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अल्मोड़ा में बनेगा वीपीकेएस द्वारा विकसित पैडी थ्रैशर
ब्यूरो/अमर उजाला, अल्मोड़ा।
Updated Thu, 12 Nov 2015 11:00 PM IST
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पर्वतीय क्षेत्र के काश्तकारों को अब धान की मढ़ाई को अधिक मेहनत नहीं करनी पड़ेगी। विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान ने धान की मढ़ाई के लिए बनाए गए वीएल पैडी थ्रैशर के निर्माण और विपणन को निजी प्रतिष्ठान से अनुबंध किया है। इस थ्रैशर को एक व्यक्ति आसानी से पैरों से चलाकर एक घंटे में मढ़ाई कर एक क्विंटल धान निकाल सकता है। इससे काफी समय बचेगा।
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वीपीकेएस के निदेशक डा. ए पट्टनायक ने बताया कि काश्तकार अब तक परंपरागत रूप से धान की मढ़ाई करते हैं। धान की बालियों को पैर से रगड़ कर, डंडे से अथवा पत्थर में पीट धान के बीजों को अलग किया जाता है। इसमें काश्तकारों को काफी समय और मेहनत करनी पड़ती है।
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संस्थान के वैज्ञानिकों ने पैडी थ्रैशर का निर्माण किया है। इस मशीन को दोनों पांव से साइकिल की तरह चलाना होता है। उन्होंने बताया कि पैडी थ्रैशर के निमार्ण के लिए संस्थान ने मकेड़ी-अल्मोड़ा स्थित मैसर्स गोपाल इंजीनियरिंग वर्कर्स से लिखित समझौता कर लिया है।
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गोपाल इंजीनियरिंग पैडी थ्रैशर के अलावा संस्थान द्वारा पूर्व में विकसित विवेक मडुवा और मादिरा थैशर-1 भी अल्मोड़ा में ही बनाएगा। निर्माता कंपनी के साथ हुए अनुबंध के दौरान निदेशक के अलावा डा. लक्ष्मीकांत, वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. शेर सिंह, तकनीकि अधिकारी शिव सिंह, गोपाल इंजीनियरिंग के गोपाल दत्त भट्ट, अनिल भट्ट आदि मौजूद थे।