सदाबहानी गगास नदी पर अब खनन माफियाओं की नजर
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सदाबहानी गगास नदी पर अब खनन माफिया की नजरें पड़ चुकी हैं। नदी का जल स्तर पहले से ही निरंतर घट रहा है, ऐसे में अब खनन माफिया मनमाने ढंग से नदी का सीना छलनी करने पर तुले हुए हैं। यहां से बजरी, रोड़ी और रेत का जमकर दोहन किया जा रहा है। शिकायत के बाद वहां पहुंची राजस्व पुलिस खाली हाथ लौटी, अलबत्ता नदी में जगह-जगह लगे बजरी और रेत के ढेर अवैध खनन की पुष्टि कर रहे हैं। मालूम हो कि बीते वर्ष मई में अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा चलाए गए गगास नदी संरक्षण अभियान के बाद कई ग्रामीण चाल-खाल बना रहे थे, लेकिन खनन माफिया की मनमानी के चलते लोग भी हताश और निराश हैं।
लोगों का कहना है कि अवैध खनन के चलते नदी रास्ता बदल रही है, बरसात के मौसम में नदी उफान पर रहती है, इससे आसपास के गांवों को खतरा पहुंचने की आशंका बनी हुई है। प्रशासन को खनन के खिलाफ सख्ती से कदम उठाने चाहिए। अवैध खनन को बड़ी चालाकी के साथ अंजाम दिया जा रहा है। लगातार शिकायतों के बाद गत दिवस राजस्व पुलिस की टीम ने नदी का निरीक्षण किया, कई स्थानों पर छापामारी की गई, लेकिन तस्करों को शायद छापामारी की सूचना पहले ही मिल चुकी थी। नदी में मात्र रेत, बजरी के ढेर और खनन करने के उपकरण ही मिल पाए हैं।
शिकायत के बाद राजस्व टीम ने नदी में छापा मारा, लेकिन वहां कोई व्यक्ति नहीं मिला, अलबत्ता बजरी के ढेर मिले हैं। उपराजस्व निरीक्षक बिंता को कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। खनन की सूचनाओं को गंभीरता से लेने को कहा गया है।
पूरन नाथ गोस्वामी, राजस्व निरीक्षक द्वाराहाट।