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Almora News: रानीखेत में ऑनलाइन कर प्रणाली बनी सिरदर्द
Mon, 30 Jun 2025 11:56 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Mon, 30 Jun 2025 11:56 PM IST
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वेबसाइट नहीं चलने से समय पर टैक्स जमा करना हो रहा मुश्किल
रानीखेत (अल्मोड़ा)। छावनी परिषद की ऑनलाइन कर प्रणाली लोगों के लिए सुविधा कम, सिरदर्द ज्यादा साबित हो रही है। पोर्टल बार-बार ठप हो जाने से करदाताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
छावनी क्षेत्र में पिछले तीन-चार वर्षों से मैनुअल यानी ऑफलाइन कर जमा करने की सुविधा पूरी तरह से हटा दी गई है। अब सभी करों का भुगतान केवल ई-पोर्टल के माध्यम से ही करना होता है। शुरुआत में इस व्यवस्था का स्थानीय लोगों ने विरोध भी किया था, लेकिन समय के साथ इसे स्वीकार करने को मजबूर हो गए। हालांकि, अब भी कई लोगों को पोर्टल के तकनीकी खामियों के चलते कर भुगतान में असुविधा होती है।
छावनी परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष संजय पंत ने कहा कि पोर्टल अक्सर काम नहीं करता, जिससे लोग तय समय में कर नहीं भर पाते। उन्होंने सवाल उठाया कि जब साइट ही नहीं चलेगी तो करदाता टैक्स कैसे जमा करेगा। पंत ने ऑनलाइन के साथ-साथ मैनुअल व्यवस्था भी बहाल करने की मांग की।
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कोट- फिलहाल ई-छावनी पोर्टल की साइट धीमी गति से काम कर रही है। जिससे करदाताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बीते महीने भी पोर्टल में तकनीकी खामियों के चलते इसी तरह की दिक्कतें सामने आई थीं।-राजेंद्र पंत, राजस्व अधीक्षक छावनी परिषद रानीखेत।
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। छावनी परिषद की ऑनलाइन कर प्रणाली लोगों के लिए सुविधा कम, सिरदर्द ज्यादा साबित हो रही है। पोर्टल बार-बार ठप हो जाने से करदाताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
छावनी क्षेत्र में पिछले तीन-चार वर्षों से मैनुअल यानी ऑफलाइन कर जमा करने की सुविधा पूरी तरह से हटा दी गई है। अब सभी करों का भुगतान केवल ई-पोर्टल के माध्यम से ही करना होता है। शुरुआत में इस व्यवस्था का स्थानीय लोगों ने विरोध भी किया था, लेकिन समय के साथ इसे स्वीकार करने को मजबूर हो गए। हालांकि, अब भी कई लोगों को पोर्टल के तकनीकी खामियों के चलते कर भुगतान में असुविधा होती है।
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छावनी परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष संजय पंत ने कहा कि पोर्टल अक्सर काम नहीं करता, जिससे लोग तय समय में कर नहीं भर पाते। उन्होंने सवाल उठाया कि जब साइट ही नहीं चलेगी तो करदाता टैक्स कैसे जमा करेगा। पंत ने ऑनलाइन के साथ-साथ मैनुअल व्यवस्था भी बहाल करने की मांग की।
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कोट- फिलहाल ई-छावनी पोर्टल की साइट धीमी गति से काम कर रही है। जिससे करदाताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बीते महीने भी पोर्टल में तकनीकी खामियों के चलते इसी तरह की दिक्कतें सामने आई थीं।-राजेंद्र पंत, राजस्व अधीक्षक छावनी परिषद रानीखेत।