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Almora News: एक डॉक्टर कैंप ड्यूटी पर, दूसरे अवकाश पर, जिला अस्पताल में मरीजों की बढ़ी आफत
Mon, 13 Jul 2026 11:38 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Mon, 13 Jul 2026 11:38 PM IST
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साप्ताहिक अवकाश के बाद खुली ओपीडी में पहुंचे 600 से अधिक लोग
इलाज के लिए पांच किमी दूर बेस अस्पताल के काटने पड़े चक्कर
संवाद न्यूज एजेंसी
अल्मोड़ा। जिला अस्पताल के एक चिकित्सक के कैंप ड्यूटी पर जाने और एक अन्य डॉक्टर के अवकाश पर रहने के कारण सोमवार को दूर-दराज से आए मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। जिला अस्पताल में उचित इलाज न मिलने के कारण मरीजों को उपचार के लिए पांच किलोमीटर दूर बेस अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ी जिससे उन्हें मानसिक और आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
साप्ताहिक अवकाश (रविवार) के बाद सोमवार को जब जिला अस्पताल खुला तो सुबह से ही मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। अस्पताल की ओपीडी में 600 से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंचे थे लेकिन डॉक्टरों की अनुपलब्धता ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। बताया गया कि ईएनटी रोग विशेषज्ञ डॉ. मोनिका कैंप ड्यूटी पर गई थीं जबकि बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष पंत अवकाश पर चल रहे थे। राहत की बात यह रही कि महिला अस्पताल में डॉ. पल्लवी ने मरीजों को देखा।
दूर-दराज के ग्रामीण भुगत रहे मार, वाहन न मिलने से बढ़े संकट
ईएनटी रोग विशेषज्ञ के न होने से जिले के दूरस्थ क्षेत्रों जैसे लमगड़ा, ताकुला, धौलादेवी, हवालबाग और भैंसियाछाना सहित अन्य विकासखंडों से पहुंचे मरीजों को भारी मायूसी हाथ लगी। वहीं जिला अस्पताल से निराश होकर मरीजों को पांच किमी दूर बेस अस्पताल जाना पड़ा। वहां भी पहले से भारी भीड़ होने के कारण मरीजों को अपनी बारी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। इसके अलावा, देर शाम होने के कारण दूरस्थ इलाकों से पहुंचे मरीजों को घर वापसी के लिए वाहन न मिलने से भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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जिला अस्पताल के प्रभारी पीएमएस डॉ. जीवन मपवाल का कहना है कि जिला अस्पताल की ईएनटी रोग विशेषज्ञ कैंप ड्यूटी पर गई हैं। कैंप ड्यूटी से लौटने पर अस्पताल में उपलब्ध रहेंगी।
एक डॉक्टर के भरोसे कपकोट अस्पताल की ओपीडी, उमड़ रही भीड़
कपकोट (बागेश्वर)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कपकोट में स्वास्थ्य सेवाएं दिन-प्रतिदिन बदहाल होती जा रही हैं। अस्पताल की ओपीडी व्यवस्था इन दिनों महज एक मेडिकल ऑफिसर के भरोसे संचालित हो रही है। डॉ. प्रतीक अकेले ही प्रतिदिन 100 से अधिक मरीजों का उपचार कर रहे हैं।
सप्ताह के शुरुआती दिनों में अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ रही है जिससे ओपीडी का आंकड़ा 150 के पार पहुंच जाता है। बाल रोग विशेषज्ञ की ड्यूटी केवल शाम के समय होने के कारण दिन में बच्चों को भी डॉ. प्रतीक ही देख रहे हैं। इसके अलावा अस्पताल में महिला चिकित्सक का कक्ष भी खाली चल रहा है जिससे महिला मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इन दिनों अस्पताल में ज्यादातर मरीज पेट दर्द, टाइफाइड, खांसी-जुकाम और बुखार की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। मरीजों के लिए राहत की बात यह है कि सप्ताह के पहले तीन दिन अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध है, जहां प्रतिदिन 25 से 30 जांचें हो रही हैं। डॉ. प्रतीक ने लोगों को उबला पानी पीने, बासी खाने से परहेज करने और बिना सलाह दवा न लेने की अपील की है।
कोट
