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खोल दे माता खोल भवानी धरम किवाड़ा...
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
Updated Fri, 07 Sep 2018 11:44 PM IST
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जैंती के चौकुना ग्राम पंचायत में कुमाऊंनी झोड़ा गाती महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
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तहसील के ग्राम पंचायत चौकुना में चल रहे गौरा महोत्सव (गंवरा) में महिलाओं ने कुमाऊंनी गीत तथा झोड़ा प्रस्तुत कर रंग जमाया। इससे पहले व्रतधारी महिलाओं ने गौरा और महेश की मूर्तियों को झूलाया और गीतों पर नृत्य किया। महोत्सव में आसपास के गांवों से काफी संख्या में महिलाएं भाग ले रही हैं।
महिलाओं ने खोल दे माता खोल भवानी धरम किवाड़ा.., कमला ग्यूं खेता जन जाए छोरी ग्यूं बाली टूटली.., दिवानी छोरा द्वारहाटा को तिले धारो बोला... आदि कुमाऊंनी झोड़ा गाए। इसके अलावा दे गंवरा देवी हो छुम घुंघरू छुम को बाजो त्वे गंवरा झुलूनों हो छुम को बाजो.., पैर-पैर गौरा नौ लखिया हार.., मैं किले ब्याही बौज्यू यो ऊंचा हिमाला डांडा ह्यूं पहाड़ बौज्यू ह्यूं बिछौन, होली रे बाला-होली रे, होल्यारी बाला होरी रे..आदि गौरा महोत्सव के गीत गाए। महोत्सव में पूर्व प्रधान जानकी धानक, हेमा चिलवाल, पिंकी धानक, मीना देवी, सरस्वती देवी, सावित्री देवी, उमा देवी, मोहनी देवी, देवकी देवी, तुलसी देवी, पार्वती देवी, खष्टी देवी, लाली देवी आदि मौजूद थी। महोत्सव में नैगाड़, धनखोली, कनोली, बरम, सैनोली, नौगांव आदि गांवों की महिलाएं भी हिस्सा ले रही हैं।
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महिलाओं ने खोल दे माता खोल भवानी धरम किवाड़ा.., कमला ग्यूं खेता जन जाए छोरी ग्यूं बाली टूटली.., दिवानी छोरा द्वारहाटा को तिले धारो बोला... आदि कुमाऊंनी झोड़ा गाए। इसके अलावा दे गंवरा देवी हो छुम घुंघरू छुम को बाजो त्वे गंवरा झुलूनों हो छुम को बाजो.., पैर-पैर गौरा नौ लखिया हार.., मैं किले ब्याही बौज्यू यो ऊंचा हिमाला डांडा ह्यूं पहाड़ बौज्यू ह्यूं बिछौन, होली रे बाला-होली रे, होल्यारी बाला होरी रे..आदि गौरा महोत्सव के गीत गाए। महोत्सव में पूर्व प्रधान जानकी धानक, हेमा चिलवाल, पिंकी धानक, मीना देवी, सरस्वती देवी, सावित्री देवी, उमा देवी, मोहनी देवी, देवकी देवी, तुलसी देवी, पार्वती देवी, खष्टी देवी, लाली देवी आदि मौजूद थी। महोत्सव में नैगाड़, धनखोली, कनोली, बरम, सैनोली, नौगांव आदि गांवों की महिलाएं भी हिस्सा ले रही हैं।
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