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नौलों के जीर्णोद्धार का काम शुरू
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा
Updated Mon, 26 Dec 2016 10:42 PM IST
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नगर और आसपास के क्षेत्रों में स्थित पानी के परंपरागत नौलों की खराब हालत के मुद्दे को अमर उजाला ने पिछले एक साल जोर-शोर से उठाया। इस मुद्दे को लेकर अखबार में अभियान के तौर पर लगातार खबरें छपती रहीं। इसका परिणाम यह रहा कि जिलाधिकारी सविन बंसल ने नौलों के जीर्णोद्धार के लिए योजना शुरू कर दी है। पहले चरण में नगर के तीन नौलों के जीर्णोद्धार का काम शुरू हो गया है।
मालूम हो कि अल्मोड़ा में एक दौर में सौ से अधिक प्राकृतिक नौले थे। हाल के वर्षों में नौलों की हालत बिगड़ती चली गई। इनमें कई नौले तो लोगों के कब्जे में आ गए हैं जबकि कई काफी जीर्ण हालत में हैं। इन नौलों के देखरेख की जिम्मेदारी किसी एजेंसी के पास नहीं होने से भी इनकी दशा लगातार बिगड़ रही है। उपेक्षित हालत में होने के बावजूद कुछ नौले आज भी जिंदा हैं और जब कोसी में बाढ़ आने के कारण नगर में पानी की आपूर्ति ठप होती है तो लोग इन्हीं नौलों का सहारा लेते हैं।
नौलों की खराब हालत का मामला अमर उजाला प्रमुखता से उठाता रहा है। 2016 में भी इस मुद्दे को लेकर अखबार में कई खबरें प्रकाशित की गईं। जिससे इस ओर जिला प्रशासन का ध्यान गया। वर्तमान जिलाधिकारी सविन बंसल ने कार्यभार संभालने के बाद नगर के नौलों को संरक्षित करने के लिए गंभीर प्रयास किए। उन्होंने विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान और जीबी पंत हिमालय पर्यावरण विकास संस्थान के वैज्ञानिकों के अलावा नगर पालिका परिषद, जलसंस्थान और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की बैठक करके नौलों के जीर्णोद्धार की योजना तय की है। बीते दिनों पहले चरण में तीन नौलों के जीर्णोद्धार का काम शुरू हो गया है। इसके बाद अन्य नौलों को भी दुरुस्त किया जाएगा।
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मालूम हो कि अल्मोड़ा में एक दौर में सौ से अधिक प्राकृतिक नौले थे। हाल के वर्षों में नौलों की हालत बिगड़ती चली गई। इनमें कई नौले तो लोगों के कब्जे में आ गए हैं जबकि कई काफी जीर्ण हालत में हैं। इन नौलों के देखरेख की जिम्मेदारी किसी एजेंसी के पास नहीं होने से भी इनकी दशा लगातार बिगड़ रही है। उपेक्षित हालत में होने के बावजूद कुछ नौले आज भी जिंदा हैं और जब कोसी में बाढ़ आने के कारण नगर में पानी की आपूर्ति ठप होती है तो लोग इन्हीं नौलों का सहारा लेते हैं।
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नौलों की खराब हालत का मामला अमर उजाला प्रमुखता से उठाता रहा है। 2016 में भी इस मुद्दे को लेकर अखबार में कई खबरें प्रकाशित की गईं। जिससे इस ओर जिला प्रशासन का ध्यान गया। वर्तमान जिलाधिकारी सविन बंसल ने कार्यभार संभालने के बाद नगर के नौलों को संरक्षित करने के लिए गंभीर प्रयास किए। उन्होंने विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान और जीबी पंत हिमालय पर्यावरण विकास संस्थान के वैज्ञानिकों के अलावा नगर पालिका परिषद, जलसंस्थान और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की बैठक करके नौलों के जीर्णोद्धार की योजना तय की है। बीते दिनों पहले चरण में तीन नौलों के जीर्णोद्धार का काम शुरू हो गया है। इसके बाद अन्य नौलों को भी दुरुस्त किया जाएगा।
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