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धान की नर्सरी के लिए भी पानी नसीब नहीं
भूपाल बोरा/अमर उजाला ब्यूरो, सोमेश्वर (अल्मोड़ा)।
Updated Tue, 09 Jun 2015 12:53 AM IST
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सोमेश्वर घाटी क्षेत्र में धान प्रमुख फसल है। अधिकांश काश्तकार धान की खेती करते हैं। कई काश्तकार खेती से ही आजीविका चलाते हैं। धान की रोपाई के लिए काश्तकारों ने इन दिनों अपने खेतों में धान की नर्सरी (पौध) लगाई है।
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पर नहरें क्षतिग्रस्त हैं और इनमें पानी नहीं आ रहा है। काश्तकार कोसी नदी में जनरेटर से पंप चलाकर पाइपों से नर्सरी की सिंचाई कर रहे हैं और पौधों को किसी तरह बचा रहे हैं। नहरें दुरुस्त नहीं होने से काश्तकारों में विभाग के खिलाफ आक्रोश है।
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