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Almora News: अब बगैर फिंगर प्रिंट के मरीज न भर्ती होंगे और न डिस्चार्ज
Sat, 11 May 2024 10:53 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Sat, 11 May 2024 10:53 PM IST
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अल्मोड़ा जिला अस्पताल। संवाद
अल्मोड़ा। अब मरीजों को सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती और डिस्चार्ज होने के लिए फिंगर प्रिंट देने होंगे। बगैर इसके न तो उन्हें भर्ती किया जाएगा और न ही डिस्चार्ज। फिंगर प्रिंट देने के बाद ही उन्हें आयुष्मान योजना के तहत निशुल्क इलाज की सुविधा मिलेगी।
अब तक सरकारी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत निशुल्क इलाज के लिए मरीजों को सिर्फ पर्ची के माध्यम से भर्ती किया जाता था। अब मरीजों को भर्ती होने के लिए फिंगर प्रिंट देकर पंजीकरण कराना होगा। उसे तभी संबंधित अस्पताल में मिलने वाली निशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा। बगैर फिंगर प्रिंट के मरीज डिस्चार्ज भी नहीं हो सकेगा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक यदि संबंधित मरीज ने फिंगर प्रिंट नहीं दिए तो उसे आयुष्मान योजना के तहत गुर्दा रोग, हृदय रोग, घुटना और कूल्हा प्रत्यारोपण, मोतियाबिंद सहित अन्य चिह्नित गंभीर बीमारियों का नि:शुल्क उपचार नहीं मिलेगा और उसे अस्पताल में तय धनराशि का भुगतान करना होगा। फर्जीवाड़ा रोकने के लिए किया नियम में बदलाव
अल्मोड़ा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक पूर्व में आयुष्मान योजना के तहत मरीजों के इलाज में कई तरह का फर्जीवाड़ा सामने आया है। मरीज के साथ ही अस्पतालों की तरफ से फर्जीवाड़ा किया गया है। ऐसे में अब मरीज को भर्ती और डिस्चार्ज के लिए फिंगर प्रिंट देने अनिवार्य होंगे। यदि संबंधित मरीज बगैर फिंगर प्रिंट दिए ही अपने मन से अस्पताल छोड़कर घर जाता है तो उसे आयुष्मान योजना के लाभ से वंचित होना पड़ेगा।
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Iआयुष्मान योजना के तहत मरीज को भर्ती और डिस्चार्ज होने के लिए फिंगर प्रिंट देने होंगे। बगैर इसके न तो उसे भर्ती किया जाएगा और न ही छुट्टी। - डॉ. आरसी पंत, सीएमओ, अल्मोड़ा। I
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अब तक सरकारी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत निशुल्क इलाज के लिए मरीजों को सिर्फ पर्ची के माध्यम से भर्ती किया जाता था। अब मरीजों को भर्ती होने के लिए फिंगर प्रिंट देकर पंजीकरण कराना होगा। उसे तभी संबंधित अस्पताल में मिलने वाली निशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा। बगैर फिंगर प्रिंट के मरीज डिस्चार्ज भी नहीं हो सकेगा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक यदि संबंधित मरीज ने फिंगर प्रिंट नहीं दिए तो उसे आयुष्मान योजना के तहत गुर्दा रोग, हृदय रोग, घुटना और कूल्हा प्रत्यारोपण, मोतियाबिंद सहित अन्य चिह्नित गंभीर बीमारियों का नि:शुल्क उपचार नहीं मिलेगा और उसे अस्पताल में तय धनराशि का भुगतान करना होगा। फर्जीवाड़ा रोकने के लिए किया नियम में बदलाव
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अल्मोड़ा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक पूर्व में आयुष्मान योजना के तहत मरीजों के इलाज में कई तरह का फर्जीवाड़ा सामने आया है। मरीज के साथ ही अस्पतालों की तरफ से फर्जीवाड़ा किया गया है। ऐसे में अब मरीज को भर्ती और डिस्चार्ज के लिए फिंगर प्रिंट देने अनिवार्य होंगे। यदि संबंधित मरीज बगैर फिंगर प्रिंट दिए ही अपने मन से अस्पताल छोड़कर घर जाता है तो उसे आयुष्मान योजना के लाभ से वंचित होना पड़ेगा।
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Iआयुष्मान योजना के तहत मरीज को भर्ती और डिस्चार्ज होने के लिए फिंगर प्रिंट देने होंगे। बगैर इसके न तो उसे भर्ती किया जाएगा और न ही छुट्टी। - डॉ. आरसी पंत, सीएमओ, अल्मोड़ा। I