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Almora News: रानीखेत में बंदरों का आतंक, एक माह में 25 से अधिक लोग घायल

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 23 Oct 2025 10:04 PM IST
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Monkeys wreak havoc in Ranikhet, injuring over 25 people in a month
रानीखेत (अल्मोड़ा)। पर्यटन नगरी रानीखेत सहित आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों में तेंदुए के साथ बंदरों का उत्पात लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। पिछले एक माह में बंदरों के हमले में 25 से अधिक स्थानीय लोग और बच्चे घायल हुए, जिनका अस्पताल में इलाज कराया गया। बंदरों का झुंड सड़कों और गलियों में घूमकर राह चलते पर्यटकों और आम लोगों पर हमला कर रहा है। बंदर न केवल लोगों पर हमला कर रहे हैं, बल्कि घरों में घुसकर खाने-पीने का सामान तक उठा ले जा रहे हैं।
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बागवानी और खेतों में भी ये भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसानों का कहना है कि फसलें पूरी तरह नष्ट हो रही हैं। उनके लिए बीज मिलना भी मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह और शाम के समय बंदरों का आतंक इतना बढ़ गया है कि बच्चों और बुजुर्गों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। पर्यटक स्थलों पर भी बंदरों के झुंड ने लोगों की नाक में दम कर रखा है। कई बार पर्यटक उनके डर से बीच रास्ते से ही लौट जाते हैं। ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन से बंदरों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने और बंदरों को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर करने करी मांग की है। संवाद
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लोग बोले
बंदरों के आतंक से अब अकेले घर से निकलना मुश्किल हो गया है। रास्तों पर झुंड के रूप में बंदर हमला कर देते हैं। प्रशासन को जल्द इनसे मुक्ति दिलाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। - कुलदीप कुमार

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बंदर छोटे बच्चों पर हमला कर उन्हें घायल कर रहे हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि बच्चों को अब अकेले घर से बाहर भेजने में भी डर लगने लगा है। - मयंक पंत
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बंदर पूरी तरह से खेती चौपट कर रहे हैं। किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। सरकार को इनके आतंक से मुक्ति दिलाने के लिए ठोस नीति बनानी होगी। - मनोज सिंह महरा
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कोट- वन विभाग समय-समय पर बंदरों को पकड़ने के लिए अभियान चलाता रहता है। जल्द ही इन्हें पकड़कर इनके उत्पात को कम करने के लिए ठोस रणनीति बनाई जाएगी। : तापस मिश्रा, वन क्षेत्राधिकारी, रानीखेत ।
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