फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   Old Building Of Vetarinari Hospital Almora

जिला मुख्यालय का पशु अस्पताल सदर जर्जर हालत में, छत से टपकता है पानी

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 09 Dec 2021 11:33 PM IST
विज्ञापन
Old Building Of Vetarinari Hospital Almora
अल्मोड़ा स्थित पशु अस्पताल सदर का जर्जर भवन - फोटो : ALMORA
अल्मोड़ा। राज्य गठन के 21 सालों बाद भी जिले में कई पशु अस्पतालों के भवन नहीं बन सके। जिला मुख्यालय स्थित पशु अस्पताल (सदर) जर्जर भवन में संचालित हो रहा है। भवन की छत जीर्णशीर्ण है। कई स्थानों पर छत में छेद हो चुके हैं। इससे बारिश होने पर पानी अंदर टपकता है।
विज्ञापन

जिले में 37 पशु अस्पताल और एक सचल अस्पताल है। लंबे समय से पशु अस्पताल (सदर), बानठौक, जौरासी, धामस, मौलेखाल (सल्ट), मासी के अस्पताल किराये के भवनों में संचालित हैं। जिला मुख्यालय स्थित पशु अस्पताल (सदर) जर्जर किराये के भवन में चल रहा है।
विज्ञापन

इस भवन की दीवारों में कई स्थानों पर दरारें आ गईं हैं। छत भी जीर्णशीर्ण हो गई है। छत में कई स्थानों पर छेद हो गए हैं। इससे बारिश में पानी छत से टपक कर कमरों के भीतर घुस जाता है। इससे कर्मचारियों को दिक्कतें होतीं हैं। पशु अस्पताल परिसर में बीमार पशुओं के उपचार के लिए भी पर्याप्त जगह नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस अस्पताल में पशुओं की सिर्फ ओपीडी चलती है। आवास सुविधा भी नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी पशु अस्पतालों के भवनों की स्थिति खराब है। किराये के कई भवनों की हालत जर्जर है। किराये पर संचालित इन पशु चिकित्सालयों में सीमित जगह होने के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
विभाग किराये के भवनों में संचालित हो रहे अस्पतालों के भवन निर्माण के लिए भूमि तलाश रहा है लेकिन उसे जमीन नहीं मिली। इस कारण फिलहाल अभी किराये के भवनों में चल रहे इन अस्पतालों के भवन बनने की उम्मीद नहीं दिख रही है।
दवाइयों के खराब होने का खतरा
अल्मोड़ा। जिला मुख्यालय स्थित पशु अस्पताल (सदर) में ही केंद्रीय औषधि भंडार है। केंद्रीय औषधि भंडार से जिले में स्थापित सभी पशु अस्पतालों को दवाइयों की सप्लाई होती है। जीर्णशीर्ण छत से तेज बारिश में पानी टपक कर अंदर आ जाता है। इससे औषधि भंडार में रखी गई दवाइयों के खराब होने और दस्तावेजों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।

कुछ अस्पताल अभी किराये के भवन में संचालित किए जा रहे हैं। अस्पताल भवनों के लिए भूमि की तलाश जारी है। भूमि का चयन होने पर संबंधित प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जाएगा। ताकि अस्पतालों के भवन जल्द से जल्द भवन बन सकें।
- डॉ. रवींद्र चंद्रा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, अल्मोड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed