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कुमाऊं में जल्द तैयार होंगी तीन हाईटेक जेल
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अल्मोड़ा की जेल का भवन। संवाद न्यूज एजेंसी
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अल्मोड़ा। कुमाऊं के ऊधमसिंह नगर, चंपावत और पिथौरागढ़ में तीन हाईटेक जेल तैयार होने वाली हैं। इन तीनों नई जेलों का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। उम्मीद है कि जल्द ही यह जेलें बनकर तैयार हो जाएंगी। इन जेलों के बन जाने के बाद उन जेलों का बोझ भी घटेगा, जहां पर अभी क्षमता से अधिक कैदी रखे गए हैं। जेलों में होने वाली घटनाओं पर भी अंकुश लगेगा।
अभी कई जेलों में क्षमता से अधिक बंदी-कैदी रखे गए हैं। इसी वजह से वहां पर पूरी तरह से निगरानी नहीं हो पाती है। नई तकनीकी से लैस इन जेलों के बन जाने के बाद कोई भी बंदी न तो उपद्रव मचा सकेगा और न ही बाहरी व्यक्तियों से संपर्क कर सकेगा। इन जेलों के तैयार होने के बाद हल्द्वानी और नैनीताल समेत अन्य जेलों के क्षमता से अधिक कैदियों को यहां शिफ्ट किया जाएगा। क्षमता के अनुसार ही कैदी को रखने के बाद अन्य जेलों भी सहूलियतें बढ़ जाएंगी।
सुरक्षा के होंगे कड़े इंतजाम
अल्मोड़ा। इन हाईटेक जेलों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम होंगे। कोई भी बंदी मोबाइल फोन का प्रयोग नहीं कर सकेगा। इसके लिए जेल में जैमर लगाए जाएंगे, जिससे वहां पर मोबाइल की कनेक्टिविटी समाप्त हो जाएगी। हाईटेक कैंटीन, शौचालय आदि व्यवस्थाएं भी मिलेंगी। कोई भी बंदी बाहर से खाना मंगाकर नहीं खा सकेगा। उनकी जरूरत की सभी चीजें जेल में ही मुहैया करवाई जाएंगी, जिससे वह किसी भी बाहरी व्यक्ति के संपर्क में नहीं आ सकेंगे।
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203 बंदी रक्षक भी जल्द होंगे तैनात
अल्मोड़ा। राज्य की जेलें कर्मचारियों की कमी से भी जूझ रही हैं। इन तीन जेलों के तैयार होने के बाद यहां पर भी कर्मचारियों की जरूरत पड़ेगी। इसके लिए भी 203 बंदीरक्षकों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। जल्द ही कर्मचारियों की कमी से जूझ रही जेलों को इस समस्या से भी निजात मिलेगी।
तीनों जेल बन जाने के बाद सहूलियतें बढ़ जाएंगी। दूसरी जेलों से मुलजिम भी शिफ्ट किए जाएंगे। यह जेलें आधुनिक तकनीकी से लैस होंगी। जेल के अंदर होने वाली घटनाओं पर भी पूरी तरह से लगाम लगेगी।
- पुष्पक ज्योति, आईजी, जेल (उत्तराखंड)।
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अभी कई जेलों में क्षमता से अधिक बंदी-कैदी रखे गए हैं। इसी वजह से वहां पर पूरी तरह से निगरानी नहीं हो पाती है। नई तकनीकी से लैस इन जेलों के बन जाने के बाद कोई भी बंदी न तो उपद्रव मचा सकेगा और न ही बाहरी व्यक्तियों से संपर्क कर सकेगा। इन जेलों के तैयार होने के बाद हल्द्वानी और नैनीताल समेत अन्य जेलों के क्षमता से अधिक कैदियों को यहां शिफ्ट किया जाएगा। क्षमता के अनुसार ही कैदी को रखने के बाद अन्य जेलों भी सहूलियतें बढ़ जाएंगी।
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सुरक्षा के होंगे कड़े इंतजाम
अल्मोड़ा। इन हाईटेक जेलों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम होंगे। कोई भी बंदी मोबाइल फोन का प्रयोग नहीं कर सकेगा। इसके लिए जेल में जैमर लगाए जाएंगे, जिससे वहां पर मोबाइल की कनेक्टिविटी समाप्त हो जाएगी। हाईटेक कैंटीन, शौचालय आदि व्यवस्थाएं भी मिलेंगी। कोई भी बंदी बाहर से खाना मंगाकर नहीं खा सकेगा। उनकी जरूरत की सभी चीजें जेल में ही मुहैया करवाई जाएंगी, जिससे वह किसी भी बाहरी व्यक्ति के संपर्क में नहीं आ सकेंगे।
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203 बंदी रक्षक भी जल्द होंगे तैनात
अल्मोड़ा। राज्य की जेलें कर्मचारियों की कमी से भी जूझ रही हैं। इन तीन जेलों के तैयार होने के बाद यहां पर भी कर्मचारियों की जरूरत पड़ेगी। इसके लिए भी 203 बंदीरक्षकों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। जल्द ही कर्मचारियों की कमी से जूझ रही जेलों को इस समस्या से भी निजात मिलेगी।
तीनों जेल बन जाने के बाद सहूलियतें बढ़ जाएंगी। दूसरी जेलों से मुलजिम भी शिफ्ट किए जाएंगे। यह जेलें आधुनिक तकनीकी से लैस होंगी। जेल के अंदर होने वाली घटनाओं पर भी पूरी तरह से लगाम लगेगी।
- पुष्पक ज्योति, आईजी, जेल (उत्तराखंड)।