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अल्मोड़ा में मूसलाधार बारिश से एनएच समेत नौ मार्ग रहे बंद
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बारिश के बीच उफान में आई जागेश्वर नदी।
- फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। जिले में लगातार मौसम का मिजाज बदला हुआ है। शुक्रवार को अल्मोड़ा में 66 एमएम बारिश हुई। सुबह मूसलाधार बारिश से लोगों का कामकाज प्रभावित रहा, जबकि बारिश के बीच तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। बारिश से जलस्रोतों के रिचार्ज होने की संभावना जगी। बारिश के बीच अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग शुक्रवार एक बार फिर बंद हो गया। मलबा आने से काफी देर हाइवे बंद होने से यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसके अलावा जिले में एक राज्यमार्ग और सात ग्रामीण मोटरमार्ग भी बंद रहे। वहीं कई आंतरिक और ग्रामीण पैदल मार्ग भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
बृहस्पतिवार आधी रात से जिले भर में बारिश शुरू हो गई। सुबह मूसलाधार बारिश हुई। इस दौरान पूरा दिन कभी रिमझिम तो कभी झमाझम बारिश होती रही। बारिश के बीच जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। लोगों के जरूरी कार्य प्रभावित रहे। शुक्रवार की तड़के हुई मूसलाधार बारिश के बीच मलबा आने से अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह बंद हो गया। कई स्थानों पर बड़े बोल्डर गिरने से वाहनों का आवागमन ठप हुआ। हालांकि विभाग की ओर से ऐसे क्षेत्रों में जगह-जगह जेसीबी तैनात की गई है, जिससे समय पर मोटरमार्ग खेल दिया गया। पिथौरागढ़ हाइवे में भी जेसीबी ने मलबा हटा एक घंटे से कम समय में मोटरमार्ग सुचारु किया। नगर के हीरा ढुंगरी-रानीधार के समीप भी सड़क मिट्टी से पट गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य की मिट्टी बारिश से बहकर रास्ते में आ रही हे। उधर नगर पालिका की टीम भी मौके पर पहुंची। इसके अलावा विभिन्न स्थानों में आंतरिक मोटरमार्ग बंद होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। तापमान में हुई गिरावट से लोगों को राहत मिली। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 18 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम पारा भी 20 डिग्री रहा।
कहां कितनी बारिश
अल्मोड़ा - 66 मिमी
सोमेश्वर - 55 मिमी
ताकुला - 53 मिमी
शीतलाखेत - 50.5 मिमी
द्वाराहाट - 41 मिमी
रानीखेत - 35 मिमी
जागेश्वर - 27.5 मिमी
चौखुटिया - 20.5 मिमी
भिकियासैंण - 11.5 मिमी
भैंसियाछाना - 11.5 मिमी
सल्ट - 10.4 मिमी
जैगन का जलस्तर बढ़ा, सेराघाट से दो दर्जन गांवों का संपर्क कटा
धौलछीना (अल्मोड़ा)। क्षेत्र में 18 घंटों से हो रही बारिश लोगों के लिए आफत बनने लगी है। नदी-नाले उफान पर हैं। बारिश का पानी कई घरों में घुसने से लोगों की समस्या बढ़ गई है। सेराघाट स्थित सरयू और जैगन नदियों के उफान पर बहने से निचले क्षेत्र के लोगों का खतरा बढ़ गया है। जैगन का जलस्तर बढ़ने से दो दर्जन गांवों का सेराघाट से संपर्क कट गया है। जागेश्वर में भी नदी उफान में रही।
