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Almora News: विशेषज्ञ के 18 पद मंजूर तैनाती केवल चार की
Sat, 18 Jan 2025 12:08 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Sat, 18 Jan 2025 12:08 AM IST
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अल्मोड़ा जिले के अस्पतालों में निश्चेतकों का टोटा
अल्मोड़ा। जिले के अस्पताल विशेषज्ञों की कमी से जूझ रहे हैं। निश्चेतकों के मंजूर 18 पदों में से केवल चार की तैनाती इसका प्रमाण है। इसका असर सीधे अस्पतालों में उपचार के लिए आने वाले मरीजों पर पड़ रहा है। सीएमओ कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल के दो चिकित्सक अनुपस्थित चल रहे हैं। वही, रानीखेत में भी दो निश्चेतक तैनात है। जिनमें से एक डॉक्टर महीने के कुछ दिन जिला अस्पताल में अपनी सेवा देते है।
जिले के देवालय, देघाट, जैंती, शलंगी, द्वाराहाट, चौखुटिया, भिकियासैंण और धौलादेवी, सोमेश्वर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में लाखों रुपये खर्च कर ऑपरेशन थिएटर तो बनाया गया लेकिन बगैर निश्चेतक के इनका सही से प्रयोग नहीं हो पा रहा है।
महीन में 300 मरीज सर्जरी के आते
जिले के अस्पतालों में पित्त की थैली में पथरी, हर्निया, हाइड्रोसील और हड्डियों के ऑपरेशन आदि के ऑपरेशन होते है। एक महीने में जिले के अस्पतालों में सर्जरी कराने के लिए करीब 300 से अधिक मरीज आते हैं, जिन्हें जांच और अन्य के लिए एक सप्ताह तक का समय दिया जाता है। निश्चेतक न होने से अस्थायी व्यवस्था कर मरीज का ऑपरेशन किया जाता है।
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कोट-विशेषज्ञ डॉक्टरों के लिए शासन को कई बार पत्र भेजा जा चुका है। उम्मीद है जल्द निश्चेतक पर्याप्त मात्रा में मिल जाएंगे।- डॉ. आरसी पंत, सीएमओ, अल्मोड़ा।
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अल्मोड़ा। जिले के अस्पताल विशेषज्ञों की कमी से जूझ रहे हैं। निश्चेतकों के मंजूर 18 पदों में से केवल चार की तैनाती इसका प्रमाण है। इसका असर सीधे अस्पतालों में उपचार के लिए आने वाले मरीजों पर पड़ रहा है। सीएमओ कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल के दो चिकित्सक अनुपस्थित चल रहे हैं। वही, रानीखेत में भी दो निश्चेतक तैनात है। जिनमें से एक डॉक्टर महीने के कुछ दिन जिला अस्पताल में अपनी सेवा देते है।
जिले के देवालय, देघाट, जैंती, शलंगी, द्वाराहाट, चौखुटिया, भिकियासैंण और धौलादेवी, सोमेश्वर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में लाखों रुपये खर्च कर ऑपरेशन थिएटर तो बनाया गया लेकिन बगैर निश्चेतक के इनका सही से प्रयोग नहीं हो पा रहा है।
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महीन में 300 मरीज सर्जरी के आते
जिले के अस्पतालों में पित्त की थैली में पथरी, हर्निया, हाइड्रोसील और हड्डियों के ऑपरेशन आदि के ऑपरेशन होते है। एक महीने में जिले के अस्पतालों में सर्जरी कराने के लिए करीब 300 से अधिक मरीज आते हैं, जिन्हें जांच और अन्य के लिए एक सप्ताह तक का समय दिया जाता है। निश्चेतक न होने से अस्थायी व्यवस्था कर मरीज का ऑपरेशन किया जाता है।
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कोट-विशेषज्ञ डॉक्टरों के लिए शासन को कई बार पत्र भेजा जा चुका है। उम्मीद है जल्द निश्चेतक पर्याप्त मात्रा में मिल जाएंगे।- डॉ. आरसी पंत, सीएमओ, अल्मोड़ा।