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पांडे जी ने मंदिरों के जीर्णोद्धार की बीड़ा उठाया
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
Updated Sat, 15 Jul 2017 11:09 PM IST
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सुरेश चंद्र पांडे
- फोटो : amar ujala
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अल्मोड़ा के पूर्वी पोखरखाली निवासी सुरेश चंद्र पांडे ने अपने गांव विजयपुर पाटिया, कोट्यूड़ा, और अल्मोड़ा के पूर्वी पोखरखाली में जीर्ण हो चुके तीन प्राचीन मंदिरों को नया रूप दिया है। इसके अलावा विजयपुर पाटिया में एक नया शिव मंदिर बनवाया और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाले दो शिक्षाविदों की स्मृति में विजयपुर पाटिया में एक पुस्तकालय भी बनवाया है। इन कार्यों में उन्होंने खुद करीब डेढ़ लाख रुपये खर्च कर दिए जबकि इस नेक काम में कई अन्य लोगों ने भी उन्हें कुछ मदद की।
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विजयपुर पाटिया इंटर कालेज में प्रधान लिपिक पद पर कार्यरत पूर्वी पोखरखाली निवासी सुरेश चंद्र पांडे सामाजिक कार्यों में भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं। पिछले करीब तीन साल से उन्होंने कुछ जीर्ण हो चुके प्राचीन मंदिरों के जीर्णोद्धार का बीड़ा उठाया। उन्होंने विजयपुर पाटिया में स्थित करीब डेढ़ सौ साल पुराने भगवती मंदिर की खराब दशा को देखते हुए इसके जीर्णोद्धार का काम शुरू किया और फिर कुछ अन्य लोगों की सहायता से इस मंदिर को नया रूप दिया।
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उसके बाद उन्होंने कोट्यूड़ा में स्थित देवी मंदिर का खुद के प्रयासों से जीर्णोद्धार कराया। हाल ही में उन्होंने विजयपुर पाटिया में एक नए शिव मंदिर का भी निर्माण कराया है। इस मंदिर का निर्माण भी खुद कराया और किसी अन्य से सहायता नहीं ली।
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यही नहीं उन्होंने विजयपुर पाटिया में स्कूल की स्थापना करने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले मथुरा दत्त पांडे और धीर सिंह यादव की स्मृति में एक पुस्तकालय भी स्थापित करवा दिया है। पुस्तकालय का कक्ष भी उन्होंने अपने खर्च से ही बनाया है। गांव के युवा इस पुस्तकालय में आकर अध्ययन करते हैं। पांडे का कहना है कि लोगों को अपनी धरोहरों को सहेजने के लिए भी योगदान देना चाहिए।