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Almora News: स्वीकृति के डेढ दशक बाद भी अस्तित्व में नहीं आ सका रापड़-जीनापानी मोटर मार्ग
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। भिकियासैंण विकासखंड में वर्ष 2006 में स्वीकृत रापड़-जीनापानी मोटर मार्ग का निर्माण कार्य 16 साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है। स्वीकृति के 14 साल बाद 2015 में सर्वे हुआ। इसके बाद पिछले साल पांच किमी सड़क कट भी गई लेकिन शेष 11 किमी सड़क का कोई अता-पता नहीं है। ग्रामीणों ने इस मसले को मुख्यमंत्री पोर्टल में भी दर्ज कराया है। सड़क के अभाव में ग्रामीणों को एक से डेढ़ किमी अब भी पैदल चलना पड़ रहा है।
रापड़-जीनापानी-मझेड़ा 16 किमी मोटर मार्ग को बमुश्किल 2006 में स्वीकृति मिल पाई थी। इस मार्ग से सूणी, भौंनली, डुमना सहित 14 गांवों के लोगों को फायदा होता। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार विभागीय अधिकारियों को सूचना के बावजूद टालमटोली कर दी जाती है।
ग्रामीणों ने कहा कि अधिकतर गांव सड़क सुविधा से जुड़ रहे हैं लेकिन इस मोटर मार्ग को लेकर कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई जा रही है। चौनलिया निवासी सामाजिक कार्यकर्ता किशोर चंद्र ने बताया कि भतरौंजखान से नीचे का इलाका काफी बड़ा है। सड़क के अभाव में लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बीमार व्यक्ति को और भी परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि विभाग और शासन को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए।
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रापड़-जीनापानी मझेड़ा सड़क पांच किमी कट गई है। बाकी संशोधित प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जा रहा है। वन विभाग की औपचारिकताएं पूरी करने में समय लग गया था। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलते ही काम शुरू होगा। -केएस बिष्ट, एई, लोनिवि प्रांतीय खंड, रानीखेत।
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रापड़-जीनापानी-मझेड़ा 16 किमी मोटर मार्ग को बमुश्किल 2006 में स्वीकृति मिल पाई थी। इस मार्ग से सूणी, भौंनली, डुमना सहित 14 गांवों के लोगों को फायदा होता। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार विभागीय अधिकारियों को सूचना के बावजूद टालमटोली कर दी जाती है।
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ग्रामीणों ने कहा कि अधिकतर गांव सड़क सुविधा से जुड़ रहे हैं लेकिन इस मोटर मार्ग को लेकर कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई जा रही है। चौनलिया निवासी सामाजिक कार्यकर्ता किशोर चंद्र ने बताया कि भतरौंजखान से नीचे का इलाका काफी बड़ा है। सड़क के अभाव में लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बीमार व्यक्ति को और भी परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि विभाग और शासन को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए।
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रापड़-जीनापानी मझेड़ा सड़क पांच किमी कट गई है। बाकी संशोधित प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जा रहा है। वन विभाग की औपचारिकताएं पूरी करने में समय लग गया था। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलते ही काम शुरू होगा। -केएस बिष्ट, एई, लोनिवि प्रांतीय खंड, रानीखेत।