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उत्तर भारत में जागेश्वर धाम की विशिष्ट पहचान : डा. पाल
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा
Updated Wed, 03 Aug 2016 12:13 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश के राज्यपाल डा. कृष्ण कांत पाल ने मंगलवार को जागेश्वर धाम में पूजा अर्चना की। उन्होंने कहा कि उत्तर भारत में जागेश्वर धाम की विशिष्ट पहचान है। धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से यह महत्वपूर्ण स्थान है। क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने को शासन द्वारा अनेक महत्वाकांक्षी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। भविष्य में इस क्षेत्र को और अधिक विकसित किया जाएगा।
डा. पाल ने जागनाथ, महामृत्युंजय, पुष्टिमाता, गणेश, केदार, बटुक भैरव, हनुमान आदि मंदिरों में पूजा की और भगवान शंकर का जलाभिषेक किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की शुद्धता बनाए रखने के लिए मंदिर परिसर के समीप सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट कांपेक्टर की स्थापना के साथ ही बायो टायलेट बनाए गए हैं, ताकि मंदिर के आसपास पर्यावरण शुद्ध बना रहे।
जागेश्वर धाम की सुंदरता श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। प्रयास करने होंगे कि श्रद्धालु यहां और अधिक संख्या में पहुंचे। मंदिर कमेटी की व्यवस्थाओं पर प्रसन्नता जताते हुए राज्यपाल ने कहा कि व्यवस्थाओं में और अधिक सुधार करने की आवश्यकता है, ताकि बाहर से आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो। इसके लिए प्रशासन को भी पूर्ण सहयोग करना होगा।
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राज्यपाल ने जागेश्वर में जनता से भी भेंट की। स्थानीय लोगों से राज्यपाल को बताया कि मंदिर के समीप पुराने कलाकृति के भवन हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की स्वीकृति नहीं मिल पाने से पुराने भवनों की मरम्मत नहीं हो पा रही है। राज्यपाल ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट कांपेक्टर का भी निरीक्षण किया। जिलाधिकारी सविन बंसल ने मंदिर समिति द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। इससे पहले जागेश्वर पहुंचने पर राज्यपाल का मंदिर समिति के अध्यक्ष प्रकाश भट्ट, राम दत्त भट्ट, गिरीश भट्ट, प्रधान हरिमोहन भट्ट, रघुनाथ भट्ट, आनंद बल्लभ भट्ट, केसी भट्ट आदि ने स्वागत किया। इस अवसर पर राज्यपाल के विशेष कार्याधिकारी और सचिव अरुण कुमार ढौंडियाल, एसएसपी केएस नगन्याल, राज्यपाल के परिसहाय डा. योगेंद्र सिंह रावत, मेजर अनुज राठौर, सीडीओ प्रकाश चंद्र, एसडीएम विवेक राय, एनएस नगन्याल, डीएसपी अब्बल सिंह रावत आदि मौजूद थे।
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डा. पाल ने जागनाथ, महामृत्युंजय, पुष्टिमाता, गणेश, केदार, बटुक भैरव, हनुमान आदि मंदिरों में पूजा की और भगवान शंकर का जलाभिषेक किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की शुद्धता बनाए रखने के लिए मंदिर परिसर के समीप सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट कांपेक्टर की स्थापना के साथ ही बायो टायलेट बनाए गए हैं, ताकि मंदिर के आसपास पर्यावरण शुद्ध बना रहे।
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जागेश्वर धाम की सुंदरता श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। प्रयास करने होंगे कि श्रद्धालु यहां और अधिक संख्या में पहुंचे। मंदिर कमेटी की व्यवस्थाओं पर प्रसन्नता जताते हुए राज्यपाल ने कहा कि व्यवस्थाओं में और अधिक सुधार करने की आवश्यकता है, ताकि बाहर से आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो। इसके लिए प्रशासन को भी पूर्ण सहयोग करना होगा।
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राज्यपाल ने जागेश्वर में जनता से भी भेंट की। स्थानीय लोगों से राज्यपाल को बताया कि मंदिर के समीप पुराने कलाकृति के भवन हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की स्वीकृति नहीं मिल पाने से पुराने भवनों की मरम्मत नहीं हो पा रही है। राज्यपाल ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट कांपेक्टर का भी निरीक्षण किया। जिलाधिकारी सविन बंसल ने मंदिर समिति द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। इससे पहले जागेश्वर पहुंचने पर राज्यपाल का मंदिर समिति के अध्यक्ष प्रकाश भट्ट, राम दत्त भट्ट, गिरीश भट्ट, प्रधान हरिमोहन भट्ट, रघुनाथ भट्ट, आनंद बल्लभ भट्ट, केसी भट्ट आदि ने स्वागत किया। इस अवसर पर राज्यपाल के विशेष कार्याधिकारी और सचिव अरुण कुमार ढौंडियाल, एसएसपी केएस नगन्याल, राज्यपाल के परिसहाय डा. योगेंद्र सिंह रावत, मेजर अनुज राठौर, सीडीओ प्रकाश चंद्र, एसडीएम विवेक राय, एनएस नगन्याल, डीएसपी अब्बल सिंह रावत आदि मौजूद थे।