कपकोट अस्पताल में डॉक्टरों की कमी दूर करने के प्रयास जारी हैं। दोपहर के समय महिला चिकित्सक वार्ड के निरीक्षण पर गई थीं जिसके कारण उनका कमरा खाली था। - डॉ. कुमार आदित्य तिवारी, सीएमओ, बागेश्वर
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इलाज के लिए पांच किमी दूर बेस अस्पताल के काटने पड़े चक्कर
संवाद न्यूज एजेंसी
अल्मोड़ा। जिला अस्पताल के एक चिकित्सक के कैंप ड्यूटी पर जाने और एक अन्य डॉक्टर के अवकाश पर रहने के कारण सोमवार को दूर-दराज से आए मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। जिला अस्पताल में उचित इलाज न मिलने के कारण मरीजों को उपचार के लिए पांच किलोमीटर दूर बेस अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ी जिससे उन्हें मानसिक और आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
साप्ताहिक अवकाश (रविवार) के बाद सोमवार को जब जिला अस्पताल खुला तो सुबह से ही मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। अस्पताल की ओपीडी में 600 से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंचे थे लेकिन डॉक्टरों की अनुपलब्धता ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। बताया गया कि ईएनटी रोग विशेषज्ञ डॉ. मोनिका कैंप ड्यूटी पर गई थीं जबकि बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष पंत अवकाश पर चल रहे थे। राहत की बात यह रही कि महिला अस्पताल में डॉ. पल्लवी ने मरीजों को देखा।
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दूर-दराज के ग्रामीण भुगत रहे मार, वाहन न मिलने से बढ़े संकट
ईएनटी रोग विशेषज्ञ के न होने से जिले के दूरस्थ क्षेत्रों जैसे लमगड़ा, ताकुला, धौलादेवी, हवालबाग और भैंसियाछाना सहित अन्य विकासखंडों से पहुंचे मरीजों को भारी मायूसी हाथ लगी। वहीं जिला अस्पताल से निराश होकर मरीजों को पांच किमी दूर बेस अस्पताल जाना पड़ा। वहां भी पहले से भारी भीड़ होने के कारण मरीजों को अपनी बारी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। इसके अलावा, देर शाम होने के कारण दूरस्थ इलाकों से पहुंचे मरीजों को घर वापसी के लिए वाहन न मिलने से भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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जिला अस्पताल के प्रभारी पीएमएस डॉ. जीवन मपवाल का कहना है कि जिला अस्पताल की ईएनटी रोग विशेषज्ञ कैंप ड्यूटी पर गई हैं। कैंप ड्यूटी से लौटने पर अस्पताल में उपलब्ध रहेंगी।
एक डॉक्टर के भरोसे कपकोट अस्पताल की ओपीडी, उमड़ रही भीड़
कपकोट (बागेश्वर)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कपकोट में स्वास्थ्य सेवाएं दिन-प्रतिदिन बदहाल होती जा रही हैं। अस्पताल की ओपीडी व्यवस्था इन दिनों महज एक मेडिकल ऑफिसर के भरोसे संचालित हो रही है। डॉ. प्रतीक अकेले ही प्रतिदिन 100 से अधिक मरीजों का उपचार कर रहे हैं।
सप्ताह के शुरुआती दिनों में अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ रही है जिससे ओपीडी का आंकड़ा 150 के पार पहुंच जाता है। बाल रोग विशेषज्ञ की ड्यूटी केवल शाम के समय होने के कारण दिन में बच्चों को भी डॉ. प्रतीक ही देख रहे हैं। इसके अलावा अस्पताल में महिला चिकित्सक का कक्ष भी खाली चल रहा है जिससे महिला मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इन दिनों अस्पताल में ज्यादातर मरीज पेट दर्द, टाइफाइड, खांसी-जुकाम और बुखार की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। मरीजों के लिए राहत की बात यह है कि सप्ताह के पहले तीन दिन अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध है, जहां प्रतिदिन 25 से 30 जांचें हो रही हैं। डॉ. प्रतीक ने लोगों को उबला पानी पीने, बासी खाने से परहेज करने और बिना सलाह दवा न लेने की अपील की है।
कोट
कपकोट अस्पताल में डॉक्टरों की कमी दूर करने के प्रयास जारी हैं। दोपहर के समय महिला चिकित्सक वार्ड के निरीक्षण पर गई थीं जिसके कारण उनका कमरा खाली था। - डॉ. कुमार आदित्य तिवारी, सीएमओ, बागेश्वर