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जैगन नदी का जलस्तर बढ़ने से सेराघाट कुंज किमोला मोटर मार्ग बंद हो गया है। इस कारण वाहनों की आवाजाही भी पूरी तरह से बंद हो गई है, जिससे लगभग दो दर्जन गांवों का सेराघाट से संपर्क टूट गया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन सेराघाट-कुंजकिमोला मोटरमार्ग में जैगन नदी पर प्रस्तावित पुल नहीं बनने से समस्या और बढ़ गई है। वाहनों को जैगन नदी में उतार कर ही आवाजाही करनी पड़ती है। बरसात के दो महीने नदी उफान पर रहती है, जिससे मजबूरन वाहनों की आवाजाही बंद करनी पड़ती है। सामाजिक कार्यकर्ता प्रमोद पांडे ने बताया कि क्षेत्र की लगभग 20 हजार आबादी के आने-जाने के लिए पांच साल पूर्व जैगन नदी पर 90 मीटर लंबा पुल स्वीकृत किया गया, जो अब तक नहीं बन सका है। (संवाद)
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बृहस्पतिवार आधी रात से जिले भर में बारिश शुरू हो गई। सुबह मूसलाधार बारिश हुई। इस दौरान पूरा दिन कभी रिमझिम तो कभी झमाझम बारिश होती रही। बारिश के बीच जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। लोगों के जरूरी कार्य प्रभावित रहे। शुक्रवार की तड़के हुई मूसलाधार बारिश के बीच मलबा आने से अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह बंद हो गया। कई स्थानों पर बड़े बोल्डर गिरने से वाहनों का आवागमन ठप हुआ। हालांकि विभाग की ओर से ऐसे क्षेत्रों में जगह-जगह जेसीबी तैनात की गई है, जिससे समय पर मोटरमार्ग खेल दिया गया। पिथौरागढ़ हाइवे में भी जेसीबी ने मलबा हटा एक घंटे से कम समय में मोटरमार्ग सुचारु किया। नगर के हीरा ढुंगरी-रानीधार के समीप भी सड़क मिट्टी से पट गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य की मिट्टी बारिश से बहकर रास्ते में आ रही हे। उधर नगर पालिका की टीम भी मौके पर पहुंची। इसके अलावा विभिन्न स्थानों में आंतरिक मोटरमार्ग बंद होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। तापमान में हुई गिरावट से लोगों को राहत मिली। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 18 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम पारा भी 20 डिग्री रहा।
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कहां कितनी बारिश
अल्मोड़ा - 66 मिमी
सोमेश्वर - 55 मिमी
ताकुला - 53 मिमी
शीतलाखेत - 50.5 मिमी
द्वाराहाट - 41 मिमी
रानीखेत - 35 मिमी
जागेश्वर - 27.5 मिमी
चौखुटिया - 20.5 मिमी
भिकियासैंण - 11.5 मिमी
भैंसियाछाना - 11.5 मिमी
सल्ट - 10.4 मिमी
जैगन का जलस्तर बढ़ा, सेराघाट से दो दर्जन गांवों का संपर्क कटा
धौलछीना (अल्मोड़ा)। क्षेत्र में 18 घंटों से हो रही बारिश लोगों के लिए आफत बनने लगी है। नदी-नाले उफान पर हैं। बारिश का पानी कई घरों में घुसने से लोगों की समस्या बढ़ गई है। सेराघाट स्थित सरयू और जैगन नदियों के उफान पर बहने से निचले क्षेत्र के लोगों का खतरा बढ़ गया है। जैगन का जलस्तर बढ़ने से दो दर्जन गांवों का सेराघाट से संपर्क कट गया है। जागेश्वर में भी नदी उफान में रही।
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जैगन नदी का जलस्तर बढ़ने से सेराघाट कुंज किमोला मोटर मार्ग बंद हो गया है। इस कारण वाहनों की आवाजाही भी पूरी तरह से बंद हो गई है, जिससे लगभग दो दर्जन गांवों का सेराघाट से संपर्क टूट गया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन सेराघाट-कुंजकिमोला मोटरमार्ग में जैगन नदी पर प्रस्तावित पुल नहीं बनने से समस्या और बढ़ गई है। वाहनों को जैगन नदी में उतार कर ही आवाजाही करनी पड़ती है। बरसात के दो महीने नदी उफान पर रहती है, जिससे मजबूरन वाहनों की आवाजाही बंद करनी पड़ती है। सामाजिक कार्यकर्ता प्रमोद पांडे ने बताया कि क्षेत्र की लगभग 20 हजार आबादी के आने-जाने के लिए पांच साल पूर्व जैगन नदी पर 90 मीटर लंबा पुल स्वीकृत किया गया, जो अब तक नहीं बन सका है। (संवाद)