मजिस्ट्रेट स्तर का अधिकारी नियुक्त करने के लिए जिला प्रशासन से पत्राचार किया है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- प्रदीप कुमार राय, एसएसपी अल्मोड़ा।
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जयश्री पैरामेडिकल कॉलेज में पैरामेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्रों ने कुछ समय पूर्व आरोप लगाया था कि उनके द्वारा कॉलेज से तीन साल का पैरामेडिकल कोर्स करने के बाद भी उन्हें डिग्री नहीं दी गई। जब उन्हें डिग्री दी गई तो वह हिमालयन गढ़वाल यूनिवर्सिटी की थी। छात्रों का यह भी आरोप था कि न ही जयश्री कॉलेज का पंजीकरण था और न ही हिमालयन गढ़वाल यूनिवर्सिटी को ऑफ कैंपस या स्टडी सेंटर खोलने की अनुमति थी। यूनिवर्सिटी पैरामेडिकल काउंसलिंग और उत्तराखंड में पंजीकृत नहीं थी। पूूरा मामला प्रकाश में आने के बाद डीएम अल्मोड़ा ने महानिदेशालय को पत्र लिखा। इस आधार पर महानिदेशालय ने अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा और सीएमओ डॉ. आरसी पंत को जांच अधिकारी बनाते हुए कॉलेज की जांच कराई। जांच अधिकारियों को कॉलेज का पंजीकरण नहीं मिला और छात्रों द्वारा की गई शिकायतों की भी पुष्टि हुई। इस आधार पर अब कॉलेज में संचालित पैरामेडिकल कोर्स को बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं।
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आदेश में किया गया संशोधन
अल्मोड़ा। जयश्री पैरामेडिकल कॉलेज की जांच में फर्जीवाड़े की पुष्टि होने के बाद कॉलेज को बंद करने के आदेश दिए गए थे। पर कॉलेज में पैरामेडिकल के साथ ही कुछ दूसरे कोर्स भी चलते हैं। इस संबंध में कॉलेज संचालक ने डीएम से कहा कि पूरा कॉलेज बंद होने से दूसरे कोर्स कर रहे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होगी। इसके बाद आदेश में संशोधन कर कॉलेज में चल रहे पैरामेडिकल का कोर्स बंद करने का आदेश दिया गया। इसके लिए तहसीलदार अल्मोड़ा कुलदीप पांडे को नामित किया गया है।
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एक सोसायटी के तहत की गई थी जयश्री कॉलेज की स्थापना
अल्मोड़ा। जयश्री कॉलेज की स्थापना 2010 में एक सोसायटी के तहत की गई थी। तब यह कॉलेज हिमालयन यूनिवर्सिटी ईटानगर (अरुणाचल प्रदेश) का हिस्सा था लेकिन बाद में इसे अन्य यूनिवर्सिटी में स्थानांतरित कर दिया गया। तब यहां पढ़ रहे छात्रों का कोर्स हिमालयन यूनिवर्सिटी ईटानगर के तहत पूरा हुआ था लेकिन अब तक उन छात्रों को डिग्री नहीं मिल पाई है।
कई बार बदली जयश्री कॉलेज ने यूनिवर्सिटी
अल्मोड़ा। बताते हैं कि 2017 में जयश्री कॉलेज उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से संबद्ध था। 2017 में ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद से यूओयू ने अपने सभी ऑफ कैंपस बंद कर दिए। तब जयश्री कॉलेज प्रशासन ने सिंघानिया यूनिवर्सिटी (राजस्थान) से कॉलेज को संबद्ध करने की बात अपने छात्रों से कही। इसी दौरान सिंघानिया यूनिवर्सिटी फर्जीवाड़े के विवादों से घिर गई। जयश्री कॉलेज ने एक बार फिर यूनिवर्सिटी बदली और कॉलेज को हिमालयन गढ़वाल यूनिवर्सिटी से संबद्ध कर दिया।
यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर मार्कशीट दिखती है, डिग्री नहीं
अल्मोड़ा। वर्ष 2016 में हाईकोर्ट के एक आदेश के बाद उत्तराखंड में पैरामेडिकल के किसी भी डिप्लोमा कोर्स का पंजीकरण नहीं किया जाता। इसके बाद भी यूनिवर्सिटी और कॉलेज राज्य में इन डिप्लोमा कोर्स को संचालित कर रहे हैं। जयश्री कॉलेज ने भी इसी तरह का फर्जीवाड़ा कर अपने छात्रों से मोटी फीस वसूल कर उन्हें गुमराह किया। हिमालयन गढ़वाल यूनिवर्सिटी की वेबसाइट खोलने पर उसमें भी सिर्फ मार्कशीट दिखाई देती है। डिग्री नजर नहीं आती।
अल्मोड़ा के जयश्री कॉलेज का चिकित्सा परिषद में पंजीकरण नहीं पाया गया। पंजीकरण न होने के कारण जयश्री कॉलेज के मेडिकल शिक्षा संबंधी अनुभाग को बंद करने के आदेश दिए गए हैं। पूरा कॉलेज बंद नहीं किया जाएगा।
- वंदना, डीएम अल्मोड़ा
जयश्री कॉलेज के पैरामेडिकल विभाग को बंद कराने संबंधी एक आदेश पत्र जिला प्रशासन की तरफ से मिला था। इसमें हमने एक मजिस्ट्रेट स्तर का अधिकारी नियुक्त करने के लिए जिला प्रशासन से पत्राचार किया है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- प्रदीप कुमार राय, एसएसपी अल्मोड़ा।

डीएम वंदना- फोटो : ALMORA