{"_id":"5749dd514f1c1b3207691e70","slug":"off-the-water-in-the-irrigation-canals-starting-on-dharna","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिंचाई नहरों में पानी बंद, धरना-प्रदर्शन शुरू ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिंचाई नहरों में पानी बंद, धरना-प्रदर्शन शुरू
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, चौखुटिया (अल्मोड़ा)।
Updated Sat, 28 May 2016 11:32 PM IST
विज्ञापन
चौखुटिया में जल संकट
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। पेयजल समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन के निर्देश पर विकास खंड की सभी 22 सिंचाई नहरों में पानी बंद किए जाने से क्षेत्र में सिंचाई को लेकर हाहाकार मच गया है। इसी से आक्रोशित चार गांवों की महिलाओं ने जुलूस-प्रदर्शन के साथ सिंचाई कार्यालय का घेराव किया। आक्रोशित महिलाओं ने 24 घंटे के भीतर पानी न छोड़े जाने पर तहसील कार्यालय में अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करने की चेतावनी दी है।
विज्ञापन
सिंचाई नहर में पानी बंद होने से गुस्साए ग्राम पंचायत गनाई, दिगौत, धुधलिया बिष्ट और बौरा गांव की महिलाओं ने नारेबाजी के साथ प्रदर्शन करते हुए सिंचाई विभाग के कार्यालय का घेराव किया। महिलाओं का कहना था कि नहरों में पानी बंद किए जाने से उनकी धान की पौध सूखने लगी है। लोग कृषि के माध्यम से किसी तरह जीविकोपार्जन कर रहे हैं, लेकिन उन्हें सुविधाएं देने के बजाए उनसे मूलभूत अधिकार छीना जा रहा है, जिसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नही किया जा सकता है।
विज्ञापन
महिलाओं ने सिंचाई नहरों में चौबीस घंटे के भीतर पानी न छोड़े जाने पर तहसील कार्यालय में अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करने की चेतावनी दी है। घेराव और प्रदर्शन में गनाई की प्रधान पुष्पा देवी, तारा कांडपाल, आशा मोहनी, महेली, हेमा, मंजू, ममता, कुंती, दीपा, राधा, नंदी, रमा, कमला, गीता, खीमुली देवी, दुर्गा, विमला, भारती, तुलसी, सरस्वती, राधा, खष्टी व माया देवी सहित तमाम महिलाएं शामिल थीं। इधर, जिला पंचायत सदस्य गजेंद्र नेगी, फुलई के प्रधान दयाल मेहरा, बाखली के नवीन सिंह बिष्ट, चांदीखेत के दान सिंह कुमयां व उडलीखान के जीवन नेगी आदि ने भी महिलाओं का समर्थन करते हुए मांग पर शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की।
विज्ञापन