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एनडीपीएस एक्ट में आरोपी को दो साल की सजा
Fri, 10 May 2019 12:20 AM IST
बृजमोहन बृजमोहन
अमर उजाला ब्यूरो, पिथौरागढ़।
अमर उजाला ब्यूरो, पिथौरागढ़।
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Fri, 10 May 2019 12:20 AM IST
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प्रतीकात्मक
- फोटो : AMAR UJALA
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विशेष सत्र न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने चरस के एक मामले में आरोपी गौरव अग्रवाल पुत्र अरुण अग्रवाल निवासी 45 कृष्णानगर दुर्गानगर बरेली (उत्तर प्रदेश) को धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट में दो साल की सजा और पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर आरोपी को दो माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
30 अगस्त 2018 को उप निरीक्षक नवीन जोशी और उनके साथी कांस्टेबल लोधिया बैरियर पर वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। सुबह 7:25 बजे अल्मोड़ा की ओर से सफेद रंग की शिफ्ट डिजायर कार संख्या यूपी-25-बीबी 4281 आती हुई दिखाई दी। पुलिस सहायता केंद्र के पास कार को रुकवाया तो गौरव अग्रवाल कार से नहीं उतरा और घबराकर बोला कि उसके पास चरस है और बागेश्वर से लाया है। चरस ड्राइवर की सीट के पीछे वाली जेब में कपड़े की थैली में छुपाकर रखी थी। थैली को खोलकर देखा तो उसमें चरस मिली। मौके पर ही इलेक्ट्रानिक तराजू से चरस को तोला गया तो उसका वजन 200 ग्राम निकला। मौके पर ही आरोपी को गिरफ्तार उसके खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया और बाद में उसे जेल भेज दिया गया। मामले का विचारण विशेष सत्र न्यायाधीश की अदालत में हुआ। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) गिरीश चंद्र फुलारा, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) शेखर चंद्र नैल्वाल, विशेष लोक अभियोजक भूपेंद्र कुमार जोशी ने न्यायालय में नौ गवाह परीक्षित कराए और प्रभावी पैरवी की। न्यायालय में आरोपी पर दोष सिद्ध हुआ।
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30 अगस्त 2018 को उप निरीक्षक नवीन जोशी और उनके साथी कांस्टेबल लोधिया बैरियर पर वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। सुबह 7:25 बजे अल्मोड़ा की ओर से सफेद रंग की शिफ्ट डिजायर कार संख्या यूपी-25-बीबी 4281 आती हुई दिखाई दी। पुलिस सहायता केंद्र के पास कार को रुकवाया तो गौरव अग्रवाल कार से नहीं उतरा और घबराकर बोला कि उसके पास चरस है और बागेश्वर से लाया है। चरस ड्राइवर की सीट के पीछे वाली जेब में कपड़े की थैली में छुपाकर रखी थी। थैली को खोलकर देखा तो उसमें चरस मिली। मौके पर ही इलेक्ट्रानिक तराजू से चरस को तोला गया तो उसका वजन 200 ग्राम निकला। मौके पर ही आरोपी को गिरफ्तार उसके खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया और बाद में उसे जेल भेज दिया गया। मामले का विचारण विशेष सत्र न्यायाधीश की अदालत में हुआ। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) गिरीश चंद्र फुलारा, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) शेखर चंद्र नैल्वाल, विशेष लोक अभियोजक भूपेंद्र कुमार जोशी ने न्यायालय में नौ गवाह परीक्षित कराए और प्रभावी पैरवी की। न्यायालय में आरोपी पर दोष सिद्ध हुआ।
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